26 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

पश्चिम बंगाल में लागू हुआ 'वॉशिंग मशीन मॉडल': शिवसेना (यूबीटी) का BJP पर बड़ा हमला

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
पश्चिम बंगाल में लागू हुआ 'वॉशिंग मशीन मॉडल': शिवसेना (यूबीटी) का BJP पर बड़ा हमला

सारांश

शिवसेना (यूबीटी) ने 'सामना' संपादकीय में आरोप लगाया कि महाराष्ट्र में आज़माया गया 'वॉशिंग मशीन मॉडल' — जहाँ भ्रष्टाचार के आरोपी BJP में आते ही जाँच से बच जाते हैं — अब पश्चिम बंगाल में भी दोहराया जा रहा है। TMC विधायकों का BJP में जाना इसी पैटर्न की नई कड़ी बताई जा रही है।

मुख्य बातें

शिवसेना (यूबीटी) ने 10 जून 2026 को 'सामना' संपादकीय में BJP पर 'वॉशिंग मशीन मॉडल' अपनाने का आरोप लगाया।
पार्टी का दावा है कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद TMC के बड़ी संख्या में विधायक BJP में शामिल हुए हैं।
आरोप है कि TMC नेताओं को तोड़ने के लिए धमकी, धन और केंद्रीय जाँच एजेंसियों का इस्तेमाल किया गया।
संपादकीय में विधानसभा अध्यक्ष, चुनाव आयोग और न्यायपालिका जैसी संस्थाओं के कथित दुरुपयोग का भी उल्लेख किया गया।
पार्टी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के 12 वर्षों के कार्यकाल में लोकतांत्रिक मूल्यों को कमज़ोर किया गया है।

शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) ने बुधवार, 10 जून 2026 को आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 वर्षों के कार्यकाल में लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमज़ोर किया गया है और महाराष्ट्र में आज़माया गया 'वॉशिंग मशीन मॉडल' अब पश्चिम बंगाल में भी दोहराया जा रहा है। पार्टी के मुखपत्र 'सामना' में प्रकाशित संपादकीय में कहा गया कि हाल के विधानसभा चुनावों के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) के बड़ी संख्या में विधायक भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हो गए हैं।

मुख्य आरोप: क्या है 'वॉशिंग मशीन मॉडल'

शिवसेना (यूबीटी) के संपादकीय में कहा गया कि 'वॉशिंग मशीन मॉडल' वह राजनीतिक प्रक्रिया है जिसमें कथित तौर पर भ्रष्टाचार के आरोपी नेता किसी दल में शामिल होते हैं और उनके खिलाफ चल रही जाँच धीमी पड़ जाती है या बंद हो जाती है। संपादकीय के अनुसार, यह पैटर्न पहले महाराष्ट्र में देखा गया और अब पश्चिम बंगाल में भी यही दोहराया जा रहा है।

पार्टी ने आरोप लगाया कि TMC नेताओं को तोड़ने के लिए धमकी, धन और केंद्रीय जाँच एजेंसियों का इस्तेमाल किया जा रहा है। संपादकीय में कहा गया कि चुनाव प्रचार के दौरान BJP नेताओं ने जिन TMC नेताओं को भ्रष्ट और अवैध प्रवासियों का समर्थक बताया था, वही नेता अब BJP की छतरी तले आ गए हैं।

संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल

शिवसेना (यूबीटी) ने अपने संपादकीय में यह भी आरोप लगाया कि विधानसभा अध्यक्ष, चुनाव आयोग और न्यायपालिका जैसी संवैधानिक संस्थाओं का उपयोग राजनीतिक दल-बदल को सुगम बनाने के लिए किया जा रहा है। पार्टी का कहना है कि इससे लोकतांत्रिक मूल्यों को गंभीर नुकसान पहुँच रहा है।

गौरतलब है कि शिवसेना (यूबीटी) स्वयं महाराष्ट्र में उस राजनीतिक विभाजन की शिकार रही है जिसमें उसके कई विधायक अलग गुट में चले गए थे। इस पृष्ठभूमि में पार्टी के ये आरोप अधिक राजनीतिक महत्व रखते हैं।

