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सन्मार्ग ग्रुप ने तहलका डॉट कॉम का 100% अधिग्रहण किया, अरविंद चतुर्वेदी बने मुख्य संपादक

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सन्मार्ग ग्रुप ने तहलका डॉट कॉम का 100% अधिग्रहण किया, अरविंद चतुर्वेदी बने मुख्य संपादक

सारांश

कोलकाता का सन्मार्ग ग्रुप अब तहलका का नया मालिक है — 100% हिस्सेदारी के साथ। पाक्षिक से साप्ताहिक बनाने की योजना, नए मुख्य संपादक की नियुक्ति, और तरुण तेजपाल की शून्य संलिप्तता की स्पष्ट घोषणा — यह सौदा भारतीय मीडिया परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण पुनर्गठन है।

मुख्य बातें

सन्मार्ग प्राइवेट लिमिटेड ने अक्टूबर 2026 में तहलका डॉट कॉम की 100% हिस्सेदारी का अधिग्रहण पूरा किया।
अरविंद चतुर्वेदी को तहलका का नया मुख्य संपादक नियुक्त किया गया है।
तहलका को पाक्षिक से साप्ताहिक प्रकाशन में बदलने की योजना; प्रिंट व डिजिटल दोनों जारी रहेंगे।
पूर्व स्वामी अनंत मीडिया प्राइवेट लिमिटेड सभी पुराने मुकदमों और पूर्व गारंटियों के लिए उत्तरदायी होगा।
विज्ञप्ति के अनुसार तरुण तेजपाल की तहलका या उसके संचालन में किसी भी प्रकार की संलिप्तता नहीं है।
आजीवन ग्राहकों को प्रिंट और डिजिटल सदस्यता सुविधा नियमानुसार मिलती रहेगी।

कोलकाता स्थित सन्मार्ग प्राइवेट लिमिटेड ने अक्टूबर 2026 में तहलका डॉट कॉम प्राइवेट लिमिटेड की 100 प्रतिशत हिस्सेदारी का अधिग्रहण पूर्ण कर लिया है, जिससे पूर्वी भारत के सबसे बड़े हिंदी मीडिया नेटवर्क का पत्रिका क्षेत्र में औपचारिक प्रवेश हो गया है। इस सौदे में 2017 से संचित सभी संपत्तियाँ — प्रिंट, डिजिटल और बौद्धिक संपदा (IP) — शामिल हैं। अरविंद चतुर्वेदी को प्रकाशन का नया मुख्य संपादक नियुक्त किया गया है।

अधिग्रहण की पृष्ठभूमि

सन्मार्ग ने यह अधिग्रहण उन निवेशकों के समूह से किया है जिन्होंने 2017 में तहलका डॉट कॉम की पूर्ण शेयरधारिता हासिल की थी। उन निवेशकों ने तत्कालीन संस्थापक तरुण तेजपाल और अन्य छोटे शेयरधारकों को उस समय बाहर निकलने का अवसर दिया था। प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, नए स्वामित्व ने स्पष्ट किया है कि तहलका के संचालन में तेजपाल की किसी भी रूप में कोई संलिप्तता नहीं है।

गौरतलब है कि तेजपाल को एक सहकर्मी द्वारा यौन उत्पीड़न के आरोप के बाद संपादक पद से इस्तीफा देना पड़ा था। बाद में उन्हें न्यायालय द्वारा दोषी ठहराया गया और सजा सुनाई गई।

कानूनी जिम्मेदारी और पुराने मुकदमे

विज्ञप्ति में स्पष्ट किया गया है कि पूर्व स्वामी अनंत मीडिया प्राइवेट लिमिटेड उन सभी मुकदमों का सामना करेगा जिनमें तहलका पक्ष रहा है। अनंत मीडिया पूर्व गारंटियों के लिए भी पूर्णतः उत्तरदायी होगा। बताया गया है कि 2017 के बाद से कोई नया मुकदमा दर्ज नहीं हुआ है।

