रामगोपाल यादव का बयान: पीएम मोदी को करनी चाहिए थी मध्यस्थता, विश्व नेता उनसे परिचित
सारांश
Key Takeaways
- प्रधानमंत्री मोदी को विश्व स्तर पर मध्यस्थता की आवश्यकता है।
- भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है।
- सर्वदलीय बैठक में समाजवादी पार्टी प्रतिनिधित्व करेगी।
- केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल विधेयक पर विरोध व्यक्त किया गया।
- राजनीतिक नेताओं की सुरक्षा जवानों द्वारा की जाती है।
नई दिल्ली, 25 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। समाजवादी पार्टी के राज्यसभा सांसद रामगोपाल यादव ने कहा है कि पश्चिमी एशिया में चल रहे संघर्ष के समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मध्यस्थता करनी चाहिए थी। उनका कहना है कि भारत एक ऐसा देश है जो विश्व का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक राष्ट्र है। प्रधानमंत्री मोदी सभी नेताओं से भलीभांति परिचित हैं।
ईरान-इजरायल युद्ध के संदर्भ में जब पाकिस्तान द्वारा मध्यस्थता के विषय पर चर्चा हुई तो रामगोपाल यादव ने कहा, "पाकिस्तान, मिस्र और तुर्की तीन देश इस मामले में मध्यस्थता कर रहे हैं। भारत को और विशेषकर प्रधानमंत्री मोदी को इसे संभालना चाहिए था।" उन्होंने आगे कहा, "कई देशों ने प्रधानमंत्री मोदी को अपने सबसे बड़े राष्ट्रीय सम्मान प्रदान किए हैं, इसलिए उनकी बात को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।"
उन्होंने यह भी बताया कि राहुल गांधी द्वारा उठाए गए भारत की विदेश नीति पर सवालों का जवाब देते हुए कहा, "विदेश नीति का निर्धारण प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में होता है।"
केंद्र सरकार द्वारा सर्वदलीय बैठक बुलाने के संदर्भ में रामगोपाल यादव ने कहा कि यह बैठक शाम 5 बजे होगी। समाजवादी पार्टी की ओर से जावेद अली खान और धर्मेंद्र यादव बैठक में शामिल होंगे।
इस दौरान, उन्होंने केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सामान्य प्रशासन) विधेयक का विरोध करते हुए कहा, "इस विधेयक में कई आपत्तियाँ हैं।" उन्होंने यह भी बताया कि सीमा से लेकर देश के अंदर शहीद होने वाले जवानों की सुरक्षा का काम वहीं करते हैं।