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पुरी रथ यात्रा में भगदड़ जैसी स्थिति: एक बुजुर्ग की मौत, करीब 200 श्रद्धालु अस्पताल में भर्ती

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पुरी रथ यात्रा में भगदड़ जैसी स्थिति: एक बुजुर्ग की मौत, करीब 200 श्रद्धालु अस्पताल में भर्ती

सारांश

पुरी रथ यात्रा 2025 में लाखों की भीड़ और लगातार बारिश के बीच मरीचि कुंड चौक के पास भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। एक बुजुर्ग की कथित मौत और करीब 200 श्रद्धालुओं के अस्पताल में भर्ती होने की खबर है, लेकिन अधिकारियों ने अभी तक कोई पुष्टि नहीं की है।

मुख्य बातें

पुरी रथ यात्रा के दौरान 16 जुलाई को मरीचि कुंड चौक के पास भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न हुई।
एक बुजुर्ग व्यक्ति की मौत की खबर है; मौत और भगदड़ की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई।
करीब 40 से 50 लोग एक-दूसरे के ऊपर गिरे; 4-5 लोगों को गंभीर चोटें आई हैं।
सूत्रों के अनुसार, करीब 200 मरीजों को पुरी के अस्पतालों और अस्थायी स्वास्थ्य केंद्रों में भर्ती कराया गया।
अभूतपूर्व भीड़ और लगातार बारिश को घटना का प्रमुख कारण बताया जा रहा है।
12वीं शताब्दी के श्री जगन्नाथ मंदिर से 'पहंडी बीजे' अनुष्ठान के साथ रथ यात्रा की शुरुआत हुई, जो दो घंटे की देरी से पूरी हुई।

ओडिशा के पवित्र तटीय शहर पुरी में 16 जुलाई को विश्व प्रसिद्ध रथ यात्रा उत्सव के दौरान कथित भगदड़ जैसी स्थिति में दम घुटने से एक बुजुर्ग व्यक्ति की मौत हो गई। हालाँकि, इस मौत और भगदड़ की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। सूत्रों के अनुसार, अभूतपूर्व भीड़ और लगातार बारिश के बीच घुटन तथा विभिन्न चोटों की शिकायत करने वाले करीब 200 मरीजों को पुरी के अस्पतालों और अस्थायी स्वास्थ्य केंद्रों में भर्ती कराया गया है।

मुख्य घटनाक्रम

घटनास्थल पर मौजूद एक श्रद्धालु ने बताया कि मरीचि कुंड चौक के पास या तो बाहरी घेरे की रस्सी की बैरिकेड गिर गई, या कुछ लोग अपना संतुलन खो बैठे और सड़क पर गिर पड़े। उनके अनुसार, करीब 40 से 50 लोग एक-दूसरे के ऊपर गिरे, जिससे कई श्रद्धालु घायल हुए और चार से पाँच लोगों को गंभीर चोटें आई हैं।

उस श्रद्धालु ने यह भी बताया कि उन्होंने खुद करीब 20 लोगों को बचाया और उन्हें एम्बुलेंस से अस्पताल पहुँचाया। बाद में उन्हें एक बुजुर्ग व्यक्ति की मौत की जानकारी मिली। यह ध्यान देने योग्य है कि ये विवरण एक प्रत्यक्षदर्शी के बयान पर आधारित हैं और अधिकारियों द्वारा अभी तक स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं किए गए हैं।

भीड़ और मौसम की दोहरी चुनौती

गुरुवार को पुरी में लाखों श्रद्धालु रथ यात्रा के दर्शन के लिए उमड़े। सूत्रों ने दावा किया कि इस वर्ष भीड़ अभूतपूर्व रही और ऊपर से लगातार बारिश ने स्थिति को और जटिल बना दिया। इन दोनों कारकों के संयोजन ने घुटन और दुर्घटनाओं का जोखिम बढ़ा दिया। यह ऐसे समय में आया है जब बड़े धार्मिक आयोजनों में भीड़ प्रबंधन की चुनौतियाँ राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बनी हुई हैं।

