8 जुलाई 2026
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रांची हाईवे पर महिलाओं की कार पर हमला: बाबूलाल मरांडी ने झारखंड सरकार को घेरा, जल्द गिरफ्तारी की मांग

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रांची हाईवे पर महिलाओं की कार पर हमला: बाबूलाल मरांडी ने झारखंड सरकार को घेरा, जल्द गिरफ्तारी की मांग

सारांश

रांची के दशम फॉल हाईवे पर तीन महिलाओं की कार का पीछा कर पत्थर से शीशा तोड़ने की घटना ने झारखंड की कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने डायल-100 की विफलता को उजागर करते हुए सरकार से तत्काल गिरफ्तारी की माँग की है।

मुख्य बातें

रांची के दशम फॉल थाना क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग पर तीन महिलाओं की कार पर 8 जुलाई को कथित हमला हुआ।
आरोप है कि स्कॉर्पियो सवार दो युवकों ने कार का कई किलोमीटर तक पीछा किया और पत्थर से शीशा तोड़ा , जिससे चालक घायल हो गया।
पीड़ित महिलाओं ने डायल-100 पर मदद माँगी, लेकिन समय पर पुलिस सहायता नहीं मिली।
बाबूलाल मरांडी ने घटना को राज्य की कानून-व्यवस्था की गंभीर विफलता करार दिया।
मरांडी ने राज्य सरकार से त्वरित जाँच और आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की माँग की; पुलिस जाँच जारी है।

झारखंड भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष एवं विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने 8 जुलाई को रांची के दशम फॉल थाना क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग पर तीन महिलाओं की कार पर हुए कथित हमले को राज्य की कानून-व्यवस्था की गंभीर विफलता करार दिया है। उन्होंने आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और उनके विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की माँग की है।

क्या है पूरा मामला

जमशेदपुर से हजारीबाग जा रही तीन महिलाओं की कार को बुंडू-सूर्यमंदिर मार्ग के पास एक स्कॉर्पियो वाहन ने कथित तौर पर टक्कर मार दी। आरोप है कि विरोध करने पर स्कॉर्पियो सवार दो युवकों ने कार का कई किलोमीटर तक पीछा किया, बीच रास्ते में रुकवाकर पत्थर से उसका शीशा तोड़ दिया, जिससे वाहन चालक घायल हो गया। घटना दशम फॉल थाना क्षेत्र के राष्ट्रीय राजमार्ग पर घटित हुई बताई जा रही है।

पुलिस की निष्क्रियता पर सवाल

मरांडी ने बताया कि पीड़ित महिलाओं ने घटना के दौरान डायल-100 पर फोन कर पुलिस से मदद माँगी थी, किंतु समय पर कोई सहायता नहीं मिली। उन्होंने तीखा सवाल उठाया कि जब राजधानी के आसपास पुलिस की यह स्थिति है, तो दूरदराज के इलाकों में महिलाओं की सुरक्षा का सहज अनुमान लगाया जा सकता है।

मरांडी की प्रतिक्रिया

सोशल मीडिया पर जारी अपनी प्रतिक्रिया में मरांडी ने कहा कि 'राजधानी रांची के समीप राष्ट्रीय राजमार्ग पर दिनदहाड़े महिलाओं की कार का कई किलोमीटर तक पीछा करना, उन्हें डराना-धमकाना और हमला करना बेहद भयावह और चिंताजनक है।' उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएँ राज्य में बिगड़ती कानून-व्यवस्था की स्थिति को उजागर करती हैं।

सरकार से माँगें

नेता प्रतिपक्ष ने राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन से मामले की त्वरित एवं निष्पक्ष जाँच कराने, आरोपियों की पहचान कर उन्हें जल्द गिरफ्तार करने तथा उनके विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने की माँग की। फिलहाल पुलिस मामले की जाँच कर रही है।

आगे क्या

यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब झारखंड में महिला सुरक्षा को लेकर विपक्ष पहले से ही सरकार पर दबाव बना रहा है। गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब राजधानी रांची के निकट राष्ट्रीय राजमार्ग पर इस तरह की घटना सामने आई हो। आरोपियों की गिरफ्तारी और पुलिस की जवाबदेही तय होने तक यह मामला राजनीतिक रूप से गर्म बना रहेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन राजधानी की सीमा पर ही उनकी अनुपस्थिति यह सवाल उठाती है कि ये तंत्र वास्तव में काम करते हैं या केवल कागज़ों पर हैं। विपक्ष की आलोचना राजनीतिक ज़रूर है, पर इस बार तथ्य उसके पक्ष में हैं। असली परीक्षा यह होगी कि पुलिस आरोपियों को कितनी जल्दी पकड़ती है और क्या राज्य सरकार हाईवे सुरक्षा के लिए कोई ठोस कदम उठाती है।
RashtraPress
8 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रांची हाईवे पर महिलाओं की कार पर हमले की घटना क्या है?
जमशेदपुर से हजारीबाग जा रही तीन महिलाओं की कार को बुंडू-सूर्यमंदिर मार्ग के पास एक स्कॉर्पियो ने कथित तौर पर टक्कर मारी। आरोप है कि विरोध करने पर वाहन सवार दो युवकों ने कार का कई किलोमीटर तक पीछा किया और पत्थर से शीशा तोड़ दिया, जिससे चालक घायल हो गया।
बाबूलाल मरांडी ने इस घटना पर क्या कहा?
झारखंड भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष एवं नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने इसे राज्य की कानून-व्यवस्था की गंभीर विफलता बताया। उन्होंने राज्य सरकार से त्वरित जाँच और आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की माँग की।
डायल-100 पर फोन करने के बाद भी पुलिस क्यों नहीं पहुँची?
मरांडी के अनुसार पीड़ित महिलाओं ने घटना के दौरान डायल-100 पर फोन कर मदद माँगी थी, लेकिन समय पर कोई सहायता नहीं मिली। पुलिस की इस निष्क्रियता पर अभी तक कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण नहीं आया है।
घटना कहाँ हुई और पुलिस क्या कर रही है?
घटना रांची के दशम फॉल थाना क्षेत्र के राष्ट्रीय राजमार्ग पर हुई बताई जा रही है। पुलिस मामले की जाँच कर रही है, लेकिन अब तक किसी की गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं हुई है।
इस घटना का झारखंड की राजनीति पर क्या असर पड़ेगा?
यह घटना झारखंड में महिला सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर विपक्ष के हमलों को और तेज़ करेगी। भाजपा पहले से ही राज्य सरकार पर इन मुद्दों को लेकर दबाव बना रही है, और आरोपियों की गिरफ्तारी में देरी इस दबाव को और बढ़ा सकती है।
राष्ट्र प्रेस
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