पंजाब विधानसभा में ई20 फ्यूल के खिलाफ प्रस्ताव पास, 'आप' ने केंद्र की नीति और भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को घेरा
सारांश
मुख्य बातें
पंजाब विधानसभा ने सोमवार, 4 अगस्त 2025 को केंद्र सरकार की ई20 इथेनॉल-ब्लेंडेड पेट्रोल नीति के विरोध में एक प्रस्ताव पारित किया। आम आदमी पार्टी (AAP) के मंत्रियों ने सदन में केंद्र पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि यह नीति आम नागरिकों के वाहनों को नुकसान पहुँचा रही है। इसके साथ ही वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने हाईकोर्ट के आदेश के बाद डीए बकाया भुगतान पर सरकार की स्थिति स्पष्ट की।
ई20 फ्यूल विरोध: प्रस्ताव का स्वरूप और पृष्ठभूमि
कैबिनेट मंत्री मोहिंदर भगत ने कहा, 'पूरे देश में ई20 फ्यूल को लेकर बहस चल रही है और हमारी आम आदमी पार्टी के प्रमुख, अरविंद केजरीवाल ने यह मुद्दा उठाया है। पेट्रोल में ई20 इथेनॉल-ब्लेंडेड फ्यूल मिलाया जा रहा है और इसकी वजह से आम लोगों के दो-पहिया और चार-पहिया वाहन खराब हो रहे हैं। जनता के हितों का ध्यान रखना और इस मुद्दे का समाधान करना सरकार की जिम्मेदारी है।'
मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल ने इस प्रस्ताव को ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा, 'मेरा मानना है कि भगवंत मान के नेतृत्व में पंजाब विधानसभा ने आज जो किया है, वह अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया द्वारा शुरू किए गए अभियान को आगे बढ़ाता है। उन्होंने पहले दिल्ली में ई20 के मुद्दे पर मार्च निकाला था। आज पास हुआ प्रस्ताव केंद्र सरकार की नीति के खिलाफ है और भारत-अमेरिका व्यापार समझौते का विरोध करता है।' गौरतलब है कि केजरीवाल ने इससे पहले दिल्ली में इस मुद्दे पर सड़क मार्च का नेतृत्व किया था, और पंजाब का यह प्रस्ताव उसी अभियान की विधायी कड़ी माना जा रहा है।
डीए बकाया: ₹14,191 करोड़ का मामला और भुगतान की स्थिति
वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि पे कमीशन की रिपोर्ट 2016 में आई थी, लेकिन तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने इसे लागू करने में पाँच वर्ष लगा दिए और 2022 में चुनावों से पहले इसे लागू किया। उन्होंने कहा, 'यह रिपोर्ट पंजाब में अकाली दल-भाजपा सरकार के समय तैयार की गई थी। इसलिए 2016 से 2022 तक की अवधि के लिए बकाया राशि ₹14,191 करोड़ बनी।'
चीमा के अनुसार, सरकार ने हाईकोर्ट में एक भुगतान योजना प्रस्तुत की जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया। उन्होंने कहा कि पिछले तीन वर्षों में सरकार ने कर्मचारियों को लगभग ₹6,000 करोड़ का भुगतान किया है और यह क्रम जारी है।
कांग्रेस पर तंज: 'डूबता जहाज' और नेतृत्व की कलह
चीमा ने कांग्रेस की आंतरिक स्थिति पर कटाक्ष करते हुए कहा, 'कांग्रेस पार्टी कई तरह की बीमारियों से जूझ रही है। देश में कांग्रेस पार्टी एक डूबते हुए जहाज की तरह है और पंजाब में तो यह पूरी तरह डूब चुकी है।' उन्होंने यह भी दावा किया कि पंजाब में कांग्रेस के कई नेता AAP के संपर्क में हैं और पार्टी में शामिल होने की इच्छा जता रहे हैं, हालाँकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी को भी शामिल करने से पहले उनके पृष्ठभूमि की जाँच की जाएगी।
मंत्री मोहिंदर भगत ने भी कांग्रेस नेताओं की महत्वाकांक्षाओं पर चुटकी लेते हुए कहा, 'ऐसा लगता है कि उनके सभी नेताओं की बस एक ही महत्वाकांक्षा, मुख्यमंत्री बनना है। किसी को इस बात की चिंता नहीं है कि पार्टी को बहुमत मिलेगा या नहीं।'
AAP सरकार की उपलब्धियों का बखान
कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां ने कहा कि पिछले साढ़े चार वर्षों में AAP सरकार ने पानी, बिजली, नौकरी, अस्पताल और ₹10 लाख के हेल्थ इंश्योरेंस कार्ड जैसी सुविधाएँ आम जनता को दी हैं। उन्होंने कहा, 'आज भी पंजाब की जनता आम आदमी पार्टी के साथ है।' खुड्डियां ने शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के क्षेत्र में किए गए कार्यों को सरकार की प्राथमिकता बताया।
आगे क्या
पंजाब विधानसभा में पारित यह प्रस्ताव केंद्र सरकार के लिए बाध्यकारी नहीं है, लेकिन यह राजनीतिक दबाव का एक औजार है। यह ऐसे समय में आया है जब AAP राष्ट्रीय स्तर पर ई20 नीति को एक जन-मुद्दे के रूप में स्थापित करने की कोशिश कर रही है। अगले विधानसभा सत्र में डीए भुगतान की अगली किस्त और ई20 पर केंद्र की प्रतिक्रिया पर नज़रें टिकी रहेंगी।