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सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की बड़ी सिफारिश: कर्नाटक, MP और हिमाचल हाई कोर्ट के लिए 10 नए जजों के नाम मंज़ूर

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सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की बड़ी सिफारिश: कर्नाटक, MP और हिमाचल हाई कोर्ट के लिए 10 नए जजों के नाम मंज़ूर

सारांश

CJI सूर्यकांत की अध्यक्षता वाले सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 2 जून 2026 की बैठक में कर्नाटक हाई कोर्ट के लिए छह, मध्य प्रदेश के लिए एक और हिमाचल प्रदेश के लिए तीन जजों — कुल 10 नामों — की सिफारिश को मंज़ूरी दी। अब फ़ाइल केंद्र के पास है; राष्ट्रपति के वारंट के बाद ही ये नियुक्तियाँ प्रभावी होंगी।

मुख्य बातें

SC कॉलेजियम ने 2 जून 2026 की बैठक में तीन हाई कोर्ट के लिए 10 नामों को मंज़ूरी दी।
कर्नाटक HC के लिए राघवेंद्र सीताराम श्रीवत्स , हेमा कुलकर्णी , सुब्रमण्य रंगाराव , थडागवाडी प्रकाश विवेकानंद , बक्केश्वर प्रमोद और होम्बे गौड़ा शांति भूषण के नाम सुझाए गए।
मध्य प्रदेश HC के लिए वकील अमित लाहोटी की सिफारिश।
हिमाचल प्रदेश HC के लिए न्यायिक अधिकारियों चिराग भानु सिंह , भूपेश शर्मा और योगेश जसवाल के नाम मंज़ूर।
नियुक्तियाँ राष्ट्रपति के वारंट और राजपत्र अधिसूचना के बाद प्रभावी होंगी।

भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाले सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 2 जून 2026 को हुई बैठक में कर्नाटक, मध्य प्रदेश और हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालयों के लिए कुल 10 नए जजों की नियुक्ति के प्रस्तावों को मंज़ूरी दी है। यह सिफारिश तीनों हाई कोर्ट में लंबित रिक्तियों को पाटने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है, जिसकी जानकारी सर्वोच्च न्यायालय की वेबसाइट पर जारी बयानों में दी गई।

कर्नाटक हाई कोर्ट के लिए छह नाम

कॉलेजियम ने कर्नाटक हाई कोर्ट में जज के तौर पर वकीलों राघवेंद्र सीताराम श्रीवत्स, हेमा कुलकर्णी, सुब्रमण्य रंगाराव, थडागवाडी प्रकाश विवेकानंद, बक्केश्वर प्रमोद और होम्बे गौड़ा शांति भूषण की नियुक्ति के प्रस्ताव पर सहमति दी है। बार से सीधे न्यायपालिका में आने वाले ये छह नाम राज्य के उच्च न्यायालय में कार्यभार के दबाव को कम करने की दिशा में अहम माने जा रहे हैं।

मध्य प्रदेश और हिमाचल के लिए सिफारिशें

मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के लिए वकील अमित लाहोटी के नाम की सिफारिश की गई है। सुप्रीम कोर्ट के बयान के अनुसार, ‘सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 2 जून, 2026 को हुई अपनी बैठक में वकील अमित लाहोटी को मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में जज के तौर पर नियुक्त करने के प्रस्ताव को मंज़ूरी दे दी है।’

वहीं हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट के लिए तीन न्यायिक अधिकारियों — चिराग भानु सिंह, भूपेश शर्मा और योगेश जसवाल — के नामों को मंज़ूरी दी गई। एक अलग बयान में कॉलेजियम ने इन नियुक्तियों के प्रस्ताव को औपचारिक रूप से अनुमोदित किया।

नियुक्ति की प्रक्रिया क्या कहती है

हाई कोर्ट के जजों की नियुक्ति को नियंत्रित करने वाले मेमोरेंडम ऑफ प्रोसीजर के अनुसार, प्रस्ताव संबंधित हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश द्वारा उस हाई कोर्ट के दो सबसे वरिष्ठ जजों के परामर्श से शुरू किया जाता है। इसके बाद यह सिफारिश मुख्यमंत्री के माध्यम से राज्यपाल तक पहुँचती है, जो इसे केंद्रीय कानून एवं न्याय मंत्री को आगे भेजते हैं।

