पूर्व डीजीपी एसपी वैद का राहुल गांधी पर संसद की गरिमा को ठेस पहुंचाने का आरोप

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पूर्व डीजीपी एसपी वैद का राहुल गांधी पर संसद की गरिमा को ठेस पहुंचाने का आरोप

सारांश

जम्मू-कश्मीर के पूर्व डीजीपी एसपी वैद ने राहुल गांधी पर संसद की गरिमा को ठेस पहुंचाने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की घटनाएं देश में आक्रोश का कारण बन रही हैं।

Key Takeaways

  • राहुल गांधी पर संसद की गरिमा को ठेस पहुंचाने का आरोप।
  • एसपी वैद ने गंभीरता की कमी पर चिंता व्यक्त की।
  • संसद में सभी मुद्दों पर खुलकर चर्चा होनी चाहिए।
  • विपक्ष को संकट के समय सकारात्मक भूमिका निभानी चाहिए।
  • पाकिस्तान की कार्रवाई की निंदा की गई।

जम्मू, १७ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। जम्मू-कश्मीर के पूर्व डीजीपी एसपी वैद ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर संसद की गरिमा को ठेस पहुंचाने का आरोप लगाया है।

जम्मू में पूर्व डीजीपी एसपी वैद ने समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि संसद की सीढ़ियों पर धरने पर बैठकर चाय-बिस्किट का सेवन किया गया और नारेबाजी की गई। यह संसद की गरिमा को ठेस पहुंचाता है। राहुल गांधी और उनके साथियों ने संसद की गरिमा को ठेस पहुंचाया है और अंततः हमें पत्र लिखने के लिए मजबूर होना पड़ा।

उन्होंने कहा कि स्पीकर ओम बिरला ने सभी सदस्यों से अपील की है कि सांसद सदन की गरिमा बनाए रखें, इसके बावजूद ऐसी घटनाएं हुईं। देश में इस पर आक्रोश व्याप्त है। विभिन्न सेवाओं से जुड़े पूर्व अधिकारियों ने इस मुद्दे पर पत्र लिखकर कहा कि राहुल गांधी को अपनी जिम्मेदारी का अहसास होना चाहिए और अपने व्यवहार के लिए देश से माफी मांगनी चाहिए।

पूर्व डीजीपी एसपी वैद ने कहा कि राहुल गांधी के व्यवहार में गंभीरता की कमी दिखाई देती है। उन्हें यह समझना चाहिए कि वे कितने महत्वपूर्ण पद पर हैं। जब वे बोलते हैं, तो लोग उन्हें सुनना चाहते हैं, लेकिन हर बार लोगों को निराशा का सामना करना पड़ता है। वे मुद्दों को प्रभावशाली तरीके से नहीं उठा पाते हैं, न ही सरकार को घेर पाते हैं, बल्कि इधर-उधर की बातें करते हैं। इसी कारण वे कई बार हंसी का पात्र बन जाते हैं। उन्हें समझना चाहिए कि नेता प्रतिपक्ष (एलओपी) का पद कितना महत्वपूर्ण है।

उन्होंने कहा, “हमारे टैक्स के पैसे से संसद चलती है, इसलिए हर मिनट का सदुपयोग होना चाहिए। देश के सभी ज्वलंत मुद्दों पर चर्चा होनी चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है।”

मिडिल ईस्ट संघर्ष को लेकर पूर्व डीजीपी एसपी वैद ने कहा कि भारत ने कोई युद्ध शुरू नहीं किया है, लेकिन इस समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री ने जिस तरह से दो जहाजों को सुरक्षित निकाला, वह एक बड़ी उपलब्धि है। चीन के बाद केवल भारत के जहाजों को ही रास्ता दिया गया। भारत सरकार ऐसे संकट में भी लगातार अपनी भूमिका निभा रही है।

उन्होंने कहा कि विपक्ष को इस संकट के समय सरकार के साथ मिलकर काम करना चाहिए और यह सोचना चाहिए कि वे क्या योगदान दे सकते हैं। इसके बजाय, वे एलपीजी संकट को लेकर अनावश्यक घबराहट फैला रहे हैं। यह भारत की अपनी आपदा नहीं है, बल्कि एक वैश्विक स्थिति है, जिससे निकलना हमारी कुशलता पर निर्भर करेगा।

पाकिस्तान द्वारा अफगानिस्तान पर की गई एयर स्ट्राइक पर उन्होंने कहा कि यह बेहद निंदनीय है। पाकिस्तान, खासकर वहां के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल असीम मुनीर, जिस तरह की कार्रवाई कर रहे हैं, उसमें ४०० से अधिक लोगों की मौत और २५० से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। भारत सरकार ने इसकी निंदा की है और पूरा देश इस समय अफगानिस्तान के साथ खड़ा है। पाकिस्तान का यह घमंड उसे भारी पड़ेगा। अगर असीम मुनीर इसी तरह चलते रहे, तो पाकिस्तान के हालात और बिगड़ सकते हैं।

संघ को लेकर एक रिपोर्ट पर कांग्रेसी नेताओं के समर्थन पर पूर्व डीजीपी एसपी वैद ने कहा कि संघ पर प्रतिबंध लगाने की बात उचित नहीं है। संघ देशभक्ति की भावना को बढ़ावा देता है, परिवार और समाज को जोड़ने का काम करता है। कांग्रेस इस मुद्दे पर राजनीति कर रही है और वही भाषा बोल रही है जो पाकिस्तान बोलता है।

इस्लामोफोबिया के मुद्दे पर पूर्व डीजीपी एसपी वैद ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र में भी इस विषय पर पाकिस्तान की आलोचना की गई है। भारत सरकार का रुख बिल्कुल सही है।

Point of View

NationPress
19/03/2026

Frequently Asked Questions

राहुल गांधी पर आरोप क्यों लगाए गए हैं?
पूर्व डीजीपी एसपी वैद ने आरोप लगाया है कि राहुल गांधी और उनके साथियों ने संसद की गरिमा को ठेस पहुंचाई है।
क्या संसद की गरिमा का ध्यान रखना आवश्यक है?
हां, संसद की गरिमा बनाए रखना सभी सांसदों की जिम्मेदारी है।
राहुल गांधी को क्या करना चाहिए?
उन्हें अपनी जिम्मेदारी का अहसास होना चाहिए और अपने व्यवहार के लिए माफी मांगनी चाहिए।
क्या एसपी वैद के आरोपों का कोई असर होगा?
यह आरोप देश में आक्रोश का कारण बन सकते हैं और राजनीतिक विमर्श को प्रभावित कर सकते हैं।
क्या विपक्ष को सरकार के साथ मिलकर काम करना चाहिए?
हां, संकट के समय विपक्ष को सरकार के साथ मिलकर काम करना चाहिए।
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