सन्मार्ग ग्रुप ने तहलका डॉट कॉम का 100% अधिग्रहण किया, अरविंद चतुर्वेदी बने मुख्य संपादक
सारांश
मुख्य बातें
कोलकाता स्थित सन्मार्ग प्राइवेट लिमिटेड ने अक्टूबर 2026 में तहलका डॉट कॉम प्राइवेट लिमिटेड की 100 प्रतिशत हिस्सेदारी का अधिग्रहण पूर्ण कर लिया है, जिससे पूर्वी भारत के सबसे बड़े हिंदी मीडिया नेटवर्क का पत्रिका क्षेत्र में औपचारिक प्रवेश हो गया है। इस सौदे में 2017 से संचित सभी संपत्तियाँ — प्रिंट, डिजिटल और बौद्धिक संपदा (IP) — शामिल हैं। अरविंद चतुर्वेदी को प्रकाशन का नया मुख्य संपादक नियुक्त किया गया है।
अधिग्रहण की पृष्ठभूमि
सन्मार्ग ने यह अधिग्रहण उन निवेशकों के समूह से किया है जिन्होंने 2017 में तहलका डॉट कॉम की पूर्ण शेयरधारिता हासिल की थी। उन निवेशकों ने तत्कालीन संस्थापक तरुण तेजपाल और अन्य छोटे शेयरधारकों को उस समय बाहर निकलने का अवसर दिया था। प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, नए स्वामित्व ने स्पष्ट किया है कि तहलका के संचालन में तेजपाल की किसी भी रूप में कोई संलिप्तता नहीं है।
गौरतलब है कि तेजपाल को एक सहकर्मी द्वारा यौन उत्पीड़न के आरोप के बाद संपादक पद से इस्तीफा देना पड़ा था। बाद में उन्हें न्यायालय द्वारा दोषी ठहराया गया और सजा सुनाई गई।
कानूनी जिम्मेदारी और पुराने मुकदमे
विज्ञप्ति में स्पष्ट किया गया है कि पूर्व स्वामी अनंत मीडिया प्राइवेट लिमिटेड उन सभी मुकदमों का सामना करेगा जिनमें तहलका पक्ष रहा है। अनंत मीडिया पूर्व गारंटियों के लिए भी पूर्णतः उत्तरदायी होगा। बताया गया है कि 2017 के बाद से कोई नया मुकदमा दर्ज नहीं हुआ है।
पाठकों और ग्राहकों पर असर
सन्मार्ग ग्रुप ने आश्वासन दिया है कि तहलका के आजीवन ग्राहकों को प्रिंट प्रतियाँ और डिजिटल सदस्यता की सुविधा नियमानुसार मिलती रहेगी। ग्रुप का इरादा है कि अब तक पाक्षिक रूप से प्रकाशित होने वाली इस पत्रिका को साप्ताहिक प्रकाशन में बदला जाए, और प्रिंट व डिजिटल — दोनों प्रारूपों में इसका संचालन जारी रखा जाए।
सन्मार्ग ग्रुप की विस्तार योजना
कोलकाता स्थित सन्मार्ग ग्रुप पूर्वी भारत का सबसे बड़ा हिंदी मीडिया नेटवर्क माना जाता है और यह एक प्रमुख हिंदी दैनिक का प्रकाशन करता है। तहलका के अधिग्रहण के साथ ग्रुप का पत्रिका क्षेत्र में प्रवेश हुआ है और डिजिटल मीडिया में उसकी पकड़ और व्यापक हुई है। ग्रुप ने संकेत दिया है कि वह तहलका में और निवेश करेगा तथा गंभीर पत्रकारिता को आगे बढ़ाने के लिए सभी सरकारी नियमों और मानकों का पूर्णतः पालन करने की प्रतिबद्धता जताई है।
यह अधिग्रहण ऐसे समय में हुआ है जब भारतीय मीडिया उद्योग में डिजिटल-प्रथम रणनीतियों की ओर झुकाव तेजी से बढ़ रहा है और पारंपरिक प्रिंट समूह अपने पोर्टफोलियो को विस्तार देने में जुटे हैं।