क्या जेडीयू नेता संतोष कुशवाहा ने राजद का दामन थाम लिया?

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क्या जेडीयू नेता संतोष कुशवाहा ने राजद का दामन थाम लिया?

सारांश

सीमांचल के जेडीयू नेता संतोष कुशवाहा ने राजद में शामिल होकर तेजस्वी यादव को बिहार और गरीबों का नेता बताया। जानिए इस महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रम के पीछे के कारण और इसकी संभावित राजनीतिक प्रभाव।

मुख्य बातें

संतोष कुशवाहा ने राजद में शामिल होकर राजनीतिक परिवर्तन का संकेत दिया।
तेजस्वी यादव को गरीबों का नेता माना जा रहा है।
बिहार विधानसभा चुनाव की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
जेडीयू में कुशवाहा जाति का महत्व कम हो रहा है।
राजद ने धमदाहा विधानसभा सीट पर उम्मीदवार बनाने की प्रक्रिया शुरू की है।

पटना, 10 अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। सीमांचल क्षेत्र के प्रमुख जेडीयू नेता संतोष कुशवाहा ने शुक्रवार को राजद में शामिल होने का निर्णय लिया। इस अवसर पर राजद के नेता और पूर्व मंत्री तेजस्वी यादव ने उन्हें पार्टी में स्वागत किया। संतोष कुशवाहा ने कहा कि जेडीयू में अब कुशवाहा जाति का कोई महत्व नहीं रह गया है। प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा सिर्फ दरबान की भूमिका में हैं।

यह माना जा रहा है कि संतोष कुशवाहा विधानसभा चुनाव में भाग लेंगे और वे धमदाहा विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने की इच्छा जताई है। राजद ने भी उन्हें इस सीट से उम्मीदवार बनाने की प्रक्रिया लगभग पूरी कर ली है। इसके साथ ही चाणक्य प्रकाश, राहुल शर्मा, और अजय कुशवाहा भी राजद में शामिल हुए हैं।

तेजस्वी यादव ने कहा कि नीतीश कुमार का यह अंतिम चुनाव है और संतोष कुशवाहा ने सही समय पर सही फैसला लिया है। संतोष कुशवाहा ने कहा कि लालू यादव गरीबों के नेता हैं और तेजस्वी यादव युवाओं के नेता। तेजस्वी यादव ने कहा है कि नीतीश कुमार की जमीन अब उनके हाथ से निकल चुकी है और कुछ ही समय में जनता दल यू समाप्त हो जाएगा।

उन्होंने कहा कि जो लोग चुनाव हार जाते हैं, वे बिहार सरकार के मंत्री बन जाते हैं और राज्यसभा में चले जाते हैं। पिछड़ा समाज और विशेषकर लव-कुश के लोगों को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस बार बिहार में तेजस्वी यादव की सरकार बनेगी।

राहुल शर्मा ने कहा कि बेरोजगारी का असर पिछड़ा, अति पिछड़ा और महादलित वर्ग पर सबसे अधिक पड़ रहा है।

अजय कुशवाहा ने कहा कि तेजस्वी यादव को बिहार और गरीबों की चिंता है। बिहार में तेजस्वी यादव का आना आवश्यक है।

भारतीय निर्वाचन आयोग ने बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण के लिए नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। इसके तहत शुक्रवार से पहले चरण के निर्वाचन क्षेत्रों के लिए नामांकन की प्रक्रिया शुरू हो गई है।

भारत निर्वाचन आयोग ने पहले चरण के लिए नामांकन करने की अंतिम तिथि 17 अक्टूबर (शुक्रवार) निर्धारित की है। 18 अक्टूबर को नामांकन की जांच होगी और अभ्यर्थियों के नाम वापस लेने की अंतिम तिथि 20 अक्टूबर रखी गई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

एक महत्वपूर्ण राजनीतिक परिवर्तन का संकेत है। तेजस्वी यादव का नेतृत्व और कुशवाहा का समर्थन, यह दर्शाता है कि राज्य में किस प्रकार की राजनीतिक धारा चल रही है। अब देखना यह है कि क्या यह बदलाव बिहार के राजनीतिक परिदृश्य को प्रभावित करेगा।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

संतोष कुशवाहा ने राजद में क्यों शामिल होने का निर्णय लिया?
संतोष कुशवाहा ने कहा कि जेडीयू में कुशवाहा जाति की कोई पूछ नहीं रह गई है और उन्होंने सही समय पर सही निर्णय लिया।
तेजस्वी यादव ने इस बदलाव पर क्या प्रतिक्रिया दी?
तेजस्वी यादव ने कहा कि नीतीश कुमार का यह अंतिम चुनाव है और संतोष कुशवाहा ने सही कदम उठाया है।
बिहार विधानसभा चुनाव के लिए नामांकन की अंतिम तिथि कब है?
पहले चरण के लिए नामांकन की अंतिम तिथि 17 अक्टूबर है।
राष्ट्र प्रेस
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