17 अगस्त 2026
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रांची पेपर लीक आंदोलन: वार्ता से पहले देवेंद्र नाथ महतो की माँग — 'आजीवन कारावास का प्रावधान हो'

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रांची पेपर लीक आंदोलन: वार्ता से पहले देवेंद्र नाथ महतो की माँग — 'आजीवन कारावास का प्रावधान हो'

सारांश

15 दिनों की भूख हड़ताल के बाद रांची में छात्र आंदोलन अब निर्णायक मोड़ पर है। झारखंड सरकार के साथ वार्ता से पहले देवेंद्र नाथ महतो ने आजीवन कारावास के प्रावधान और परीक्षा सुधारों की गारंटी माँगी, जबकि प्रदर्शनकारी छात्र राहुल क्रांति को सरकार की नीयत पर ही भरोसा नहीं।

मुख्य बातें

देवेंद्र नाथ महतो ने 17 अगस्त को होने वाली वार्ता से पहले पेपर लीक दोषियों के लिए आजीवन कारावास और जुर्माने की माँग रखी।
छात्र आंदोलन 15 दिनों से जारी है और इसे पूरे झारखंड का समर्थन मिला है।
सीजीएल परीक्षा 29 जनवरी 2024 को आंदोलन के बाद रद्द हुई थी, लेकिन दोबारा परीक्षा में भी धांधली के आरोप लगे।
प्रदर्शनकारी छात्र राहुल क्रांति की माँगों में सीबीआई जाँच , 11-13 जेपीएससी परीक्षाएँ रद्द करना और 2019 के बाद की सभी परीक्षाओं की जाँच शामिल है।
राहुल क्रांति ने आरोप लगाया कि ब्लैक लिस्टेड कंपनी को टेंडर देकर नौकरियाँ बेची गईं।

झारखंड सरकार और रांची में 15 दिनों से आंदोलनरत छात्रों के बीच 17 अगस्त 2026 को होने वाली वार्ता से पहले अनशनकारी नेता देवेंद्र नाथ महतो ने ठोस सुधारों की माँग रखी है। उन्होंने कहा कि इस वार्ता से पीढ़ी दर पीढ़ी आने वाले छात्रों को पेपर लीक और धांधली से मुक्ति मिलनी चाहिए।

मुख्य माँगें और आंदोलन की पृष्ठभूमि

देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि पेपर लीक में शामिल दोषियों के लिए आजीवन कारावास और भारी जुर्माने का प्रावधान किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार एक ऐसा सिस्टम बनाए और उसकी गारंटी दे, जिससे भविष्य में किसी भी परीक्षा में धांधली न हो सके।

महतो ने 29 जनवरी 2024 का हवाला देते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में हुए आंदोलन के बाद सीजीएल परीक्षा रद्द कराई गई थी, लेकिन दोबारा हुई परीक्षा में भी पेपर लीक और धांधली की शिकायतें सामने आईं। उन्होंने सवाल उठाया कि इसकी क्या गारंटी है कि अगली बार सीजीएल परीक्षा पारदर्शी होगी।

जाँच प्रक्रिया पर संदेह

महतो ने कहा कि उन्होंने जीवन में कई बार सीआईडी और सीबीआई जाँच होते देखी है, लेकिन इन जाँचों से छात्रों को वास्तविक न्याय नहीं मिल पाता। उनके अनुसार, जाँच के दौरान कुछ समय के लिए जीत का आभास होता है, परंतु परिणाम निराशाजनक रहते हैं।

प्रदर्शनकारी छात्रों की प्रतिक्रिया

सदर अस्पताल में भर्ती प्रदर्शनकारी छात्र राहुल क्रांति ने सरकार के रवैये पर गहरी नाराज़गी जताई। उन्होंने कहा, 'सरकार के रवैये और उसके बयानों को देखते हुए हमें नहीं लगता कि बातचीत सफल होगी।'

राहुल क्रांति की माँगों में सीबीआई जाँच, 11 से 13 जेपीएससी परीक्षाओं को रद्द करना, सीजीएल परीक्षा रद्द करना और 2019 के बाद हुई सभी परीक्षाओं की जाँच शामिल है। उन्होंने आरोप लगाया कि हेमंत-1 और हेमंत-2 दोनों सरकारों के कार्यकाल में परीक्षाओं में भ्रष्टाचार हुआ है।

