13 सितंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

जैसलमेर के रामदेवरा में बाबा रामदेवजी के 642वें मेले का शुभारंभ, देशभर से उमड़े लाखों श्रद्धालु

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
जैसलमेर के रामदेवरा में बाबा रामदेवजी के 642वें मेले का शुभारंभ, देशभर से उमड़े लाखों श्रद्धालु

सारांश

पश्चिमी राजस्थान के महाकुंभ कहे जाने वाले बाबा रामदेवजी के 642वें मेले का रामदेवरा धाम में विधिवत शुभारंभ हो गया। देशभर से श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ा, जबकि 2,000 से अधिक सुरक्षाकर्मी, एसडीआरएफ टीमें और स्वास्थ्य चौकियाँ तैनात हैं।

मुख्य बातें

13 सितंबर 2026 को रामदेवरा धाम, जैसलमेर में बाबा रामदेवजी के 642वें वार्षिक मेले का शुभारंभ हुआ।
जिला कलेक्टर अनुपमा जोरवाल और एसपी अभिषेक शिवहरे ने बाबा की समाधि पर मखमली चादर अर्पित कर मेले का उद्घाटन किया।
सुरक्षा के लिए 2,000 से अधिक पुलिसकर्मी और सुरक्षा जवान तैनात; मेला क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरे बढ़ाए गए।
रुणीचा सरोवर पर एसडीआरएफ टीमें तैनात; अलग-अलग स्थानों पर स्वास्थ्य चौकियाँ और फॉगिंग व्यवस्था।
निकाय चुनाव की पृष्ठभूमि में प्रशासन ने कानून व्यवस्था के लिए अतिरिक्त तैयारियाँ की हैं।

राजस्थान के जैसलमेर जिले में स्थित पवित्र धर्मस्थली रामदेवरा धाम में 13 सितंबर 2026 (रविवार) को लोकदेवता बाबा रामदेवजी के 642वें वार्षिक मेले का विधिवत शुभारंभ हुआ। पश्चिमी राजस्थान के महाकुंभ के नाम से विख्यात यह मेला बाबा रामदेवजी की समाधि स्थल पर आरती और पंचामृत अभिषेक के साथ शुरू हुआ, और देशभर से उमड़े श्रद्धालुओं की आस्था का अपार सैलाब रामदेवरा में देखने को मिला।

मुख्य उद्घाटन कार्यक्रम

बाबा रामदेवजी के वंशजों ने समाधि स्थल पर वैदिक विधि-विधान के साथ पंचामृत अभिषेक किया। इसके उपरांत जिला कलेक्टर अनुपमा जोरवाल और जिला पुलिस अधीक्षक अभिषेक शिवहरे ने बाबा की समाधि पर मखमली चादर अर्पित की। सुबह की आरती के साथ मेले का औपचारिक शुभारंभ संपन्न हुआ। इस अवसर पर समाधि समिति के सदस्य और बाबा के वंशज भी उपस्थित रहे।

मेले के आरंभ होते ही मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें दृष्टिगोचर हुईं। बाबा की समाधि के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में भक्तगण पहुँचे, जिससे रामदेवरा का पूरा परिवेश आस्था और भक्ति से सराबोर हो गया।

प्रशासन की व्यवस्थाएँ

जिला कलेक्टर अनुपमा जोरवाल ने मीडिया से बातचीत में बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। लंबी कतारों में खड़े भक्तों के लिए पेयजल की विशेष व्यवस्था की गई है। गर्मी और भीड़ को ध्यान में रखते हुए मेला क्षेत्र में फॉगिंग मशीन से नियमित छिड़काव कराया जा रहा है।

इसके साथ ही महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है और विभिन्न स्थानों पर स्वास्थ्य चौकियाँ स्थापित की गई हैं, जहाँ आवश्यकता पड़ने पर श्रद्धालुओं को प्राथमिक चिकित्सा उपलब्ध कराई जाएगी। रुणीचा सरोवर पर किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए एसडीआरएफ की टीमें भी मुस्तैद रखी गई हैं।

जोरवाल ने यह भी बताया कि इस बार मेला विशेष परिस्थितियों में हो रहा है, क्योंकि निकाय चुनाव भी निकट हैं, इसलिए कानून व्यवस्था को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है। उन्होंने बाबा रामदेवजी को सामाजिक समरसता के देवता बताते हुए कहा कि बाबा ने सदैव बिना किसी भेदभाव के सभी की सेवा की।

