एसआईआर में कटे नाम सही: चिराग पासवान बोले — घुसपैठिये देश के संसाधनों का दुरुपयोग कर रहे थे
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने 3 नवंबर 2026 को पटना में स्पष्ट किया कि विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (एसआईआर) के अंतर्गत मतदाता सूची से जो नाम हटाए गए हैं, वे सभी उचित और आवश्यक हैं। उन्होंने कहा कि इन नामों में डुप्लीकेट प्रविष्टियाँ, दिवंगत व्यक्तियों के नाम और वे घुसपैठिये शामिल हैं जो लंबे समय से देश के साधन-संसाधनों का अवैध रूप से दोहन कर रहे थे।
मुख्य बयान और तर्क
पासवान ने कहा, 'एसआईआर के तहत जो नाम कट रहे हैं, ये वे नाम हैं जो सही मायनों में अवैध रूप से हमारे देश के साधन-संसाधनों का लंबे समय से दुरुपयोग कर रहे थे।' उन्होंने विपक्षी दलों पर सवाल उठाते हुए पूछा कि यदि नाम गलत काटे गए हैं, तो बूथ-लेवल एजेंट (बीएलए) क्रॉस-चेक क्यों नहीं कर रहे थे। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि यदि किसी बूथ-लेवल ऑफिसर (बीएलओ) से कोई गलती हुई हो, तो उसके नाम को दोबारा जुड़वाने की प्रक्रिया उपलब्ध है।
रामलीला मैदान रैली पर तीखा हमला
केंद्रीय मंत्री ने इंडिया ब्लॉक की रामलीला मैदान रैली को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि विपक्ष ने 10 लाख लोग जुटाने का दावा किया, लेकिन 140 करोड़ की आबादी वाले देश में वे 1 लाख 40 हज़ार लोग भी एकत्र नहीं कर पाए। उनका तर्क था कि यदि करोड़ों नाम गलत तरीके से काटे गए होते, तो प्रभावित लोग स्वतः सड़क पर आते और हंगामा करते।
घुसपैठियों और डुप्लीकेसी का आरोप
पासवान ने कहा कि हटाए गए नामों में तीन श्रेणियाँ हैं — डुप्लीकेट प्रविष्टियाँ, दिवंगत व्यक्तियों के नाम जिनके आधार पर मतदान किया जा रहा था, और वे घुसपैठिये जिनके पास देश में रहने का कोई वैधानिक आधार नहीं है। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री द्वारा दी गई जानकारी को 'बिल्कुल सही' बताया और कहा कि ये लोग 'असामाजिक तत्वों की आवाज़ बनने' और 'देश में अराजकता फैलाने' का काम करते हैं।
विपक्ष पर सत्ता-लालच का आरोप
पासवान ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर सीधा हमला करते हुए कहा कि सत्ता हासिल करने का लालच इतना बढ़ गया है कि विपक्ष मर्यादाओं और परंपराओं को 'चौपट' करने पर आमादा है। उन्होंने सुझाव दिया कि विपक्ष को एसआईआर के बजाय सड़क, बिजली, पानी और स्वास्थ्य जैसे जनहित के मुद्दे उठाने चाहिए।
अराजकता-विरोधी यात्रा और अन्य मुद्दे
भारतीय जनता पार्टी (BJP) की अराजकता-विरोधी यात्रा पर बोलते हुए पासवान ने कहा कि उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों में जनप्रतिनिधि इस मार्च में भागीदारी दे रहे हैं। उन्होंने विपक्ष पर बांग्लादेश और नेपाल जैसी व्यवस्था का उदाहरण देने और पाकिस्तान जैसी सत्ता-परिवर्तन की मानसिकता रखने का आरोप लगाया। अनंत सिंह की जनता दल यूनाइटेड (JDU) से सदस्यता रद्द किए जाने पर उन्होंने इसे पार्टी का आंतरिक मामला बताया। दो एमएलसी के BJP में शामिल होने के प्रश्न पर उन्होंने कहा कि इसमें गठबंधन धर्म से अधिक कानूनी और नैतिक पहलू महत्वपूर्ण हैं। आगे चलकर यह देखना होगा कि एसआईआर को लेकर चुनाव आयोग (ECI) की आगामी समीक्षा में क्या स्पष्टता आती है।