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शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने धीरेंद्र शास्त्री की गौ रैली का किया स्वागत, BJP पर साधा निशाना

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शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने धीरेंद्र शास्त्री की गौ रैली का किया स्वागत, BJP पर साधा निशाना

सारांश

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने महोबा में धीरेंद्र शास्त्री की गौ-यात्रा को खुला समर्थन देते हुए BJP पर तीखा प्रहार किया — कहा कि देश का हर वर्ग गाय को 'राष्ट्र माता' मानता है, केवल सत्ताधारी दल के मुँह पर ताला है।

मुख्य बातें

शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती 29 मई को महोबा पहुँचे और माँ चंडिका देवी मंदिर में पूजा की।
धीरेंद्र शास्त्री की गौ माता रैली को शंकराचार्य ने हृदय से समर्थन दिया।
शंकराचार्य ने BJP पर निशाना साधा — कहा केवल सत्ताधारी दल ही गाय को 'माता' कहने से बच रहा है।
गाय को 'राष्ट्र माता' घोषित करने की माँग को व्यापक सामाजिक समर्थन बताया।
सरकार से सीधा सवाल — बहुमत की आवाज को अनसुना क्यों किया जा रहा है?

ज्योतिषपीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती शुक्रवार, 29 मई को महोबा पहुँचे, जहाँ उन्होंने माँ चंडिका देवी मंदिर में पूजा-अर्चना की और आध्यात्मिक गुरु धीरेंद्र शास्त्री द्वारा गौ माता के सम्मान में आयोजित रैली को अपना खुला समर्थन दिया। शंकराचार्य ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि समाज का हर वर्ग इस माँग को उठा रहा है, केवल सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (BJP) इस विषय पर मौन है।

धीरेंद्र शास्त्री की रैली को मिला आशीर्वाद

शंकराचार्य महाराज ने पत्रकारों से बात करते हुए धीरेंद्र शास्त्री की गौ-यात्रा की सराहना की। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में लोग इस यात्रा में शामिल हो रहे हैं और तीन प्रस्तावित संकल्पों को स्वीकार कर रहे हैं। उनके शब्दों में, "यह हमारी हृदय से जुड़ा मुद्दा है, जिसे धीरेंद्र शास्त्री जी उठा रहे हैं।"

BJP पर सीधा प्रहार

शंकराचार्य ने गौ माता को 'राष्ट्र माता' घोषित करने की माँग को व्यापक जन-समर्थन से जोड़ते हुए BJP पर तीखा निशाना साधा। उन्होंने कहा, "गाय को राष्ट्र माता घोषित करने के लिए चारों तरफ से आवाज उठ रही है। देश का कोई एक वर्ग ऐसा नहीं है, जो यह बात नहीं उठा रहा हो। केवल सत्ताधारी भाजपाई के ही मुँह पर ताला लगा हुआ है; केवल वही गाय को माता नहीं बोल पा रहे हैं, बाकी सभी बोलने लग गए हैं। ऐसे में अगर धीरेंद्र शास्त्री गाय को राष्ट्र माता घोषित करने के लिए यात्रा निकाल रहे हैं, तो मैं उनका स्वागत करता हूँ।"

गाय को 'माता' का दर्जा देने की दलील

महाराज ने गौ माता की कानूनी और सामाजिक स्थिति पर तर्क देते हुए कहा, "यदि हम आपको एक जानवर घोषित कर दें, तो लोग आपके साथ जानवरों जैसा बर्ताव करने लगेंगे। इसलिए गाय को जानवरों की श्रेणी से हटाकर 'माता' के रूप में मान्यता दी जानी चाहिए।" उनका यह वक्तव्य गौ-संरक्षण आंदोलन में एक नई धार्मिक-विधिक बहस को जन्म देता है।

सरकार से सीधा सवाल

शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने केंद्र सरकार को सीधे चुनौती देते हुए पूछा, "सरकार का कहना है कि वह बहुमत की राय के आधार पर फैसला लेती है। जब देश का बहुमत कह रहा है कि गाय कोई जानवर नहीं, बल्कि माता है, तो सरकार को क्या दिक्कत है? वे गाय को 'माता' क्यों नहीं मान रहे हैं? क्या ऐसी सरकार देश की आवाज को दबा देगी?" यह बयान ऐसे समय में आया है जब गौ-संरक्षण का मुद्दा राष्ट्रीय राजनीति में एक बार फिर केंद्र में आ गया है। आने वाले दिनों में धीरेंद्र शास्त्री की यात्रा और इस माँग पर सरकार की प्रतिक्रिया पर सबकी नजरें टिकी रहेंगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक सुनियोजित राजनीतिक दबाव है — जो BJP को उसी हिंदुत्व एजेंडे पर घेरता है जिसे वह अपनी पहचान मानती है। गौरतलब है कि गाय को 'राष्ट्र माता' घोषित करने की माँग वर्षों से उठती रही है, लेकिन केंद्र सरकार ने इस पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया। धीरेंद्र शास्त्री जैसे युवा आध्यात्मिक नेताओं के साथ शंकराचार्य जैसे परंपरागत धर्माचार्यों का एकजुट होना इस आंदोलन को नई व्यापकता दे रहा है। असली सवाल यह है कि क्या BJP इस दबाव में कोई नीतिगत कदम उठाएगी, या यह मुद्दा अगले चुनावी चक्र तक लंबित रहेगा।
RashtraPress
16 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने धीरेंद्र शास्त्री की गौ रैली का समर्थन क्यों किया?
शंकराचार्य ने इसे 'हृदय से जुड़ा मुद्दा' बताया और कहा कि समाज का हर वर्ग गाय को 'राष्ट्र माता' घोषित करने की माँग उठा रहा है। उनके अनुसार धीरेंद्र शास्त्री की यात्रा इसी व्यापक जन-भावना की अभिव्यक्ति है।
गाय को 'राष्ट्र माता' घोषित करने की माँग क्या है?
यह माँग है कि भारत सरकार गाय को कानूनी रूप से 'राष्ट्र माता' का दर्जा दे, जिससे उसे जानवरों की सामान्य श्रेणी से अलग विशेष संरक्षण मिले। शंकराचार्य का तर्क है कि जब तक गाय को 'जानवर' माना जाएगा, उसके साथ वैसा ही व्यवहार होगा।
शंकराचार्य ने BJP की आलोचना किस आधार पर की?
शंकराचार्य ने कहा कि देश के सभी वर्ग गाय को माता मान रहे हैं, लेकिन सत्ताधारी BJP इस विषय पर मौन है। उन्होंने सरकार से सवाल किया कि यदि वह बहुमत की राय से चलती है, तो इस माँग पर निर्णय क्यों नहीं ले रही।
धीरेंद्र शास्त्री की गौ यात्रा में क्या है?
धीरेंद्र शास्त्री की इस यात्रा में लोगों से तीन प्रस्तावित संकल्प स्वीकार कराए जा रहे हैं, जो गौ-संरक्षण और गाय को 'राष्ट्र माता' का दर्जा दिलाने से जुड़े हैं। बड़ी संख्या में लोग इस यात्रा में शामिल हो रहे हैं।
शंकराचार्य महोबा क्यों आए थे?
शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती 29 मई को महोबा पहुँचे, जहाँ उन्होंने माँ चंडिका देवी मंदिर में पूजा-अर्चना की। इसी दौरान उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में धीरेंद्र शास्त्री की गौ रैली और BJP की नीति पर अपनी राय रखी।
राष्ट्र प्रेस
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