SBI रिसर्च रिपोर्ट: भारत में 82% तक अनौपचारिक कार्यबल, औपचारिकरण और सामाजिक सुरक्षा विस्तार ज़रूरी

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SBI रिसर्च रिपोर्ट: भारत में 82% तक अनौपचारिक कार्यबल, औपचारिकरण और सामाजिक सुरक्षा विस्तार ज़रूरी

सारांश

SBI रिसर्च की रिपोर्ट ने खुलासा किया है कि पंजाब में 82% और यूपी-बिहार में 81% कार्यबल अनौपचारिक है। महिलाओं के अनौपचारिक श्रमिक होने की संभावना पुरुषों से 4.8% अधिक है। रिपोर्ट कार्यबल के औपचारिकरण और सामाजिक सुरक्षा विस्तार को तत्काल प्राथमिकता बताती है।

मुख्य बातें

SBI रिसर्च की रिपोर्ट के अनुसार पंजाब में अनौपचारिक श्रमिकों की हिस्सेदारी सर्वाधिक 82% है।
उत्तर प्रदेश और बिहार में 81% कार्यबल अनौपचारिक क्षेत्र में है।
महिला श्रमिकों के अनौपचारिक होने की संभावना पुरुषों से 4.8% अधिक; सरकारी अनुदान से स्वरोज़गार में 5.8% वृद्धि संभव।
कृषि क्षेत्र अनौपचारिक कार्यबल का सबसे बड़ा स्रोत — कुल अनौपचारिक रोज़गार का 42% ।
कार्यबल में कृषि की हिस्सेदारी 1987-88 के 66% से घटकर 2023-24 में 43% हो गई।
बड़े उद्यमों (20+ कर्मचारी) में रोज़गार 2024 के 10.8% से बढ़कर 13.7% हो गया।

भारतीय स्टेट बैंक (SBI) रिसर्च की एक ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार, देश के सभी राज्यों में अनौपचारिक रोज़गार का वर्चस्व बना हुआ है और अब कार्यबल के औपचारिकरण को गति देने तथा सामाजिक सुरक्षा कवरेज का विस्तार करने को प्राथमिकता दिए जाने की आवश्यकता है। रिपोर्ट में राज्यवार आँकड़ों के साथ-साथ लिंग, क्षेत्र और उद्योग के आधार पर अनौपचारिक रोज़गार की गहरी पड़ताल की गई है।

राज्यवार स्थिति: पंजाब सबसे आगे, दक्षिणी राज्य बेहतर

पंजाब में अनौपचारिक श्रमिकों की हिस्सेदारी सर्वाधिक 82 प्रतिशत है। इसके बाद उत्तर प्रदेश और बिहार में यह आँकड़ा 81 प्रतिशत है। राजस्थान, छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश और मध्य प्रदेश में भी लगभग 74 प्रतिशत श्रमिक अनौपचारिक नौकरियों में कार्यरत हैं।

रिपोर्ट में कहा गया है,

संपादकीय दृष्टिकोण

तो PLI और मैन्युफैक्चरिंग प्रोत्साहन योजनाओं का लाभ सीमित रहता है। महिलाओं के लिए 4.8% अधिक अनौपचारिकता की संभावना और सरकारी प्रशिक्षण से स्वरोज़गार में मात्र 5.8% की वृद्धि यह बताती है कि नीतिगत हस्तक्षेप की गति और पैमाना दोनों अपर्याप्त हैं। बड़े उद्यमों में रोज़गार का 10.8% से 13.7% तक बढ़ना सकारात्मक संकेत है, लेकिन जब तक सामाजिक सुरक्षा कवरेज ग्रामीण और निर्माण क्षेत्र के 59% अनौपचारिक श्रमिकों तक नहीं पहुँचती, यह प्रगति आँकड़ों तक ही सीमित रहेगी।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

SBI रिसर्च की अनौपचारिक रोज़गार रिपोर्ट में क्या कहा गया है?
SBI रिसर्च की रिपोर्ट के अनुसार भारत के सभी राज्यों में अनौपचारिक रोज़गार का वर्चस्व है और कार्यबल के औपचारिकरण तथा सामाजिक सुरक्षा कवरेज के विस्तार को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। पंजाब में 82%, उत्तर प्रदेश और बिहार में 81% कार्यबल अनौपचारिक क्षेत्र में है।
भारत में किस राज्य में सबसे अधिक अनौपचारिक श्रमिक हैं?
SBI रिसर्च रिपोर्ट के अनुसार पंजाब में अनौपचारिक श्रमिकों की हिस्सेदारी 82% के साथ सर्वाधिक है। इसके बाद उत्तर प्रदेश और बिहार में 81% अनौपचारिक कार्यबल है।
महिला श्रमिकों और अनौपचारिक रोज़गार का क्या संबंध है?
SBI रिसर्च रिपोर्ट के अनुसार महिला श्रमिकों के अनौपचारिक श्रमिक होने की संभावना पुरुषों की तुलना में 4.8% अधिक है। रिपोर्ट यह भी बताती है कि सरकारी अनुदान से महिलाओं में स्वरोज़गार की संभावना में 5.8% की वृद्धि होती है।
भारत में अनौपचारिक रोज़गार का सबसे बड़ा क्षेत्र कौन सा है?
कृषि क्षेत्र भारत में अनौपचारिक रोज़गार का सबसे बड़ा स्रोत है, जो कुल अनौपचारिक कार्यबल का लगभग 42% है। इसके बाद व्यापार और होटल क्षेत्र (17%) और अन्य सेवा गतिविधियाँ (14%) आती हैं।
भारत में कार्यबल में कृषि की हिस्सेदारी कितनी घटी है?
SBI रिसर्च रिपोर्ट के अनुसार कार्यबल में कृषि की हिस्सेदारी 1987-88 के 66% से घटकर 2023-24 में 43% हो गई है, यानी 37 वर्षों में 23 प्रतिशत अंकों की गिरावट आई है।
राष्ट्र प्रेस
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