BJP की राजनीति पर निशाना

संपादकीय में कहा गया कि BJP की राजनीति केवल सत्ता हासिल करने पर केंद्रित है। पार्टी ने आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार के आरोपियों के BJP में शामिल होते ही उनके खिलाफ जाँच की रफ्तार धीमी पड़ जाती है, जो कि लोकतांत्रिक जवाबदेही के सिद्धांत के विरुद्ध है।

यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के परिणामों के बाद राज्य की राजनीति में बड़े उलटफेर देखे जा रहे हैं और कई दलों के विधायकों के दल-बदल की खबरें सामने आ रही हैं।

आगे का रास्ता: नए नेतृत्व की उम्मीद

शिवसेना (यूबीटी) ने कहा कि अवसरवादी नेताओं के पार्टी छोड़ने से देश को नए और ईमानदार नेतृत्व के उभरने का अवसर मिलेगा। संपादकीय का समापन इस आशावादी टिप्पणी के साथ हुआ कि देश नए आत्मसम्मान और देशभक्ति की भावना के साथ आगे बढ़ेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो खुद महाराष्ट्र में दल-बदल की सबसे बड़ी शिकार रही है। विडंबना यह है कि जो पार्टी संवैधानिक संस्थाओं के कथित दुरुपयोग पर सवाल उठा रही है, उसके अपने विभाजन पर भी अदालतों में लंबी लड़ाई चली है। BJP की ओर से इन आरोपों का कोई आधिकारिक खंडन अभी सामने नहीं आया है, जो इस बहस को एकतरफा बनाता है। असली सवाल यह है कि क्या विपक्ष इन आरोपों को केवल संपादकीय तक सीमित रखेगा या संसद और अदालत में ठोस साक्ष्य के साथ उठाएगा।
RashtraPress
26 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शिवसेना (यूबीटी) का 'वॉशिंग मशीन मॉडल' क्या है?
'वॉशिंग मशीन मॉडल' वह राजनीतिक प्रक्रिया है जिसमें कथित तौर पर भ्रष्टाचार के आरोपी नेता BJP में शामिल होते हैं और उनके खिलाफ चल रही जाँच धीमी पड़ जाती है। शिवसेना (यूबीटी) के अनुसार यह पैटर्न पहले महाराष्ट्र में देखा गया और अब पश्चिम बंगाल में भी दोहराया जा रहा है।
पश्चिम बंगाल में TMC विधायकों के BJP में शामिल होने पर क्या आरोप हैं?
शिवसेना (यूबीटी) ने आरोप लगाया है कि हाल के विधानसभा चुनावों के बाद TMC के बड़ी संख्या में विधायक BJP में शामिल हुए हैं। पार्टी का कहना है कि इसके लिए धमकी, धन और केंद्रीय जाँच एजेंसियों का इस्तेमाल किया गया।
शिवसेना (यूबीटी) ने यह आरोप कहाँ और कब लगाए?
ये आरोप 10 जून 2026 को पार्टी के मुखपत्र 'सामना' में प्रकाशित संपादकीय के माध्यम से लगाए गए। संपादकीय में PM मोदी के 12 वर्षों के कार्यकाल को निशाना बनाया गया।
शिवसेना (यूबीटी) ने किन संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाए हैं?
पार्टी ने विधानसभा अध्यक्ष, चुनाव आयोग और न्यायपालिका पर आरोप लगाया है कि इनका उपयोग राजनीतिक दल-बदल को आसान बनाने के लिए किया जा रहा है। हालाँकि ये आरोप पार्टी के संपादकीय में हैं और इनका स्वतंत्र सत्यापन नहीं हुआ है।
BJP ने इन आरोपों पर क्या कहा है?
शिवसेना (यूबीटी) के इन आरोपों पर BJP की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यह खबर पार्टी के 'सामना' संपादकीय पर आधारित है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 सप्ताह पहले
  2. 3 सप्ताह पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 2 महीने पहले
  6. 2 महीने पहले
  7. 2 महीने पहले
  8. 1 साल पहले