कर्नाटक में 'खटाखट' गारंटी बनी 'कटौती गारंटी': भाजपा नेता आर. अशोक का कांग्रेस पर तीखा हमला
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक में विपक्ष के नेता और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता आर. अशोक ने 1 सितंबर को कांग्रेस सरकार पर गंभीर आरोप लगाए — कि वह अपनी गारंटी योजनाओं के लाभार्थियों की संख्या घटाने के लिए राज्यभर में बड़े पैमाने पर पुनः सत्यापन (री-वेरिफिकेशन) अभियान चला रही है। अशोक ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के चर्चित 'खटाखट' नारे को निशाना बनाते हुए कहा कि कर्नाटक में इसका 'असली अर्थ' अब सामने आ गया है।
'खटाखट' से 'कटौती' तक का सफर
अशोक ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए कहा, 'कर्नाटक के लोगों से कहा गया था कि खटाखट, खटाखट का मतलब है लोगों तक तेजी से गारंटी पहुँचना। तीन साल बाद, कांग्रेस कर्नाटक को सिखा रही है कि खटाखट का असली मतलब क्या है — लाभार्थियों की संख्या में कटौती करना।' गौरतलब है कि राहुल गांधी ने गारंटी योजनाओं की शुरुआत के समय इस शब्द का इस्तेमाल लाभार्थियों के खातों में त्वरित और निरंतर धनराशि हस्तांतरण के संदर्भ में किया था।
री-वेरिफिकेशन अभियान पर आरोप
अशोक ने आरोप लगाया कि राज्य के खजाने पर बढ़ते वित्तीय दबाव के चलते कांग्रेस सरकार ने वार्ड और पंचायत स्तर पर 6-सदस्यीय समितियाँ गठित की हैं। उनके अनुसार, लगभग 4,600 समिति सदस्यों को मोबाइल ऐप के साथ घर-घर भेजा जा रहा है, जहाँ वे लाभार्थियों से तस्वीरें, दस्तावेज़ और फोन नंबर एकत्र कर रहे हैं। उन्होंने इस पूरी प्रक्रिया को 'सरकारी उत्पीड़न' की संज्ञा दी।
वादे और हकीकत का अंतर्विरोध
अशोक ने तीखे शब्दों में कहा, 'वादा — वोट पाने के लिए धड़ाधड़ कैश और फायदे बाँटना। हकीकत — राजनीतिक हथकंडों के लिए सरकारी खजाना धड़ाधड़ खाली करना। धोखा — लाभार्थियों के नाम धड़ाधड़ हटाने के लिए वार्ड और पंचायत स्तर पर 6-सदस्यीय कमेटियाँ तैनात करना।' उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इस अभियान का असली मकसद सरकार के कथित वित्तीय कुप्रबंधन को छिपाना है।
गांधी परिवार पर निशाना
अशोक ने कहा कि राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने जिन योजनाओं को 'बिना शर्त गारंटी' के रूप में प्रस्तुत किया था, वे अब 'एग्जिट क्लॉज़ वाली गारंटी' में तब्दील हो गई हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार से सीधे मुखातिब होते हुए कहा, 'री-वेरिफिकेशन वाले ऐप्स की आड़ लेना बंद कीजिए। मान लीजिए कि आपकी गारंटी कर्नाटक की जनता के साथ एक धोखा था।'
आगे क्या
कांग्रेस सरकार की ओर से इन आरोपों पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यह विवाद ऐसे समय में उठा है जब कर्नाटक सरकार पर राजकोषीय घाटे और कल्याणकारी योजनाओं के वित्तपोषण को लेकर पहले से सवाल उठाए जा रहे हैं। भाजपा के इस हमले से राज्य में राजनीतिक तापमान और बढ़ने की संभावना है।