मां वाग्देवी प्रतिमा वापसी: सावित्री ठाकुर ने शेखावत से की मुलाकात, भोजशाला में पुनर्स्थापना की माँग
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय मंत्री एवं धार सांसद सावित्री ठाकुर ने 28 मई 2026 को नई दिल्ली में केंद्रीय पर्यटन और संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत से औपचारिक मुलाकात की और लंदन संग्रहालय में रखी मां वाग्देवी की प्रतिमा को भारत वापस लाकर मध्य प्रदेश के धार स्थित ऐतिहासिक भोजशाला में पुनर्स्थापित करने की माँग रखी। बैठक में केंद्र सरकार ने सांस्कृतिक विरासत की वापसी के प्रयासों का आश्वासन दिया और मंत्री शेखावत ने जून 2026 में धार का दौरा करने पर सहमति जताई।
मुख्य माँग और पृष्ठभूमि
सावित्री ठाकुर ने स्पष्ट किया कि यह मुद्दा केवल एक प्रतिमा तक सीमित नहीं है। उनके शब्दों में, 'यह सिर्फ एक प्रतिमा का मामला नहीं है, बल्कि भारतीय सांस्कृतिक विरासत और आस्था से जुड़ा बहुत बड़ा विषय है।' उन्होंने बताया कि 2014 से पहले भी इस मुद्दे पर विभिन्न स्तरों पर चर्चाएँ और प्रयास हो चुके हैं, लेकिन अब इसे नए सिरे से गंभीरता के साथ आगे बढ़ाने की आवश्यकता है।
केंद्र और राज्य सरकार का समन्वय
सावित्री ठाकुर के अनुसार, इस विषय पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव से भी चर्चा हो चुकी है और राज्य सरकार भी इस दिशा में सक्रिय है। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य दोनों मिलकर इस सांस्कृतिक धरोहर को स्वदेश वापस लाने के लिए काम कर रहे हैं। मंत्री शेखावत ने बैठक में यह भी स्पष्ट किया कि सरकार भारत की सांस्कृतिक विरासत की वापसी के प्रति पूरी तरह गंभीर है।
भोजशाला का ऐतिहासिक और धार्मिक महत्त्व
सावित्री ठाकुर ने रेखांकित किया कि अदालती फैसलों और ऐतिहासिक तथ्यों के आधार पर भोजशाला को एक महत्त्वपूर्ण धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थल के रूप में मान्यता प्राप्त है। उनका कहना है कि अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत से ही उनका भोजशाला और उससे जुड़ी परंपराओं से गहरा नाता रहा है। इसी कारण मां वाग्देवी की प्रतिमा की वापसी का मुद्दा लोगों की भावनाओं से सीधे जुड़ा हुआ है।
भव्य सांस्कृतिक परिसर की परिकल्पना
सावित्री ठाकुर ने यह भी प्रस्ताव रखा कि यदि प्रतिमा वापस आती है, तो केवल उसकी पुनर्स्थापना पर्याप्त नहीं होगी — भोजशाला परिसर में एक भव्य सांस्कृतिक केंद्र विकसित किया जाना चाहिए, ताकि देश-विदेश से आने वाले पर्यटक और श्रद्धालु भारतीय संस्कृति को गहराई से समझ सकें। यह प्रस्ताव धार को एक अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक पर्यटन स्थल के रूप में स्थापित करने की दिशा में अहम कदम हो सकता है।
आगे क्या होगा
मंत्री शेखावत का जून में प्रस्तावित धार दौरा इस मुद्दे की दिशा तय करने में निर्णायक भूमिका निभा सकता है। यह ऐसे समय में आया है जब भारत सरकार विदेशों में रखी कई सांस्कृतिक और पुरातात्त्विक धरोहरों की वापसी के लिए राजनयिक प्रयास तेज़ कर रही है। मां वाग्देवी प्रतिमा की वापसी इस व्यापक सांस्कृतिक पुनरुद्धार अभियान की एक महत्त्वपूर्ण कड़ी बन सकती है।