कांग्रेस नेतृत्व में इंडिया गठबंधन का भविष्य नहीं: AAP नेता सोमनाथ भारती का बड़ा हमला
सारांश
मुख्य बातें
आम आदमी पार्टी के नेता सोमनाथ भारती ने 8 जून को सीधे शब्दों में कहा कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) इंडिया गठबंधन का नेतृत्व संभालने में पूरी तरह विफल रही है और जब तक कांग्रेस इस गठबंधन की अगुवाई करती रहेगी, तब तक इसका कोई राजनीतिक भविष्य नहीं है। उनके इस बयान ने विपक्षी एकता की दरारों को एक बार फिर सार्वजनिक बहस के केंद्र में ला दिया है।
गठबंधन धर्म पर सवाल
भारती ने कहा, 'भारतीय गठबंधन एक मिशन के लिए बनाया गया था। जिस तरह भाजपा ने एनडीए बनाया, उसी तरह हमने इंडिया गठबंधन बनाया था। लेकिन हर गठबंधन का एक धर्म होता है। धर्म यह है कि जो अंदर है, वही बाहर भी दिखना चाहिए। सार्वजनिक रूप से कहा गया था कि हम एक गठबंधन के रूप में लड़ेंगे और एक-दूसरे का समर्थन करेंगे, लेकिन पर्दे के पीछे कांग्रेस भाजपा का साथ देती नजर आ रही थी।'
यह आरोप ऐसे समय में आया है जब इंडिया गठबंधन के घटक दल राज्य-दर-राज्य समन्वय की कमी को लेकर पहले से असंतुष्ट बताए जाते हैं।
दिल्ली का 4-3 फार्मूला और कांग्रेस पर आरोप
भारती ने लोकसभा चुनाव के दौरान दिल्ली में हुए 4-3 सीट के बँटवारे का उदाहरण देते हुए कहा कि अरविंद केजरीवाल ने कांग्रेस की 3 सीटों पर खुलकर प्रचार किया, जबकि कांग्रेस नेता राहुल गांधी सहित पार्टी का कोई वरिष्ठ नेता आम आदमी पार्टी (AAP) की 4 सीटों पर वोट माँगने नहीं पहुँचा।
उन्होंने दिल्ली विधानसभा चुनाव का भी हवाला दिया, जब कांग्रेस के शून्य सीट जीतने के बाद उसके नेताओं ने यह कहा कि 'आम आदमी पार्टी हार गई।' भारती ने कहा, 'इससे बड़ा प्रमाण क्या होगा कि कांग्रेस को गठबंधन धर्म निभाना नहीं आता?'
राहुल गांधी पर निशाना
भारती ने यह भी आरोप लगाया कि जब राहुल गांधी वोट चोरी की बात करते हैं, तो वे दिल्ली को जानबूझकर छोड़ देते हैं। उनके अनुसार यह दोहरा रवैया गठबंधन की विश्वसनीयता को कमज़ोर करता है।
क्षेत्रीय दलों के साथ कांग्रेस का व्यवहार
भारती ने आरोप लगाया कि कांग्रेस की रणनीति यह है कि देश की राजनीति केवल भारतीय जनता पार्टी (BJP) और कांग्रेस के बीच सिमट जाए और क्षेत्रीय दल हाशिये पर चले जाएँ। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के साथ भी कांग्रेस का रवैया ऐसा ही रहा है।
उनके अनुसार, जहाँ भी कोई क्षेत्रीय पार्टी मज़बूत होती है, वहाँ कांग्रेस उसे कमज़ोर करने की कोशिश करती है। भारती ने कहा कि AAP ने यह सब खुद झेला है, इसलिए उन्हें इसका प्रत्यक्ष अनुभव है।
आगे क्या
सोमनाथ भारती के इस बयान के बाद इंडिया गठबंधन के भविष्य पर राजनीतिक हलकों में बहस तेज़ होने की संभावना है। यह देखना होगा कि कांग्रेस इन आरोपों पर कोई औपचारिक प्रतिक्रिया देती है या नहीं, और क्या AAP तथा अन्य क्षेत्रीय दल गठबंधन के पुनर्गठन की माँग उठाते हैं।