8 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

रिजु दत्ता का बड़ा बयान: जंतर-मंतर पर धरना बंद हो, भागवत-जेनजी संवाद 'बेहद सुंदर'

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
रिजु दत्ता का बड़ा बयान: जंतर-मंतर पर धरना बंद हो, भागवत-जेनजी संवाद 'बेहद सुंदर'

सारांश

पूर्व टीएमसी प्रवक्ता रिजु दत्ता ने एक साथ तीन बड़े बयान दिए — जंतर-मंतर पर धरना बंद करने की माँग, सुमित रॉय जाँच से पश्चिम बंगाल का 'पेंडोरा बॉक्स' खुलने का दावा, और भागवत-जेनजी संवाद को 'बेहद सुंदर' बताते हुए पूर्ण समर्थन।

मुख्य बातें

पूर्व टीएमसी प्रवक्ता रिजु दत्ता ने 8 अगस्त 2026 को जंतर-मंतर पर सभी धरना-प्रदर्शन बंद करने की माँग की।
अभिषेक बनर्जी के पीए सुमित रॉय तीन माह की तलाश के बाद भवानी भवन में सीआईडी जाँच में शामिल हुए।
दत्ता का दावा — सही जाँच से 15 वर्षों के दार्जिलिंग से डायमंड हार्बर तक के भ्रष्टाचार का खुलासा होगा।
आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत और जेन-जी संवाद को दत्ता ने '100 प्रतिशत' समर्थन दिया।
मुर्शिदाबाद के तीन एनसीपीआई सांसदों के एनडीए के पक्ष में वोट देने का दत्ता ने दावा किया।
जंतर-मंतर संसद से 2 किमी , राष्ट्रपति भवन से 3 किमी और प्रधानमंत्री आवास से 5 किमी की दूरी पर स्थित है।

पूर्व तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) प्रवक्ता रिजु दत्ता ने 8 अगस्त 2026 को कोलकाता में कहा कि देश की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जंतर-मंतर पर धरना-प्रदर्शन और आंदोलन पूरी तरह बंद किए जाने चाहिए। उन्होंने साथ ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत और जेन-जी (Gen-Z) के बीच हुए संवाद को 'बेहद सुंदर' बताते हुए उसका खुलकर समर्थन किया।

सुमित रॉय और भ्रष्टाचार के आरोप

रिजु दत्ता ने बताया कि टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी के पर्सनल असिस्टेंट सुमित रॉय को शनिवार सुबह भवानी भवन में सीआईडी जांच में शामिल होते देखा गया। उन्होंने कहा कि सुमित रॉय को पिछले तीन माह से सीआईडी और एसटीएफ तलाश कर रही थी, लेकिन वे किसी के हाथ नहीं आए थे। दत्ता के अनुसार, सुमित रॉय को सर्वोच्च न्यायालय से सुरक्षा कवच प्राप्त है।

दत्ता ने दावा किया, 'मैं जिम्मेदारी के साथ कह सकता हूँ कि अगर पुलिस प्रशासन और एजेंसियाँ सही तरीके से जाँच करें तो पेंडोरा का बॉक्स खुल जाएगा।' उनके अनुसार, पिछले 15 वर्षों में दार्जिलिंग से लेकर डायमंड हार्बर तक पश्चिम बंगाल में हुए भ्रष्टाचार का खुलासा हो सकता है — हालाँकि यह उनका व्यक्तिगत दावा है और इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

भागवत-जेनजी संवाद पर समर्थन

आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत और जेन-जी पीढ़ी के बीच हुए संवाद पर टिप्पणी करते हुए दत्ता ने कहा कि उन्होंने पूरा संवाद देखा है और यह 'तालमेल बहुत ही सुंदर था।' उन्होंने कहा, 'एक तरफ मोहन भागवत, जो हमारे अभिभावक हैं, और दूसरी तरफ जेनजी, जो देश का भविष्य है।'

दत्ता ने यह भी स्पष्ट किया कि जेनजी पीढ़ी का सवाल उठाना उन्हें राष्ट्र-विरोधी नहीं बनाता। उन्होंने कहा, 'आज के बच्चे सवाल उठाते हैं और उन्हें तार्किक जवाब देना होगा — मैं भागवत की बातों से 100 प्रतिशत सहमत हूँ।'

एनसीपीआई सांसदों पर दावा

दत्ता ने मुर्शिदाबाद जिले से एनसीपीआई के तीन सांसदों — यूसुफ पठान, अबू ताहिर खान और खलीलुर रहमान — के बारे में दावा किया कि हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ब्रेकफास्ट में तीनों की मौजूदगी के बाद, वे एनसीपीआई में तो रहेंगे लेकिन वोट एनडीए के पक्ष में देंगे। यह दत्ता का व्यक्तिगत आकलन है; तीनों सांसदों की ओर से इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