राहुल क्रांति ने यह भी आरोप लगाया कि एक ब्लैक लिस्टेड कंपनी को टेंडर देकर नौकरियाँ बेचने का काम किया गया। उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को सीधी चुनौती देते हुए कहा कि यदि उन्हें छह महीने के लिए मुख्यमंत्री की कुर्सी दी जाए, तो वे परीक्षाओं में सुधार और झारखंड के युवाओं का भविष्य सुरक्षित कर सकते हैं।

आम जनता और राज्य पर असर

आंदोलन को पूरे झारखंड से समर्थन मिला है। 15 दिनों की भूख हड़ताल के बाद भी छात्रों का हौसला बुलंद है। यह आंदोलन ऐसे समय में तेज़ हुआ है जब झारखंड में सरकारी नौकरियों की परीक्षाओं की विश्वसनीयता पर बार-बार सवाल उठते रहे हैं।

आगे क्या होगा

झारखंड सरकार और आंदोलनकारी छात्रों के बीच 17 अगस्त को होने वाली वार्ता का परिणाम ही तय करेगा कि क्या इस आंदोलन का कोई ठोस हल निकल पाता है। देवेंद्र नाथ महतो ने उम्मीद जताई है कि वार्ता में पेपर लीक विरोधी कड़े कानून और परीक्षा सुधारों पर सहमति बनेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी धांधली के आरोप नहीं थमे — यह संस्थागत विफलता का संकेत है, न कि अपवाद। आलोचकों का कहना है कि सीआईडी और सीबीआई जाँचों का पुराना इतिहास बताता है कि जाँच की घोषणा अक्सर आंदोलन को थामने का औज़ार बनती है, न कि सुधार का। जब तक परीक्षा सुधारों को मापने योग्य और बाध्यकारी कानूनी ढाँचे से नहीं जोड़ा जाता, तब तक आज की वार्ता भी उसी लंबी सूची में जुड़ने का जोखिम उठाती है जिसने झारखंड के युवाओं को बार-बार निराश किया है।
RashtraPress
17 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रांची छात्र आंदोलन किस मुद्दे पर हो रहा है?
यह आंदोलन झारखंड में सरकारी भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक और धांधली के खिलाफ है। छात्र सीजीएल परीक्षा रद्द करने, सीबीआई जाँच और 2019 के बाद की सभी परीक्षाओं की जाँच की माँग कर रहे हैं।
देवेंद्र नाथ महतो कौन हैं और उनकी मुख्य माँग क्या है?
देवेंद्र नाथ महतो रांची में 15 दिनों से अनशन कर रहे छात्र आंदोलन के नेता हैं। उनकी मुख्य माँग है कि पेपर लीक में शामिल दोषियों के लिए आजीवन कारावास और जुर्माने का कानूनी प्रावधान किया जाए और सरकार परीक्षा सुधारों की गारंटी दे।
सीजीएल परीक्षा को लेकर क्या विवाद है?
सीजीएल परीक्षा 29 जनवरी 2024 को देवेंद्र नाथ महतो के नेतृत्व में हुए आंदोलन के बाद रद्द की गई थी। हालाँकि, दोबारा आयोजित परीक्षा में भी पेपर लीक और धांधली के आरोप सामने आए, जिससे छात्रों का सरकारी प्रक्रिया पर भरोसा और कम हुआ।
प्रदर्शनकारी छात्रों की वार्ता को लेकर क्या राय है?
सदर अस्पताल में भर्ती प्रदर्शनकारी छात्र राहुल क्रांति ने कहा कि सरकार के रवैये को देखते हुए उन्हें वार्ता के सफल होने की उम्मीद नहीं है। उनका आरोप है कि सरकार और परीक्षा आयोग मिले हुए हैं और एक ब्लैक लिस्टेड कंपनी को टेंडर देकर नौकरियाँ बेची गईं।
झारखंड में 17 अगस्त की वार्ता से क्या उम्मीद है?
झारखंड सरकार और आंदोलनकारी छात्रों के बीच 17 अगस्त को होने वाली वार्ता में पेपर लीक विरोधी कड़े कानून और परीक्षा सुधारों पर सहमति बनने की उम्मीद जताई जा रही है। हालाँकि, प्रदर्शनकारी छात्रों का एक वर्ग सरकार की नीयत पर संदेह व्यक्त कर रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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