केंद्र द्वारा कार्रवाई के बाद प्रस्ताव सीजेआई के समक्ष रखा जाता है, जो सर्वोच्च न्यायालय के सबसे वरिष्ठ जजों से परामर्श कर सिफारिश को अंतिम रूप देते हैं। कॉलेजियम की मंज़ूरी के बाद फ़ाइल केंद्र सरकार को लौटती है।

आगे क्या होगा

नियुक्तियाँ तभी प्रभावी होंगी जब भारत के राष्ट्रपति नियुक्ति के वारंट पर हस्ताक्षर करेंगे और न्याय विभाग भारत के राजपत्र में अधिसूचना जारी करेगा। गौरतलब है कि कॉलेजियम की सिफारिश और केंद्र द्वारा अंतिम अधिसूचना के बीच की अवधि अक्सर विवाद का विषय रही है, और कानूनी हलकों की निगाहें अब इस बात पर टिकी हैं कि सरकार इन दस नामों पर कितनी जल्दी मुहर लगाती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

पर असली प्रश्न केंद्र के ‘सेगमेंटेड अप्रूवल’ पैटर्न पर टिका है — जहाँ कुछ नाम महीनों, कभी-कभी वर्षों तक लंबित रह जाते हैं। बार से सीधी पदोन्नति वाले छह कर्नाटक नामों पर सरकार की प्रतिक्रिया विशेष रूप से देखने योग्य होगी, क्योंकि बार-नियुक्तियों पर हाल में सबसे अधिक टकराव हुआ है। पारदर्शिता की दृष्टि से कॉलेजियम बयानों में अब भी कारणों का खुलासा नदारद है, जो न्यायिक जवाबदेही पर लगातार उठते सवालों को जिंदा रखता है।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 2 जून 2026 को क्या सिफारिश की?
कॉलेजियम ने कर्नाटक, मध्य प्रदेश और हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट के लिए कुल 10 नए जजों की नियुक्ति के प्रस्तावों को मंज़ूरी दी। इनमें कर्नाटक के लिए छह, मध्य प्रदेश के लिए एक और हिमाचल प्रदेश के लिए तीन नाम शामिल हैं।
कर्नाटक हाई कोर्ट के लिए किन वकीलों के नाम सुझाए गए हैं?
कॉलेजियम ने राघवेंद्र सीताराम श्रीवत्स, हेमा कुलकर्णी, सुब्रमण्य रंगाराव, थडागवाडी प्रकाश विवेकानंद, बक्केश्वर प्रमोद और होम्बे गौड़ा शांति भूषण के नामों को मंज़ूरी दी है। ये सभी वकील बार से सीधे हाई कोर्ट में जज के रूप में पदोन्नत किए जाने प्रस्तावित हैं।
हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट के लिए किन्हें मनोनीत किया गया है?
हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट के लिए तीन न्यायिक अधिकारियों — चिराग भानु सिंह, भूपेश शर्मा और योगेश जसवाल — को जज के तौर पर नियुक्त करने की सिफारिश की गई है।
हाई कोर्ट जज की नियुक्ति की प्रक्रिया क्या है?
प्रस्ताव संबंधित हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश दो वरिष्ठतम जजों के परामर्श से शुरू करते हैं, फिर यह मुख्यमंत्री, राज्यपाल और केंद्रीय कानून मंत्री होते हुए SC कॉलेजियम तक पहुँचता है। कॉलेजियम की मंज़ूरी के बाद केंद्र की कार्यवाही, राष्ट्रपति के वारंट और राजपत्र अधिसूचना से नियुक्ति प्रभावी होती है।
ये नियुक्तियाँ कब प्रभावी होंगी?
नियुक्तियाँ तभी प्रभावी मानी जाएँगी जब भारत के राष्ट्रपति नियुक्ति वारंट पर हस्ताक्षर करेंगे और न्याय विभाग भारत के राजपत्र में अधिसूचना जारी करेगा। तब तक सिफारिशें केंद्र सरकार के समक्ष लंबित रहती हैं।
राष्ट्र प्रेस
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