3 नवंबर 2026
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एसआईआर में कटे नाम सही: चिराग पासवान बोले — घुसपैठिये देश के संसाधनों का दुरुपयोग कर रहे थे

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एसआईआर में कटे नाम सही: चिराग पासवान बोले — घुसपैठिये देश के संसाधनों का दुरुपयोग कर रहे थे

सारांश

केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने एसआईआर के तहत मतदाता सूची से नाम हटाने का पूरी तरह बचाव किया — डुप्लीकेट, दिवंगत और घुसपैठियों के नाम काटे गए बताए। इंडिया ब्लॉक की रामलीला मैदान रैली की कमज़ोर भीड़ को विपक्ष के दावों की असलियत बताया और कांग्रेस पर सत्ता-लालच का सीधा आरोप लगाया।

मुख्य बातें

केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने 3 नवंबर 2026 को पटना में कहा कि एसआईआर के तहत हटाए गए नाम डुप्लीकेट, दिवंगत व्यक्तियों और घुसपैठियों के थे।
पासवान ने इंडिया ब्लॉक की रामलीला मैदान रैली पर कहा — 10 लाख के दावे के बावजूद 1 लाख 40 हज़ार लोग भी नहीं जुट सके।
उन्होंने बूथ-लेवल एजेंट (बीएलए) की भूमिका का हवाला देते हुए कहा कि गलत कटे नामों की पुनः जुड़वाने की प्रक्रिया उपलब्ध है।
कांग्रेस और राहुल गांधी पर सत्ता-लालच में मर्यादाएँ तोड़ने का आरोप लगाया।
BJP की अराजकता-विरोधी यात्रा में उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों के जनप्रतिनिधि शामिल बताए।
अनंत सिंह की JDU से सदस्यता रद्द होने को पार्टी का आंतरिक मामला बताया।

केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने 3 नवंबर 2026 को पटना में स्पष्ट किया कि विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (एसआईआर) के अंतर्गत मतदाता सूची से जो नाम हटाए गए हैं, वे सभी उचित और आवश्यक हैं। उन्होंने कहा कि इन नामों में डुप्लीकेट प्रविष्टियाँ, दिवंगत व्यक्तियों के नाम और वे घुसपैठिये शामिल हैं जो लंबे समय से देश के साधन-संसाधनों का अवैध रूप से दोहन कर रहे थे।

मुख्य बयान और तर्क

पासवान ने कहा, 'एसआईआर के तहत जो नाम कट रहे हैं, ये वे नाम हैं जो सही मायनों में अवैध रूप से हमारे देश के साधन-संसाधनों का लंबे समय से दुरुपयोग कर रहे थे।' उन्होंने विपक्षी दलों पर सवाल उठाते हुए पूछा कि यदि नाम गलत काटे गए हैं, तो बूथ-लेवल एजेंट (बीएलए) क्रॉस-चेक क्यों नहीं कर रहे थे। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि यदि किसी बूथ-लेवल ऑफिसर (बीएलओ) से कोई गलती हुई हो, तो उसके नाम को दोबारा जुड़वाने की प्रक्रिया उपलब्ध है।

रामलीला मैदान रैली पर तीखा हमला

केंद्रीय मंत्री ने इंडिया ब्लॉक की रामलीला मैदान रैली को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि विपक्ष ने 10 लाख लोग जुटाने का दावा किया, लेकिन 140 करोड़ की आबादी वाले देश में वे 1 लाख 40 हज़ार लोग भी एकत्र नहीं कर पाए। उनका तर्क था कि यदि करोड़ों नाम गलत तरीके से काटे गए होते, तो प्रभावित लोग स्वतः सड़क पर आते और हंगामा करते।

घुसपैठियों और डुप्लीकेसी का आरोप

पासवान ने कहा कि हटाए गए नामों में तीन श्रेणियाँ हैं — डुप्लीकेट प्रविष्टियाँ, दिवंगत व्यक्तियों के नाम जिनके आधार पर मतदान किया जा रहा था, और वे घुसपैठिये जिनके पास देश में रहने का कोई वैधानिक आधार नहीं है। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री द्वारा दी गई जानकारी को 'बिल्कुल सही' बताया और कहा कि ये लोग 'असामाजिक तत्वों की आवाज़ बनने' और 'देश में अराजकता फैलाने' का काम करते हैं।

विपक्ष पर सत्ता-लालच का आरोप

पासवान ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर सीधा हमला करते हुए कहा कि सत्ता हासिल करने का लालच इतना बढ़ गया है कि विपक्ष मर्यादाओं और परंपराओं को 'चौपट' करने पर आमादा है। उन्होंने सुझाव दिया कि विपक्ष को एसआईआर के बजाय सड़क, बिजली, पानी और स्वास्थ्य जैसे जनहित के मुद्दे उठाने चाहिए।