रथ यात्रा का आयोजन

विश्व प्रसिद्ध वार्षिक रथ यात्रा उत्सव की शुरुआत निर्धारित समय से पहले 'पहंडी बीजे' अनुष्ठान के साथ हुई। इस अनुष्ठान में पवित्र भाई-बहनों और अन्य देवी-देवताओं को 12वीं शताब्दी के श्री जगन्नाथ मंदिर से उनके सजे-धजे रथों तक भव्य जुलूस में ले जाया गया। घंटा, कहली और तेलिंगी बाजा जैसे पारंपरिक वाद्ययंत्रों की ध्वनि के बीच पुजारियों ने वैदिक मंत्रों का जाप किया और पारंपरिक ओडिसी कलाकारों ने नृत्य प्रस्तुतियाँ दीं।

देवताओं को गुंडिचा मंदिर में नौ दिवसीय प्रवास के लिए ले जाया गया। हालाँकि 'पहंडी बीजे' की रस्में निर्धारित समय से पहले शुरू हुईं, उनके समापन में दो घंटे से अधिक की देरी हुई।

आधिकारिक प्रतिक्रिया और आगे की स्थिति

अभी तक प्रशासन की ओर से मौत या भगदड़ की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं आई है। गौरतलब है कि इस प्रकार के बड़े धार्मिक आयोजनों में भीड़ प्रबंधन की विफलता पहले भी त्रासदियों का कारण बन चुकी है। आने वाले घंटों में प्रशासनिक बयान और घायलों की स्थिति की जानकारी अपेक्षित है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि योजना की खामी का संकेत है। गौरतलब है कि पिछले कुछ वर्षों में देश के कई धार्मिक स्थलों पर इसी तरह की घटनाएँ हो चुकी हैं, फिर भी व्यवस्थागत सुधार की रफ़्तार धीमी रही है। आधिकारिक पुष्टि का अभाव पारदर्शिता पर भी सवाल खड़ा करता है।
RashtraPress
16 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पुरी रथ यात्रा 2025 में भगदड़ जैसी स्थिति कहाँ और कैसे बनी?
16 जुलाई को पुरी के मरीचि कुंड चौक के पास बाहरी घेरे की रस्सी की बैरिकेड के गिरने या लोगों के संतुलन खोने से करीब 40 से 50 श्रद्धालु एक-दूसरे के ऊपर गिर गए। लाखों की भीड़ और लगातार बारिश के बीच यह स्थिति उत्पन्न हुई।
रथ यात्रा भगदड़ में कितने लोग हताहत हुए?
एक प्रत्यक्षदर्शी श्रद्धालु के अनुसार एक बुजुर्ग व्यक्ति की मौत हुई और 4 से 5 लोगों को गंभीर चोटें आई हैं। सूत्रों के दावे के मुताबिक करीब 200 मरीजों को पुरी के अस्पतालों में भर्ती कराया गया, हालाँकि अधिकारियों ने अभी तक इसकी पुष्टि नहीं की है।
क्या पुरी रथ यात्रा भगदड़ की आधिकारिक पुष्टि हुई है?
नहीं। 16 जुलाई तक न तो मौत की और न ही भगदड़ जैसी स्थिति की कोई आधिकारिक पुष्टि प्रशासन की ओर से आई है। उपलब्ध जानकारी प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और सूत्रों के दावों पर आधारित है।
पुरी रथ यात्रा 2025 का 'पहंडी बीजे' अनुष्ठान क्या है?
'पहंडी बीजे' वह अनुष्ठान है जिसमें भगवान जगन्नाथ और उनके दिव्य भाई-बहनों को 12वीं शताब्दी के श्री जगन्नाथ मंदिर से उनके सजे-धजे रथों तक भव्य जुलूस में ले जाया जाता है। इस वर्ष यह अनुष्ठान निर्धारित समय से पहले शुरू हुआ, लेकिन दो घंटे से अधिक की देरी से पूरा हुआ।
रथ यात्रा में इतनी बड़ी भीड़ क्यों उमड़ी और यह खतरनाक क्यों बना?
पुरी रथ यात्रा विश्व प्रसिद्ध वार्षिक उत्सव है जिसमें हर वर्ष लाखों श्रद्धालु देश-विदेश से आते हैं। इस बार अभूतपूर्व भीड़ और लगातार बारिश के संयोजन ने संकरे इलाकों में घुटन और दुर्घटनाओं का जोखिम बढ़ा दिया, जो इस हादसे की प्रमुख वजह बताई जा रही है।
राष्ट्र प्रेस
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