रिजु दत्ता का बड़ा बयान: जंतर-मंतर पर धरना बंद हो, भागवत-जेनजी संवाद 'बेहद सुंदर'
सारांश
मुख्य बातें
पूर्व तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) प्रवक्ता रिजु दत्ता ने 8 अगस्त 2026 को कोलकाता में कहा कि देश की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जंतर-मंतर पर धरना-प्रदर्शन और आंदोलन पूरी तरह बंद किए जाने चाहिए। उन्होंने साथ ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत और जेन-जी (Gen-Z) के बीच हुए संवाद को 'बेहद सुंदर' बताते हुए उसका खुलकर समर्थन किया।
सुमित रॉय और भ्रष्टाचार के आरोप
रिजु दत्ता ने बताया कि टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी के पर्सनल असिस्टेंट सुमित रॉय को शनिवार सुबह भवानी भवन में सीआईडी जांच में शामिल होते देखा गया। उन्होंने कहा कि सुमित रॉय को पिछले तीन माह से सीआईडी और एसटीएफ तलाश कर रही थी, लेकिन वे किसी के हाथ नहीं आए थे। दत्ता के अनुसार, सुमित रॉय को सर्वोच्च न्यायालय से सुरक्षा कवच प्राप्त है।
दत्ता ने दावा किया, 'मैं जिम्मेदारी के साथ कह सकता हूँ कि अगर पुलिस प्रशासन और एजेंसियाँ सही तरीके से जाँच करें तो पेंडोरा का बॉक्स खुल जाएगा।' उनके अनुसार, पिछले 15 वर्षों में दार्जिलिंग से लेकर डायमंड हार्बर तक पश्चिम बंगाल में हुए भ्रष्टाचार का खुलासा हो सकता है — हालाँकि यह उनका व्यक्तिगत दावा है और इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
भागवत-जेनजी संवाद पर समर्थन
आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत और जेन-जी पीढ़ी के बीच हुए संवाद पर टिप्पणी करते हुए दत्ता ने कहा कि उन्होंने पूरा संवाद देखा है और यह 'तालमेल बहुत ही सुंदर था।' उन्होंने कहा, 'एक तरफ मोहन भागवत, जो हमारे अभिभावक हैं, और दूसरी तरफ जेनजी, जो देश का भविष्य है।'
दत्ता ने यह भी स्पष्ट किया कि जेनजी पीढ़ी का सवाल उठाना उन्हें राष्ट्र-विरोधी नहीं बनाता। उन्होंने कहा, 'आज के बच्चे सवाल उठाते हैं और उन्हें तार्किक जवाब देना होगा — मैं भागवत की बातों से 100 प्रतिशत सहमत हूँ।'
एनसीपीआई सांसदों पर दावा
दत्ता ने मुर्शिदाबाद जिले से एनसीपीआई के तीन सांसदों — यूसुफ पठान, अबू ताहिर खान और खलीलुर रहमान — के बारे में दावा किया कि हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ब्रेकफास्ट में तीनों की मौजूदगी के बाद, वे एनसीपीआई में तो रहेंगे लेकिन वोट एनडीए के पक्ष में देंगे। यह दत्ता का व्यक्तिगत आकलन है; तीनों सांसदों की ओर से इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
जंतर-मंतर पर धरना बंद करने की माँग
रिजु दत्ता ने प्रधानमंत्री और गृह मंत्री से अनुरोध किया कि जंतर-मंतर पर भविष्य में धरना-प्रदर्शन की अनुमति न दी जाए। उन्होंने तर्क दिया कि यह स्थान संसद से लगभग 2 किलोमीटर, राष्ट्रपति भवन से 3 किलोमीटर और प्रधानमंत्री आवास से 5 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।
उन्होंने यह भी कहा कि हाल ही में दिल्ली पुलिस और पंजाब पुलिस ने खुलासा किया है कि छात्र आंदोलन की आड़ में आतंकी हमले की योजना बनाई जा रही थी — हालाँकि इस दावे का स्वतंत्र सत्यापन आवश्यक है। दत्ता के अनुसार, राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और देश की सुरक्षा के लिए यह कदम ज़रूरी है।
यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में राजनीतिक उठापटक जारी है और टीएमसी के भीतर असंतोष के संकेत बढ़ रहे हैं। आने वाले दिनों में सुमित रॉय की सीआईडी जाँच किस दिशा में जाती है, यह बंगाल की राजनीति के लिए निर्णायक हो सकता है।