अराजकता-विरोधी यात्रा और अन्य मुद्दे

भारतीय जनता पार्टी (BJP) की अराजकता-विरोधी यात्रा पर बोलते हुए पासवान ने कहा कि उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों में जनप्रतिनिधि इस मार्च में भागीदारी दे रहे हैं। उन्होंने विपक्ष पर बांग्लादेश और नेपाल जैसी व्यवस्था का उदाहरण देने और पाकिस्तान जैसी सत्ता-परिवर्तन की मानसिकता रखने का आरोप लगाया। अनंत सिंह की जनता दल यूनाइटेड (JDU) से सदस्यता रद्द किए जाने पर उन्होंने इसे पार्टी का आंतरिक मामला बताया। दो एमएलसी के BJP में शामिल होने के प्रश्न पर उन्होंने कहा कि इसमें गठबंधन धर्म से अधिक कानूनी और नैतिक पहलू महत्वपूर्ण हैं। आगे चलकर यह देखना होगा कि एसआईआर को लेकर चुनाव आयोग (ECI) की आगामी समीक्षा में क्या स्पष्टता आती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसमें एक महत्वपूर्ण तथ्यात्मक खाई है — एसआईआर के तहत कितने नाम काटे गए, उनमें से वास्तव में कितने घुसपैठियों के थे और कितने वैध नागरिकों के, इसका कोई सत्यापन-योग्य आँकड़ा सामने नहीं रखा गया। 'रैली में कम लोग आए' को 'नाम सही काटे गए' का प्रमाण बताना तर्क की दृष्टि से कमज़ोर है। विपक्ष पर सत्ता-लालच का आरोप लगाते हुए वे यह सवाल नहीं उठाते कि बीएलओ-स्तर की त्रुटियों की निगरानी के लिए कोई स्वतंत्र ऑडिट तंत्र है या नहीं। असली मुद्दा राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप नहीं, बल्कि पारदर्शी और जवाबदेह मतदाता सूची प्रबंधन है।
RashtraPress
3 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एसआईआर (SIR) क्या है और इसके तहत नाम क्यों काटे जा रहे हैं?
एसआईआर यानी विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण वह प्रक्रिया है जिसके तहत चुनाव आयोग मतदाता सूचियों को अद्यतन करता है — डुप्लीकेट प्रविष्टियाँ, दिवंगत व्यक्तियों के नाम और अपात्र व्यक्तियों को हटाया जाता है। केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान के अनुसार इस बार काटे गए नाम घुसपैठियों, डुप्लीकेट और मृत मतदाताओं के थे।
चिराग पासवान ने इंडिया ब्लॉक की रामलीला मैदान रैली पर क्या कहा?
पासवान ने कहा कि विपक्ष ने 10 लाख लोग जुटाने का दावा किया, लेकिन 140 करोड़ की आबादी में 1 लाख 40 हज़ार लोग भी एकत्र नहीं हो सके। उनके अनुसार, यदि सच में करोड़ों नाम गलत तरीके से काटे गए होते तो प्रभावित लोग स्वतः सड़क पर आते।
क्या एसआईआर में गलती से नाम कटने पर उन्हें वापस जुड़वाया जा सकता है?
हाँ। चिराग पासवान ने स्वीकार किया कि यदि किसी बीएलओ द्वारा गलती से कोई नाम कट गया हो तो उसे दोबारा जुड़वाने की प्रक्रिया उपलब्ध है। उन्होंने विपक्षी दलों के बूथ-लेवल एजेंट (बीएलए) से यह सुनिश्चित करने की अपेक्षा भी जताई।
चिराग पासवान ने विपक्ष पर कौन-से आरोप लगाए?
पासवान ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर सत्ता-लालच में मर्यादाओं और परंपराओं को 'चौपट' करने का आरोप लगाया। उन्होंने यह भी कहा कि विपक्ष के कुछ नेता बांग्लादेश या पाकिस्तान जैसी अस्थिर सत्ता-परिवर्तन की मानसिकता रखते हैं।
अनंत सिंह की JDU सदस्यता रद्द होने पर चिराग पासवान ने क्या कहा?
पासवान ने इसे जनता दल यूनाइटेड (JDU) का आंतरिक मामला बताया। उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान अनंत सिंह की भूमिका को लेकर JDU ने कार्रवाई की माँग की है और कानून अपना काम करेगा।
राष्ट्र प्रेस
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