भारत की 7.7% GDP वृद्धि पर राजनाथ सिंह बोले — 'रिफॉर्म, परफॉर्म, ट्रांसफॉर्म' का नतीजा
सारांश
मुख्य बातें
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 7 जून 2025 को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के ज़रिए वित्त वर्ष 2025-26 में भारत की 7.7 प्रतिशत GDP वृद्धि को देश की आर्थिक मज़बूती का प्रमाण बताया। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि पिछले 12 वर्षों में 'रिफॉर्म, परफॉर्म, ट्रांसफॉर्म' के मंत्र से तैयार किए गए ठोस आधार का परिणाम है। चौथी तिमाही में यह रफ्तार बढ़कर 7.8 प्रतिशत तक पहुँच गई।
राजनाथ सिंह का बयान
राजनाथ सिंह ने अपनी एक्स पोस्ट में लिखा, 'ऐसे समय में जब कई देश आर्थिक अनिश्चितता का सामना कर रहे हैं, भारत दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था के तौर पर अपनी अलग पहचान बनाए हुए है।' उन्होंने आगे जोड़ा कि वित्त वर्ष 2025-26 में 7.7 प्रतिशत और चौथी तिमाही में 7.8 प्रतिशत की वृद्धि दर उस नींव की गवाह है जो बीते एक दशक से अधिक समय में तैयार की गई है।
PM मोदी के नेतृत्व की प्रशंसा
राजनाथ सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व को विशेष रूप से रेखांकित किया। उनके अनुसार, 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने आर्थिक विकास के साथ-साथ स्थिरता, आत्मविश्वास, टिकाऊपन और विश्वसनीयता को भी आगे बढ़ाया है।' उन्होंने इनोवेशन, इंफ्रास्ट्रक्चर और उद्यमिता पर मोदी के ध्यान को भारत की वैश्विक साख के लिए ज़िम्मेदार ठहराया।
विकसित भारत के विज़न से जुड़ाव
राजनाथ सिंह ने यह भी कहा कि जैसे-जैसे भारत 'विकसित भारत' के विज़न की ओर बढ़ रहा है, विकास की यह गति '140 करोड़ भारतीयों की उम्मीदों को मज़बूत कर रही है।' यह बयान ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्तर पर कई प्रमुख अर्थव्यवस्थाएँ धीमी पड़ रही हैं और भू-राजनीतिक तनाव निवेशकों की धारणा को प्रभावित कर रहे हैं।
अमित शाह की प्रतिक्रिया
राजनाथ सिंह से एक दिन पहले, शुक्रवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी एक्स पर इसी आँकड़े पर प्रसन्नता जताई। शाह ने लिखा, 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से शुरू किए गए दूरदर्शी आर्थिक सुधार देश में आर्थिक समृद्धि को निरंतर गति दे रहे हैं।' उन्होंने महामारी और युद्ध जैसी वैश्विक चुनौतियों के बीच भारत की 7.7 प्रतिशत की वृद्धि दर को 'पिछले 12 वर्षों की आर्थिक मज़बूती का प्रमाण' बताया।
आर्थिक संदर्भ
गौरतलब है कि यह आँकड़ा ऐसे समय में सामने आया है जब अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) सहित कई वैश्विक संस्थाएँ भारत को दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था के रूप में प्रक्षेपित कर रही हैं। चौथी तिमाही की 7.8 प्रतिशत की रफ्तार यह संकेत देती है कि वित्त वर्ष के अंत में गति और तेज़ हुई, जो अगले वर्ष के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।