पाठकों और ग्राहकों पर असर

सन्मार्ग ग्रुप ने आश्वासन दिया है कि तहलका के आजीवन ग्राहकों को प्रिंट प्रतियाँ और डिजिटल सदस्यता की सुविधा नियमानुसार मिलती रहेगी। ग्रुप का इरादा है कि अब तक पाक्षिक रूप से प्रकाशित होने वाली इस पत्रिका को साप्ताहिक प्रकाशन में बदला जाए, और प्रिंट व डिजिटल — दोनों प्रारूपों में इसका संचालन जारी रखा जाए।

सन्मार्ग ग्रुप की विस्तार योजना

कोलकाता स्थित सन्मार्ग ग्रुप पूर्वी भारत का सबसे बड़ा हिंदी मीडिया नेटवर्क माना जाता है और यह एक प्रमुख हिंदी दैनिक का प्रकाशन करता है। तहलका के अधिग्रहण के साथ ग्रुप का पत्रिका क्षेत्र में प्रवेश हुआ है और डिजिटल मीडिया में उसकी पकड़ और व्यापक हुई है। ग्रुप ने संकेत दिया है कि वह तहलका में और निवेश करेगा तथा गंभीर पत्रकारिता को आगे बढ़ाने के लिए सभी सरकारी नियमों और मानकों का पूर्णतः पालन करने की प्रतिबद्धता जताई है।

यह अधिग्रहण ऐसे समय में हुआ है जब भारतीय मीडिया उद्योग में डिजिटल-प्रथम रणनीतियों की ओर झुकाव तेजी से बढ़ रहा है और पारंपरिक प्रिंट समूह अपने पोर्टफोलियो को विस्तार देने में जुटे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह सवाल जायज़ है कि क्या तहलका की पुरानी खोजी पहचान को एक क्षेत्रीय प्रिंट समूह राष्ट्रीय स्तर पर फिर से स्थापित कर पाएगा। भारतीय डिजिटल मीडिया में पहले से ही भीड़ है और गंभीर पत्रकारिता के लिए पाठक जुटाना कठिन होता जा रहा है। असली परीक्षा संपादकीय स्वतंत्रता और संसाधन-समर्थन के बीच संतुलन बनाने की होगी।
RashtraPress
5 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सन्मार्ग ने तहलका डॉट कॉम का अधिग्रहण कब और कैसे किया?
सन्मार्ग प्राइवेट लिमिटेड ने अक्टूबर 2026 में उन निवेशकों के समूह से तहलका डॉट कॉम की 100% हिस्सेदारी खरीदी, जिन्होंने 2017 में तहलका का पूर्ण स्वामित्व हासिल किया था। इस सौदे में 2017 से संचित सभी प्रिंट, डिजिटल और बौद्धिक संपदा संपत्तियाँ शामिल हैं।
तहलका का नया मुख्य संपादक कौन है?
अरविंद चतुर्वेदी को तहलका का नया मुख्य संपादक नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति अधिग्रहण के बाद की गई है और ग्रुप की संपादकीय पुनर्संरचना का हिस्सा है।
तहलका के पुराने मुकदमों की जिम्मेदारी किस पर होगी?
प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार पूर्व स्वामी अनंत मीडिया प्राइवेट लिमिटेड उन सभी मुकदमों का सामना करेगा जिनमें तहलका पक्ष रहा है और पूर्व गारंटियों के लिए भी पूरी तरह उत्तरदायी होगा। 2017 के बाद से कोई नया मुकदमा दर्ज नहीं होने का दावा किया गया है।
क्या तरुण तेजपाल अब भी तहलका से जुड़े हैं?
नहीं। प्रेस विज्ञप्ति में स्पष्ट किया गया है कि तहलका या उसके संचालन में तेजपाल की किसी भी रूप में कोई संलिप्तता नहीं है। 2017 में ही निवेशकों ने उन्हें बाहर निकलने का अवसर दिया था।
तहलका के आजीवन ग्राहकों का क्या होगा?
सन्मार्ग ग्रुप ने आश्वासन दिया है कि तहलका के आजीवन ग्राहकों को प्रिंट प्रतियाँ और डिजिटल सदस्यता की सुविधा नियमानुसार मिलती रहेगी। पाक्षिक से साप्ताहिक प्रकाशन में बदलने की भी योजना है।
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