18 जुलाई 2026
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राजद सांसद अभय कुशवाहा ने भाजपा में शामिल होने की अफवाहें नकारीं, लालू-तेजस्वी के साथ खड़े रहने का ऐलान

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राजद सांसद अभय कुशवाहा ने भाजपा में शामिल होने की अफवाहें नकारीं, लालू-तेजस्वी के साथ खड़े रहने का ऐलान

सारांश

भाजपा में शामिल होने की अटकलों के बीच राजद सांसद अभय कुशवाहा ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात को विकास परियोजनाओं तक सीमित बताया और लालू-तेजस्वी के साथ अपनी निष्ठा दोहराई। उन्होंने राजद को अपनी 'अंतिम राजनीतिक पार्टी' घोषित किया।

मुख्य बातें

राजद सांसद अभय कुशवाहा ने 17 जुलाई को भाजपा में शामिल होने की अफवाहों को प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्पष्ट रूप से खारिज किया।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात को उन्होंने औरंगाबाद क्षेत्र की विकास परियोजनाओं तक सीमित बताया — कोई राजनीतिक एजेंडा नहीं।
चर्चा में गया जिले के बांके बाजार-मदनपुर सड़क और राष्ट्रीय राजमार्ग-139 को चार लेन करने की माँग शामिल थी।
कुशवाहा ने लालू प्रसाद यादव और तेजस्वी यादव के साथ अपनी निष्ठा दोहराई; राजद को 'अंतिम राजनीतिक पार्टी' घोषित किया।
उन्होंने दस वर्षों तक मुखिया, फिर टिकारी से विधायक और अब लोकसभा सांसद के रूप में अपनी राजनीतिक यात्रा का हवाला दिया।

औरंगाबाद से राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के सांसद अभय कुशवाहा ने 17 जुलाई को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल होने की अटकलों को पूरी तरह खारिज कर दिया। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से उनकी हालिया मुलाकात को लेकर राजनीतिक हलकों में जो अटकलें उठी थीं, उन पर सफाई देते हुए कुशवाहा ने स्पष्ट किया कि यह मुलाकात पूरी तरह विकास परियोजनाओं से जुड़ी थी।

मुख्यमंत्री से मुलाकात का असली कारण

कुशवाहा ने बताया कि उन्होंने मुख्यमंत्री से अपने संसदीय क्षेत्र में कनेक्टिविटी सुधारने से जुड़ी कई बुनियादी ढाँचा परियोजनाओं पर चर्चा की। इनमें गया जिले के बांके बाजार को वन क्षेत्र से होते हुए मदनपुर से जोड़ने वाली प्रस्तावित सड़क और राज्य राजमार्ग तथा राष्ट्रीय राजमार्ग-139 को चार लेन के कॉरिडोर में अपग्रेड करने की लंबे समय से लंबित माँग शामिल है। उन्होंने कहा, 'मुख्यमंत्री पूरे राज्य का प्रतिनिधित्व करते हैं, किसी विशेष पार्टी या जाति का नहीं। इस मुलाकात में कुछ भी राजनीतिक नहीं है।'

राजद के प्रति प्रतिबद्धता का ऐलान

राजद संसदीय दल के नेता कुशवाहा ने लालू प्रसाद यादव और तेजस्वी यादव के साथ अपनी अटूट निष्ठा दोहराई। उन्होंने कहा, 'राष्ट्रीय जनता दल मेरी अंतिम राजनीतिक पार्टी है। इसे छोड़ने का कोई सवाल ही नहीं उठता।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि पार्टी ने उन्हें संसदीय दल का नेता नियुक्त कर और महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ सौंपकर जो विश्वास जताया है, वे उसका सम्मान करते रहेंगे।