सुरक्षा व्यवस्था

एसपी अभिषेक शिवहरे ने जानकारी दी कि इस वर्ष सुरक्षा प्रबंध पहले से कहीं अधिक व्यापक किए गए हैं। मेला क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि की गई है। भीड़ के दबाव को नियंत्रित रखने और भगदड़ जैसी किसी दुर्घटना को रोकने के लिए लोहे की जालियाँ लगाई गई हैं।

मेले में सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए 2,000 से अधिक पुलिसकर्मियों एवं सुरक्षा जवानों को तैनात किया गया है। प्रवेश और निकास मार्गों, भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों तथा प्रमुख स्थलों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।

बाबा रामदेवजी का ऐतिहासिक महत्व

गौरतलब है कि बाबा रामदेवजी को पश्चिमी राजस्थान में लोक देवता के रूप में पूजा जाता है। रामदेवरा धाम हिंदू और मुस्लिम, दोनों समुदायों के लिए समान रूप से श्रद्धा का केंद्र है, जो बाबा की सामाजिक समरसता की विरासत को दर्शाता है। यह मेला प्रतिवर्ष भाद्रपद शुक्ल पक्ष में आयोजित होता है और इसे पश्चिमी राजस्थान के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में गिना जाता है।

आने वाले दिनों में श्रद्धालुओं की संख्या में और वृद्धि की संभावना है, और प्रशासन किसी भी चुनौती से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि पश्चिमी राजस्थान की साझी सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक है — जहाँ हिंदू और मुस्लिम दोनों बाबा के दर पर शीश नवाते हैं। इस वर्ष निकाय चुनावों की निकटता और बड़ी भीड़ का संयोग प्रशासन के लिए दोहरी परीक्षा है। 2,000 से अधिक सुरक्षाकर्मियों की तैनाती और एसडीआरएफ की उपस्थिति सुरक्षा के प्रति गंभीरता दिखाती है, लेकिन असली कसौटी यह होगी कि चुनावी माहौल में भीड़ प्रबंधन और आस्था का यह समागम निर्विघ्न संपन्न हो सके।
RashtraPress
13 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बाबा रामदेवजी का 642वाँ मेला कब और कहाँ शुरू हुआ?
बाबा रामदेवजी का 642वाँ वार्षिक मेला 13 सितंबर 2026 (रविवार) को जैसलमेर जिले के रामदेवरा धाम में शुरू हुआ। मेले का शुभारंभ सुबह की आरती और पंचामृत अभिषेक के साथ हुआ।
रामदेवरा मेले में इस बार सुरक्षा के क्या इंतज़ाम किए गए हैं?
मेले में 2,000 से अधिक पुलिसकर्मी और सुरक्षा जवान तैनात किए गए हैं। सीसीटीवी कैमरे बढ़ाए गए हैं, लोहे की जालियाँ लगाई गई हैं, और रुणीचा सरोवर पर एसडीआरएफ की टीमें भी तैयार हैं।
बाबा रामदेवजी कौन थे और रामदेवरा धाम क्यों महत्वपूर्ण है?
बाबा रामदेवजी पश्चिमी राजस्थान के प्रमुख लोकदेवता हैं, जिनकी समाधि जैसलमेर के रामदेवरा धाम में है। यह स्थल हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदायों के लिए समान रूप से आस्था का केंद्र है और इस मेले को पश्चिमी राजस्थान का महाकुंभ कहा जाता है।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए प्रशासन ने क्या व्यवस्थाएँ की हैं?
प्रशासन ने पेयजल की विशेष व्यवस्था, फॉगिंग मशीन से छिड़काव, महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती और अलग-अलग स्थानों पर स्वास्थ्य चौकियाँ स्थापित की हैं जहाँ प्राथमिक उपचार उपलब्ध है।
इस वर्ष मेला विशेष परिस्थितियों में क्यों हो रहा है?
जिला कलेक्टर अनुपमा जोरवाल के अनुसार, निकाय चुनावों की निकटता को देखते हुए प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा और कानून व्यवस्था के लिए अतिरिक्त तैयारियाँ की हैं। पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि मेले में कोई अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 सप्ताह पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 3 महीने पहले
  4. 5 महीने पहले
  5. 5 महीने पहले
  6. 6 महीने पहले
  7. 10 महीने पहले
  8. 1 साल पहले