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इंदौर में RSS-BJP नेताओं में मारपीट: कुत्तों को खाना खिलाने पर विवाद, BJP नेता 6 साल के लिए निष्कासित

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इंदौर में RSS-BJP नेताओं में मारपीट: कुत्तों को खाना खिलाने पर विवाद, BJP नेता 6 साल के लिए निष्कासित

सारांश

इंदौर में कुत्तों को खाना खिलाने जैसे साधारण मुद्दे ने RSS और BJP के बीच टकराव की शक्ल ले ली — मारपीट, थाने का घेराव और अंततः BJP नेता वीरेंद्र शेडगे का 6 साल के लिए निष्कासन। यह प्रकरण सत्तारूढ़ दल के भीतर आंतरिक अनुशासन की कमज़ोर कड़ियों को उजागर करता है।

मुख्य बातें

इंदौर में 7 जून 2026 को RSS नेता चेतन पवार और BJP नेता वीरेंद्र शेडगे के बीच कुत्तों को खाना खिलाने को लेकर मारपीट हुई।
आरोप है कि शेडगे ने पवार के साथ मारपीट की; पवार की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज किया।
RSS कार्यकर्ताओं ने शेडगे के कार्यालय व आवास पर तोड़फोड़ की और थाने का घेराव किया।
BJP नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा ने वीरेंद्र शेडगे को 6 वर्ष के लिए पार्टी से निष्कासित किया।
शेडगे इससे पहले भी पुलिसकर्मियों के साथ विवाद में चर्चा में रह चुके हैं।

इंदौर में 7 जून 2026 को एक असामान्य विवाद ने राजनीतिक रंग ले लिया, जब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े नेता चेतन पवार और भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेता वीरेंद्र शेडगे के बीच आवारा कुत्तों को खाना खिलाने को लेकर हुई कहासुनी मारपीट और तोड़फोड़ में बदल गई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है।

विवाद की शुरुआत कैसे हुई

चेतन पवार, वीरेंद्र शेडगे के घर के बाहर आवारा कुत्तों को खाना खिला रहे थे। शेडगे ने अपने घर के सामने यह गतिविधि किए जाने पर आपत्ति जताई। इसी बात पर दोनों के बीच बहस शुरू हुई, जो जल्द ही मारपीट में तब्दील हो गई। आरोप है कि शेडगे ने पवार के साथ मारपीट की।

थाने का घेराव और संगठन की सक्रियता

घटना के बाद चेतन पवार शिकायत दर्ज कराने थाने पहुँचे, लेकिन उनका आरोप है कि BJP नेता के प्रभाव के कारण उनकी शिकायत पर तत्काल कार्रवाई नहीं की गई। इसके बाद उन्होंने RSS के वरिष्ठ पदाधिकारियों को पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी।

मामला संगठन तक पहुँचते ही बड़ी संख्या में RSS कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए। आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने शेडगे के कार्यालय और आवास के बाहर तोड़फोड़ की और फिर संबंधित थाने का घेराव कर पुलिस प्रशासन के विरुद्ध नारेबाजी करते हुए निष्पक्ष कार्रवाई की माँग की।

BJP ने वीरेंद्र शेडगे को 6 साल के लिए निष्कासित किया

बढ़ते दबाव के बीच पुलिस ने चेतन पवार की शिकायत पर प्रकरण दर्ज कर जाँच शुरू कर दी। उल्लेखनीय है कि वीरेंद्र शेडगे का नाम इससे पहले भी विवादों में आ चुका है — हाल ही में उनका पुलिसकर्मियों के साथ विवाद भी चर्चा में रहा था।

लगातार विवादित कार्यशैली और संगठन की छवि को नुकसान पहुँचाने वाली गतिविधियों को देखते हुए BJP नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा ने शेडगे को 6 वर्ष के लिए पार्टी से निष्कासित करने का पत्र जारी किया है।

पुलिस की प्रतिक्रिया और आगे की जाँच

अधिकारियों के अनुसार मारपीट, तोड़फोड़ और अन्य आरोपों की जाँच के बाद तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह मामला मध्य प्रदेश में सत्तारूढ़ दल के भीतर और उससे जुड़े संगठनों के बीच आंतरिक तनाव को उजागर करता है। गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब इंदौर में भाजपा और उससे जुड़े संगठनों के नेताओं के बीच सार्वजनिक विवाद सामने आया हो।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो असली सवाल संगठनात्मक अनुशासन का है। वीरेंद्र शेडगे का यह पहला विवाद नहीं है — पुलिसकर्मियों से पहले की झड़प और अब RSS कार्यकर्ता से टकराव यह दर्शाता है कि स्थानीय नेताओं पर पार्टी की पकड़ कितनी कमज़ोर है। इंदौर, जो BJP का गढ़ माना जाता है, वहाँ RSS और BJP के बीच इस तरह का सार्वजनिक टकराव दोनों संगठनों की समन्वय क्षमता पर सवाल खड़े करता है। निष्कासन की कार्रवाई त्वरित दिखती है, लेकिन सवाल यह है कि इतने समय तक ऐसे नेता को संरक्षण क्यों मिलता रहा।
RashtraPress
23 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इंदौर में RSS और BJP नेताओं के बीच विवाद किस बात पर हुआ?
विवाद तब शुरू हुआ जब RSS नेता चेतन पवार, BJP नेता वीरेंद्र शेडगे के घर के बाहर आवारा कुत्तों को खाना खिला रहे थे। शेडगे ने इस पर आपत्ति जताई, जिसके बाद कहासुनी मारपीट में बदल गई।
वीरेंद्र शेडगे को BJP से क्यों निष्कासित किया गया?
BJP नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा ने शेडगे की लगातार विवादित कार्यशैली और संगठन की छवि को नुकसान पहुँचाने वाली गतिविधियों के कारण उन्हें 6 वर्ष के लिए पार्टी से निष्कासित किया। इससे पहले भी शेडगे का पुलिसकर्मियों के साथ विवाद सामने आ चुका था।
RSS कार्यकर्ताओं ने थाने का घेराव क्यों किया?
चेतन पवार का आरोप था कि BJP नेता के प्रभाव के कारण थाने में उनकी शिकायत पर तत्काल कार्रवाई नहीं की गई। जब उन्होंने RSS के वरिष्ठ पदाधिकारियों को सूचित किया, तो कार्यकर्ता सक्रिय हो गए और निष्पक्ष कार्रवाई की माँग को लेकर थाने का घेराव किया।
इस मामले में पुलिस ने क्या कार्रवाई की?
बढ़ते दबाव के बाद पुलिस ने चेतन पवार की शिकायत पर मामला दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार मारपीट, तोड़फोड़ और अन्य आरोपों की जाँच के बाद तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
क्या वीरेंद्र शेडगे पहले भी विवादों में रहे हैं?
हाँ, वीरेंद्र शेडगे इससे पहले भी पुलिसकर्मियों के साथ विवाद को लेकर चर्चा में रह चुके हैं। उनकी लगातार विवादित कार्यशैली को ही उनके निष्कासन का आधार बताया गया है।
राष्ट्र प्रेस
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