23 सितंबर 2026
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शालीमार मस्जिद पर कार्रवाई गलत, दिल्ली सरकार यूपी की राह पर: मौलाना शहाबुद्दीन

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शालीमार मस्जिद पर कार्रवाई गलत, दिल्ली सरकार यूपी की राह पर: मौलाना शहाबुद्दीन

सारांश

दिल्ली में शालीमार मस्जिद पर हुई कार्रवाई को मौलाना शहाबुद्दीन ने पक्षपातपूर्ण बताया और CM रेखा गुप्ता को आड़े हाथों लिया। साथ ही उन्होंने सपा से यूपी की करीब 150 बहुसंख्यक मुस्लिम सीटों पर मुसलमानों को टिकट देने की माँग दोहराते हुए 2027 चुनाव में बदलाव का संकेत दिया।

मुख्य बातें

मौलाना शहाबुद्दीन ने 23 सितंबर 2026 को बरेली में दिल्ली सरकार की शालीमार मस्जिद पर कार्रवाई की निंदा की।
उन्होंने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर आरोप लगाया कि दिल्ली सरकार उत्तर प्रदेश की तर्ज पर धार्मिक स्थलों को निशाना बना रही है।
मौलाना ने कहा कि मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारा या चर्च — किसी भी धार्मिक स्थल पर बुलडोजर नहीं चलना चाहिए।
समाजवादी पार्टी से उत्तर प्रदेश की करीब 150 बहुसंख्यक मुस्लिम सीटों पर मुस्लिम उम्मीदवार उतारने की माँग दोहराई।
सपा पर परिवारवाद का आरोप; कहा — 2027 के चुनाव में यह स्थिति नहीं चलेगी।

बरेली में 23 सितंबर 2026 को मौलाना शहाबुद्दीन ने दिल्ली में शालीमार मस्जिद पर हुई कार्रवाई को गलत ठहराते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की आलोचना की और कहा कि दिल्ली सरकार उत्तर प्रदेश की तर्ज पर धार्मिक स्थलों को निशाना बना रही है। उन्होंने सभी सरकारों से अपील की कि किसी भी धर्म के पूजा स्थलों पर बुलडोजर नहीं चलाया जाना चाहिए।

मुख्य बयान और आरोप

मौलाना शहाबुद्दीन ने कहा कि जहाँ लोग इबादत, पूजा-पाठ और नमाज अदा करते हैं, ऐसे धार्मिक स्थलों को निशाना बनाना तंग नज़रिए और पक्षपात की बुनियाद पर की जाने वाली कार्रवाई है, जिसे स्वीकार नहीं किया जा सकता। उनके अनुसार, कुछ दिन पहले सहारनपुर की एक मस्जिद गिराई गई थी और अब दिल्ली में शालीमार मस्जिद को निशाना बनाया गया।

उन्होंने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से ऐसी कार्रवाइयों से बचने की माँग करते हुए कहा कि इससे समाज में शांति बनाए रखने में मदद मिलेगी।

मोदी के नारे और सरकार की कार्रवाई में विरोधाभास

मौलाना ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास' के नारे का ज़िक्र करते हुए कहा कि एक तरफ यह संदेश दिया जाता है, जबकि मुख्यमंत्री की ओर से विश्वास तोड़ने वाली कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने चेताया कि इससे समाज को नुकसान होगा और समाज को नुकसान होने पर देश भी प्रभावित होगा।

उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी आपत्ति सिर्फ मस्जिदों तक सीमित नहीं है — मंदिर, गुरुद्वारा या चर्च — किसी भी इबादतगाह पर सरकारों को इस तरह की कार्रवाई से बचना चाहिए।

समाजवादी पार्टी से मुस्लिम प्रतिनिधित्व की माँग

मौलाना शहाबुद्दीन ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव से मुस्लिम आबादी के प्रतिशत के हिसाब से टिकट देने की माँग दोहराई। उनके अनुसार, उत्तर प्रदेश में करीब 150 ऐसी विधानसभा सीटें हैं जहाँ मुस्लिम आबादी बहुसंख्यक है और इन सीटों पर मुसलमानों को उम्मीदवारी दी जानी चाहिए।

उन्होंने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव के दौर में भी सपा में मुस्लिम आबादी के अनुपात में टिकट नहीं दिए गए और उम्मीदवारी तय करने में इसका ध्यान नहीं रखा गया।

सपा पर परिवारवाद का आरोप

मौलाना ने सपा पर परिवारवाद का आरोप लगाते हुए कहा कि प्रधानी, ब्लॉक प्रमुख या जिला पंचायत जैसे स्थानीय पदों पर भी मुसलमानों को पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं मिलता और पार्टी के परिवार के लोगों को ही प्राथमिकता दी जाती है। उन्होंने साफ कहा कि 2027 के विधानसभा चुनाव में यह स्थिति नहीं चलेगी।

आगे क्या

मौलाना के यह बयान ऐसे समय में आए हैं जब यूपी विधानसभा चुनाव 2027 से पहले अल्पसंख्यक प्रतिनिधित्व का मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है। दिल्ली में धार्मिक स्थलों पर कार्रवाई और उत्तर प्रदेश में मुस्लिम टिकट वितरण — दोनों मुद्दे आने वाले महीनों में और तीखे होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

या यह दरार चुनावी समीकरणों को बदल देगी।
RashtraPress
23 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शालीमार मस्जिद पर दिल्ली सरकार की कार्रवाई क्या है?
दिल्ली में शालीमार मस्जिद पर सरकारी कार्रवाई हुई है, जिसकी मौलाना शहाबुद्दीन ने निंदा की है। उन्होंने इसे पक्षपातपूर्ण बताते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से ऐसी कार्रवाइयों से बचने की माँग की है।
मौलाना शहाबुद्दीन ने रेखा गुप्ता सरकार की आलोचना क्यों की?
मौलाना का कहना है कि दिल्ली सरकार उत्तर प्रदेश की तर्ज पर धार्मिक स्थलों को निशाना बना रही है, जो तंग नज़रिए और पक्षपात पर आधारित कार्रवाई है। उन्होंने इसे प्रधानमंत्री मोदी के 'सबका साथ, सबका विश्वास' के नारे से विरोधाभासी बताया।
मौलाना शहाबुद्दीन ने समाजवादी पार्टी से क्या माँग की है?
उन्होंने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव से माँग की है कि उत्तर प्रदेश की करीब 150 बहुसंख्यक मुस्लिम सीटों पर मुस्लिम उम्मीदवारों को टिकट दिया जाए। उनका आरोप है कि अखिलेश यादव के दौर में भी सपा ने मुस्लिम आबादी के अनुपात में प्रतिनिधित्व नहीं दिया।
क्या मौलाना ने केवल मस्जिदों की बात की या सभी धार्मिक स्थलों की?
मौलाना शहाबुद्दीन ने स्पष्ट किया कि उनकी माँग सभी धर्मों के लिए है — मस्जिद, मंदिर, गुरुद्वारा या चर्च, किसी भी इबादतगाह पर बुलडोजर नहीं चलाया जाना चाहिए। उन्होंने सभी सरकारों से यह संयम बरतने की अपील की।
2027 यूपी चुनाव में मौलाना का क्या रुख है?
मौलाना ने साफ कहा कि 2027 के विधानसभा चुनाव में मुस्लिम प्रतिनिधित्व की मौजूदा स्थिति नहीं चलेगी। उन्होंने सपा पर परिवारवाद का आरोप लगाते हुए स्थानीय पदों पर भी पर्याप्त मुस्लिम नुमाइंदगी की माँग की।
राष्ट्र प्रेस
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