जैसलमेर के रामदेवरा में बाबा रामदेवजी के 642वें मेले का शुभारंभ, देशभर से उमड़े लाखों श्रद्धालु
सारांश
मुख्य बातें
राजस्थान के जैसलमेर जिले में स्थित पवित्र धर्मस्थली रामदेवरा धाम में 13 सितंबर 2026 (रविवार) को लोकदेवता बाबा रामदेवजी के 642वें वार्षिक मेले का विधिवत शुभारंभ हुआ। पश्चिमी राजस्थान के महाकुंभ के नाम से विख्यात यह मेला बाबा रामदेवजी की समाधि स्थल पर आरती और पंचामृत अभिषेक के साथ शुरू हुआ, और देशभर से उमड़े श्रद्धालुओं की आस्था का अपार सैलाब रामदेवरा में देखने को मिला।
मुख्य उद्घाटन कार्यक्रम
बाबा रामदेवजी के वंशजों ने समाधि स्थल पर वैदिक विधि-विधान के साथ पंचामृत अभिषेक किया। इसके उपरांत जिला कलेक्टर अनुपमा जोरवाल और जिला पुलिस अधीक्षक अभिषेक शिवहरे ने बाबा की समाधि पर मखमली चादर अर्पित की। सुबह की आरती के साथ मेले का औपचारिक शुभारंभ संपन्न हुआ। इस अवसर पर समाधि समिति के सदस्य और बाबा के वंशज भी उपस्थित रहे।
मेले के आरंभ होते ही मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें दृष्टिगोचर हुईं। बाबा की समाधि के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में भक्तगण पहुँचे, जिससे रामदेवरा का पूरा परिवेश आस्था और भक्ति से सराबोर हो गया।
प्रशासन की व्यवस्थाएँ
जिला कलेक्टर अनुपमा जोरवाल ने मीडिया से बातचीत में बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। लंबी कतारों में खड़े भक्तों के लिए पेयजल की विशेष व्यवस्था की गई है। गर्मी और भीड़ को ध्यान में रखते हुए मेला क्षेत्र में फॉगिंग मशीन से नियमित छिड़काव कराया जा रहा है।
इसके साथ ही महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है और विभिन्न स्थानों पर स्वास्थ्य चौकियाँ स्थापित की गई हैं, जहाँ आवश्यकता पड़ने पर श्रद्धालुओं को प्राथमिक चिकित्सा उपलब्ध कराई जाएगी। रुणीचा सरोवर पर किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए एसडीआरएफ की टीमें भी मुस्तैद रखी गई हैं।
जोरवाल ने यह भी बताया कि इस बार मेला विशेष परिस्थितियों में हो रहा है, क्योंकि निकाय चुनाव भी निकट हैं, इसलिए कानून व्यवस्था को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है। उन्होंने बाबा रामदेवजी को सामाजिक समरसता के देवता बताते हुए कहा कि बाबा ने सदैव बिना किसी भेदभाव के सभी की सेवा की।
सुरक्षा व्यवस्था
एसपी अभिषेक शिवहरे ने जानकारी दी कि इस वर्ष सुरक्षा प्रबंध पहले से कहीं अधिक व्यापक किए गए हैं। मेला क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि की गई है। भीड़ के दबाव को नियंत्रित रखने और भगदड़ जैसी किसी दुर्घटना को रोकने के लिए लोहे की जालियाँ लगाई गई हैं।
मेले में सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए 2,000 से अधिक पुलिसकर्मियों एवं सुरक्षा जवानों को तैनात किया गया है। प्रवेश और निकास मार्गों, भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों तथा प्रमुख स्थलों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।
बाबा रामदेवजी का ऐतिहासिक महत्व
गौरतलब है कि बाबा रामदेवजी को पश्चिमी राजस्थान में लोक देवता के रूप में पूजा जाता है। रामदेवरा धाम हिंदू और मुस्लिम, दोनों समुदायों के लिए समान रूप से श्रद्धा का केंद्र है, जो बाबा की सामाजिक समरसता की विरासत को दर्शाता है। यह मेला प्रतिवर्ष भाद्रपद शुक्ल पक्ष में आयोजित होता है और इसे पश्चिमी राजस्थान के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में गिना जाता है।
आने वाले दिनों में श्रद्धालुओं की संख्या में और वृद्धि की संभावना है, और प्रशासन किसी भी चुनौती से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।