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राजस्थान विधानसभा सत्र: पहले दिन विपक्ष की अनुपस्थिति पर स्पीकर देवनानी ने जताई पीड़ा

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राजस्थान विधानसभा सत्र: पहले दिन विपक्ष की अनुपस्थिति पर स्पीकर देवनानी ने जताई पीड़ा

सारांश

राजस्थान विधानसभा सत्र के पहले ही दिन विपक्ष का बहिष्कार — और वह भी शोक प्रस्तावों के दौरान — इसे स्पीकर देवनानी ने विधानसभा के इतिहास में पहली बार की घटना बताया। गेट नंबर 6 बनाम 7 का विवाद सतह पर है, लेकिन असली सवाल यह है कि राजस्थान में सत्ता और विपक्ष के बीच की खाई कितनी गहरी हो चुकी है।

मुख्य बातें

स्पीकर वासुदेव देवनानी ने 20 अगस्त को राजस्थान विधानसभा सत्र के पहले दिन विपक्ष की अनुपस्थिति पर गहरी पीड़ा जताई।
शोक प्रस्तावों के दौरान विपक्ष का एक भी सदस्य सदन में उपस्थित नहीं था — स्पीकर के अनुसार विधानसभा के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ।
विपक्ष ने गेट नंबर 6 से सामूहिक प्रवेश की योजना बनाई थी, जिसे सुरक्षा कारणों से अनुमति नहीं दी गई; नियमानुसार प्रवेश गेट नंबर 7 से होता है।
विधानसभा मार्शल की रिपोर्ट के अनुसार पूर्व में अनधिकृत व्यक्ति सदस्यों के समूह के साथ प्रवेश कर चुके थे।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने उसी दिन स्पीकर देवनानी से शिष्टाचार भेंट कर राज्य के विकास और लोकतांत्रिक परंपराओं पर चर्चा की।

राजस्थान विधानसभा के अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने गुरुवार, 20 अगस्त को सत्र के पहले दिन सदन में विपक्षी सदस्यों की पूर्ण अनुपस्थिति पर गहरी पीड़ा व्यक्त की। उन्होंने सभी सदस्यों से आग्रह किया कि वे संसदीय नियमों की परिधि में रहते हुए जनहित के मुद्दे सदन के पटल पर रखें। यह घटना जयपुर स्थित राजस्थान विधानसभा में उस समय हुई जब शोक प्रस्तावों की कार्यवाही के दौरान विपक्ष का एक भी सदस्य उपस्थित नहीं था।

ऐतिहासिक रूप से पहली बार

स्पीकर देवनानी ने सदन को बताया कि राजस्थान विधानसभा के इतिहास में यह पहला अवसर था जब किसी सत्र के पहले दिन शोक प्रस्तावों के दौरान विपक्ष के सदस्य सर्वथा अनुपस्थित रहे। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक परंपराओं के विपरीत बताया और कहा कि विधायिका का वास्तविक महत्व सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच सार्थक संवाद में ही निहित है। देवनानी ने स्पष्ट किया कि विपक्ष को सदन में अपने विचार रखने और जनहित के प्रश्न उठाने का पूरा अधिकार है तथा उनका पूरा सम्मान किया जाएगा।

गेट विवाद और सुरक्षा कारण

स्पीकर ने बताया कि विपक्षी सदस्यों ने गेट नंबर 6 से एकसाथ समूह में प्रवेश करने की योजना बनाई थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्थापित प्रोटोकॉल के अनुसार सदस्यों को गेट नंबर 7 से प्रवेश करना अनिवार्य है, हालाँकि पैदल आने वाले विधायक गेट नंबर 6 से अलग-अलग प्रवेश कर सकते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि विधानसभा मार्शल ने रिपोर्ट दी थी कि पूर्व में अनधिकृत व्यक्ति सदस्यों के समूह के साथ प्रवेश कर चुके हैं, जिससे सुरक्षा संबंधी गंभीर चिंताएँ उत्पन्न हुई थीं। इसी कारण गेट नंबर 6 से सामूहिक प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया गया था।

