राम मंदिर दान गबन कांड: 7 आरोपियों से ₹79.85 लाख बरामद, SIT जांच में बड़े खुलासे
सारांश
मुख्य बातें
अयोध्या के श्री राम जन्मभूमि मंदिर में श्रद्धालुओं के चढ़ावे और दान की राशि के गबन मामले में विशेष जांच टीम (SIT) की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे मंदिर कर्मचारियों के बीच गहरे गठजोड़ की परतें खुलती जा रही हैं। 1 जुलाई 2026 तक उपलब्ध दस्तावेजों के अनुसार, आठ में से सात आरोपियों से कुल ₹79.85 लाख नकद बरामद किए जा चुके हैं। आधिकारिक रिकॉर्ड में यही राशि दर्ज है, हालाँकि रिपोर्टों के अनुसार वास्तविक गबन इससे कहीं अधिक हो सकता है।
किससे कितनी राशि बरामद हुई
अदालत में प्रस्तुत दस्तावेजों के अनुसार, अविनाश शुक्ला से सर्वाधिक ₹20.39 लाख बरामद किए गए। उनके परिसर से जब्त नकदी में 500 रुपए के 3,600 से अधिक नोट, 200 रुपए के 500 से अधिक नोट और छोटे मूल्यवर्ग के नोट शामिल थे — जो स्पष्ट रूप से मंदिर की दान पेटियों से प्राप्त चढ़ावे की ओर इशारा करते हैं। पुलिस ने उनके पास से अमेरिकी डॉलर और अन्य विदेशी मुद्रा भी जब्त की।
करुणेश पांडे से ₹18.07 लाख, अनुकल्प मिश्रा से ₹16.82 लाख और लवकुश मिश्रा से ₹14.25 लाख बरामद किए गए। रामाशंकर मिश्रा के पास से ₹7.32 लाख नकद और कुछ चाँदी सहित सफेद धातुएँ भी जब्त की गईं।
मनीष कुमार यादव और राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव से क्रमशः ₹2 लाख और ₹1 लाख बरामद हुए, जो कथित तौर पर श्रद्धालुओं के चढ़ावे से चुराए गए थे। टिन्नू यादव को इस कांड के सबसे चर्चित चेहरे के रूप में जाना जा रहा है।
गिरफ्तार आरोपी और आरोप
SIT के गठन के बाद पुलिस ने कुल आठ लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडे, रामशंकर मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव और रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव शामिल हैं। इन सभी पर मंदिर की दान पेटियों से नकदी और कीमती सामान की हेराफेरी करने की साजिश रचने का आरोप है। आठवें आरोपी सुभाष श्रीवास्तव से अब तक बरामदगी के आँकड़े सार्वजनिक नहीं हुए हैं।
जांच में सामने आया गठजोड़
जांच के दौरान यह स्पष्ट हुआ है कि आरोपियों ने मंदिर प्रशासन के नियमों का व्यवस्थित उल्लंघन करते हुए एक संगठित तरीके से धनराशि का गबन किया। विभिन्न मूल्यवर्ग के नोटों की बरामदगी — विशेषकर छोटे नोट जो आमतौर पर चढ़ावे में आते हैं — यह संकेत देती है कि दान पेटियों से सीधे नकदी निकाली जाती थी। यह ऐसे समय में सामने आया है जब राम मंदिर देश भर के करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बना हुआ है।
आगे क्या होगा
SIT अदालत में दस्तावेज प्रस्तुत कर चुकी है और जांच जारी है। रिपोर्टों के अनुसार, कथित गबन की वास्तविक राशि आधिकारिक रिकॉर्ड में दर्ज ₹79.85 लाख से कहीं अधिक हो सकती है, क्योंकि करोड़ों रुपए और कीमती सामान की चोरी की भी खबरें हैं। मामले की अगली सुनवाई में और खुलासे होने की संभावना है।