जंतर-मंतर पर धरना बंद करने की माँग

रिजु दत्ता ने प्रधानमंत्री और गृह मंत्री से अनुरोध किया कि जंतर-मंतर पर भविष्य में धरना-प्रदर्शन की अनुमति न दी जाए। उन्होंने तर्क दिया कि यह स्थान संसद से लगभग 2 किलोमीटर, राष्ट्रपति भवन से 3 किलोमीटर और प्रधानमंत्री आवास से 5 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।

उन्होंने यह भी कहा कि हाल ही में दिल्ली पुलिस और पंजाब पुलिस ने खुलासा किया है कि छात्र आंदोलन की आड़ में आतंकी हमले की योजना बनाई जा रही थी — हालाँकि इस दावे का स्वतंत्र सत्यापन आवश्यक है। दत्ता के अनुसार, राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और देश की सुरक्षा के लिए यह कदम ज़रूरी है।

यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में राजनीतिक उठापटक जारी है और टीएमसी के भीतर असंतोष के संकेत बढ़ रहे हैं। आने वाले दिनों में सुमित रॉय की सीआईडी जाँच किस दिशा में जाती है, यह बंगाल की राजनीति के लिए निर्णायक हो सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन 'पेंडोरा बॉक्स' जैसी भाषा बिना स्वतंत्र सत्यापन के सनसनीखेज लग सकती है। जंतर-मंतर पर प्रदर्शन बंद करने की माँग एक जटिल संवैधानिक सवाल उठाती है — शांतिपूर्ण विरोध का अधिकार और सुरक्षा चिंताओं के बीच संतुलन। यह बहस केवल एक स्थान तक सीमित नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक असहमति की सीमाओं पर एक बड़ा राष्ट्रीय प्रश्न है।
RashtraPress
8 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रिजु दत्ता ने जंतर-मंतर पर धरना बंद करने की माँग क्यों की?
रिजु दत्ता का तर्क है कि जंतर-मंतर संसद से 2 किमी, राष्ट्रपति भवन से 3 किमी और प्रधानमंत्री आवास से 5 किमी की दूरी पर है, जिससे यह सुरक्षा के लिहाज से संवेदनशील क्षेत्र बनता है। उन्होंने दिल्ली और पंजाब पुलिस के हवाले से यह भी कहा कि छात्र आंदोलन की आड़ में आतंकी हमले की योजना थी।
सुमित रॉय कौन हैं और उनकी जाँच क्यों हो रही है?
सुमित रॉय टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी के पर्सनल असिस्टेंट (पीए) बताए जाते हैं। रिजु दत्ता के अनुसार, सीआईडी और एसटीएफ पिछले तीन माह से उन्हें तलाश कर रही थी और उन्हें सर्वोच्च न्यायालय से सुरक्षा कवच प्राप्त है।
मोहन भागवत और जेन-जी के संवाद को रिजु दत्ता ने क्यों सराहा?
दत्ता ने कहा कि उन्होंने पूरा संवाद देखा और यह 'बेहद सुंदर' था। उनके अनुसार, जेनजी पीढ़ी का सवाल उठाना राष्ट्र-विरोध नहीं है, बल्कि उन्हें तार्किक जवाब देना जरूरी है — और भागवत ने यही किया।
मुर्शिदाबाद के एनसीपीआई सांसदों के बारे में दत्ता का दावा क्या है?
दत्ता ने दावा किया कि यूसुफ पठान, अबू ताहिर खान और खलीलुर रहमान — तीनों एनसीपीआई सांसद — प्रधानमंत्री मोदी के ब्रेकफास्ट में शामिल हुए और आगे एनडीए के पक्ष में वोट देंगे। हालाँकि यह दत्ता का व्यक्तिगत आकलन है और तीनों सांसदों की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
रिजु दत्ता पश्चिम बंगाल में भ्रष्टाचार को लेकर क्या कह रहे हैं?
दत्ता ने दावा किया कि यदि जाँच एजेंसियाँ निष्पक्ष रूप से काम करें तो पिछले 15 वर्षों में दार्जिलिंग से डायमंड हार्बर तक हुए भ्रष्टाचार का खुलासा होगा। यह उनका व्यक्तिगत दावा है और इसकी स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 दिन पहले
  2. 2 सप्ताह पहले
  3. 3 सप्ताह पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 2 महीने पहले
  8. 11 महीने पहले