राजनीतिक यात्रा और वैचारिक जुड़ाव

कुशवाहा ने समाजवादी राजनीति से अपने लंबे जुड़ाव का उल्लेख करते हुए बताया कि उन्होंने दस वर्षों तक मुखिया (पंचायत प्रमुख) के रूप में सेवा दी, इसके बाद टिकारी से विधायक बने और अब लोकसभा में औरंगाबाद का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी राजनीतिक यात्रा राजद के आदर्शों और लालू प्रसाद यादव की विचारधारा से शुरू हुई थी और वहीं समाप्त होगी।

भविष्य की अटकलों पर विराम

किसी भी दल-बदल की संभावना को सिरे से नकारते हुए कुशवाहा ने कहा कि न केवल अगले लोकसभा चुनाव के लिए बल्कि भविष्य में भी वे राजद के अलावा किसी अन्य पार्टी में रहने की कल्पना नहीं कर सकते। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब बिहार में 2025 के विधानसभा चुनावों से पहले राजनीतिक पुनर्गठन की अटकलें तेज हैं। विकास कार्यों के लिए विपक्षी सरकार के मुख्यमंत्री से मिलना एक निर्वाचित प्रतिनिधि का सामान्य कर्तव्य है — कुशवाहा ने इसी तर्क के साथ पूरे विवाद को खारिज किया।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह बिहार की राजनीतिक अनिश्चितता का संकेत है। विपक्षी मुख्यमंत्री से मिलना सामान्य संसदीय कर्तव्य है, फिर भी इसे 'राजनीतिक रंग' देने की कोशिश बताती है कि राजद के भीतर और बाहर दोनों जगह दल-बदल की आशंकाएँ कितनी गहरी हैं। बिहार में 2025 के विधानसभा चुनावों से पहले यह प्रकरण दिखाता है कि विकास की माँग और राजनीतिक वफ़ादारी के बीच की रेखा तेजी से धुँधली होती जा रही है।
RashtraPress
18 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अभय कुशवाहा ने भाजपा में शामिल होने की अफवाहें क्यों नकारीं?
राजद सांसद अभय कुशवाहा ने 17 जुलाई को प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्पष्ट किया कि वे राजद के साथ पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं और भाजपा में जाने का कोई सवाल नहीं है। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से उनकी मुलाकात के बाद राजनीतिक अटकलें तेज हो गई थीं, जिन्हें उन्होंने खारिज किया।
अभय कुशवाहा और सम्राट चौधरी की मुलाकात किस बारे में थी?
कुशवाहा के अनुसार, यह मुलाकात औरंगाबाद क्षेत्र की विकास परियोजनाओं पर केंद्रित थी। इनमें गया जिले के बांके बाजार को मदनपुर से जोड़ने वाली सड़क और राष्ट्रीय राजमार्ग-139 को चार लेन में अपग्रेड करने की माँग शामिल थी।
अभय कुशवाहा राजद में किस पद पर हैं?
अभय कुशवाहा राजद संसदीय दल के नेता हैं और औरंगाबाद लोकसभा सीट से सांसद हैं। इससे पहले वे टिकारी से विधायक रहे और दस वर्षों तक मुखिया के रूप में भी सेवा दे चुके हैं।
क्या अभय कुशवाहा भविष्य में राजद छोड़ सकते हैं?
कुशवाहा ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि राजद उनकी 'अंतिम राजनीतिक पार्टी' है और वे न केवल अगले लोकसभा चुनाव बल्कि भविष्य में भी किसी अन्य पार्टी में जाने की कल्पना नहीं कर सकते।
इस विवाद का बिहार की राजनीति पर क्या असर है?
यह प्रकरण बिहार में 2025 के विधानसभा चुनावों से पहले बढ़ती राजनीतिक अनिश्चितता को दर्शाता है। विपक्षी सांसदों और सत्तारूढ़ दल के नेताओं के बीच किसी भी संपर्क को दल-बदल के संकेत के रूप में देखा जा रहा है, जो राज्य में तनावपूर्ण राजनीतिक माहौल का सूचक है।
राष्ट्र प्रेस
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