मुख्यमंत्री की शिष्टाचार भेंट

इसी दिन मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने विधानसभा में स्पीकर वासुदेव देवनानी से शिष्टाचार भेंट की। दोनों नेताओं के बीच राजस्थान के विकास, लोकतांत्रिक परंपराओं को सुदृढ़ करने तथा राज्य के व्यापक हितों से जुड़े समसामयिक मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई।

लोकतंत्र और संसदीय मर्यादा पर जोर

देवनानी ने अपने संबोधन में कहा कि सरकार और विपक्ष दोनों की लोकतांत्रिक परंपराओं तथा संसदीय मर्यादा को बनाए रखने में समान रूप से महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि जन-समस्याओं का समाधान सदन के भीतर सार्थक बहस के माध्यम से ही संभव है। यह ऐसे समय में आया है जब राजस्थान में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) और विपक्ष के बीच राजनीतिक तनाव चर्चा में है।

आगे क्या

विपक्ष की अनुपस्थिति का कारण और उनका अगला कदम अभी स्पष्ट नहीं है। सदन की कार्यवाही जारी रहने के साथ यह देखना होगा कि विपक्षी दल आगामी दिनों में सत्र में भाग लेते हैं या अपना विरोध जारी रखते हैं। संसदीय परंपराओं के जानकारों का मानना है कि सत्र के पहले दिन शोक प्रस्तावों का बहिष्कार असामान्य और राजनीतिक दृष्टि से संवेदनशील कदम है।

संपादकीय दृष्टिकोण

क्योंकि जनता के मुद्दे सदन के बाहर नहीं, भीतर उठाए जाते हैं। स्पीकर का 'ऐतिहासिक पहली बार' वाला बयान राजनीतिक दबाव की रणनीति है या वास्तविक चिंता — यह आने वाले दिनों की कार्यवाही से स्पष्ट होगा।
RashtraPress
20 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राजस्थान विधानसभा सत्र के पहले दिन विपक्ष क्यों अनुपस्थित रहा?
विपक्ष ने गेट नंबर 6 से सामूहिक प्रवेश की योजना बनाई थी, लेकिन सुरक्षा कारणों से इसकी अनुमति नहीं दी गई। इसके बाद विपक्षी सदस्य सत्र में शामिल नहीं हुए और शोक प्रस्तावों के दौरान सदन में अनुपस्थित रहे।
स्पीकर वासुदेव देवनानी ने इस अनुपस्थिति को ऐतिहासिक क्यों बताया?
स्पीकर देवनानी के अनुसार राजस्थान विधानसभा के इतिहास में यह पहली बार था कि किसी सत्र के पहले दिन शोक प्रस्तावों के दौरान विपक्ष का एक भी सदस्य उपस्थित नहीं था। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक परंपराओं के विपरीत बताया।
गेट नंबर 6 और गेट नंबर 7 का विवाद क्या है?
विधानसभा के स्थापित प्रोटोकॉल के अनुसार सदस्यों को गेट नंबर 7 से प्रवेश करना होता है। विपक्ष ने गेट नंबर 6 से सामूहिक प्रवेश की माँग की थी, जिसे सुरक्षा कारणों से अस्वीकार किया गया। विधानसभा मार्शल ने बताया था कि पहले अनधिकृत व्यक्ति इसी गेट से प्रवेश कर चुके हैं।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और स्पीकर देवनानी की बैठक में क्या हुआ?
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने 20 अगस्त को स्पीकर वासुदेव देवनानी से शिष्टाचार भेंट की। दोनों के बीच राजस्थान के विकास, लोकतांत्रिक परंपराओं को मज़बूत करने और राज्य के व्यापक हितों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई।
क्या विपक्ष आगे के सत्र में भाग लेगा?
अभी तक विपक्ष की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। स्पीकर देवनानी ने विपक्ष से सदन में लौटने और नियमों के दायरे में जनहित के मुद्दे उठाने का आग्रह किया है। आने वाले दिनों की कार्यवाही से स्थिति स्पष्ट होगी।
राष्ट्र प्रेस
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