27 जून 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

स्ट्रेंथ ट्रेनिंग हर उम्र के लिए जरूरी: 1.47 लाख लोगों पर हुई स्टडी में मृत्यु जोखिम 50% कम

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
स्ट्रेंथ ट्रेनिंग हर उम्र के लिए जरूरी: 1.47 लाख लोगों पर हुई स्टडी में मृत्यु जोखिम 50% कम

सारांश

1.47 लाख लोगों पर 30 साल तक हुए शोध का निष्कर्ष: हफ्ते में महज 90 से 120 मिनट की स्ट्रेंथ ट्रेनिंग, खासकर कार्डियो के साथ मिलाने पर, मृत्यु का जोखिम 50% तक घटा सकती है। यह सिर्फ बॉडीबिल्डर्स की नहीं, हर उम्र के व्यक्ति की ज़रूरत है।

मुख्य बातें

ब्रिटिश जर्नल ऑफ स्पोर्ट्स मेडिसिन में प्रकाशित नई स्टडी में 1.47 लाख लोगों के स्वास्थ्य आँकड़ों का 30 वर्षों तक विश्लेषण किया गया।
हफ्ते में 90 से 120 मिनट की स्ट्रेंथ ट्रेनिंग सर्वाधिक लाभकारी पाई गई।
स्ट्रेंथ ट्रेनिंग को कार्डियो के साथ मिलाने पर मृत्यु का जोखिम 50 प्रतिशत तक कम देखा गया।
दिल की बीमारी, कैंसर और असमय मृत्यु के जोखिम में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई।
शोधकर्ताओं ने स्पष्ट किया कि यह ऑब्जर्वेशनल स्टडी है, इसलिए कारण-कार्य संबंध पूरी तरह सिद्ध नहीं होता।

ब्रिटिश जर्नल ऑफ स्पोर्ट्स मेडिसिन में प्रकाशित एक बड़े पैमाने के नए अध्ययन के अनुसार, स्ट्रेंथ ट्रेनिंग केवल बॉडीबिल्डर्स तक सीमित नहीं है — यह हर उम्र और हर तबके के व्यक्ति के लिए उतनी ही आवश्यक है। इस शोध में करीब 1.47 लाख लोगों के स्वास्थ्य आँकड़ों का लगभग 30 वर्षों तक विश्लेषण किया गया। निष्कर्ष बताते हैं कि स्ट्रेंथ ट्रेनिंग को कार्डियो के साथ मिलाने पर मृत्यु का जोखिम 50 प्रतिशत तक कम हो सकता है।

अध्ययन का दायरा और पद्धति

यह शोध अब तक के सबसे व्यापक दीर्घकालिक अध्ययनों में से एक है। वैज्ञानिकों ने 1.47 लाख प्रतिभागियों की व्यायाम की आदतों को करीब तीन दशकों तक ट्रैक किया। इस दौरान यह दर्ज किया गया कि कौन लोग केवल कार्डियो करते हैं, कौन केवल स्ट्रेंथ ट्रेनिंग, और कौन दोनों का संयोजन अपनाते हैं। गौरतलब है कि इतने लंबे फॉलो-अप अवधि वाले व्यायाम-आधारित अध्ययन अपेक्षाकृत दुर्लभ हैं।

मुख्य निष्कर्ष: कितनी ट्रेनिंग, कितना फायदा

अध्ययन के अनुसार, हफ्ते में 90 से 120 मिनट की स्ट्रेंथ ट्रेनिंग सर्वाधिक लाभकारी पाई गई। इस अवधि में व्यायाम करने वालों में दिल की बीमारी, कैंसर और असमय मृत्यु का जोखिम उल्लेखनीय रूप से कम देखा गया। शोधकर्ताओं ने यह भी पाया कि इससे अधिक समय तक ट्रेनिंग करने पर अतिरिक्त लाभ उतना महत्वपूर्ण नहीं रहता।

यह ऐसे समय में आया है जब शहरी भारत में जीवनशैली से जुड़ी बीमारियाँ — विशेषकर हृदय रोग और मधुमेह — तेज़ी से बढ़ रही हैं। अध्ययन का संदेश स्पष्ट है: थोड़ी मात्रा में भी स्ट्रेंथ ट्रेनिंग, न करने से बेहतर है।

कार्डियो और स्ट्रेंथ ट्रेनिंग का संयोजन सबसे प्रभावी

अध्ययन का सबसे महत्वपूर्ण निष्कर्ष यह रहा कि वॉकिंग, रनिंग या साइक्लिंग जैसी कार्डियो गतिविधियों के साथ हल्की वेट ट्रेनिंग को जोड़ने वाले प्रतिभागियों की सेहत सबसे बेहतर पाई गई। ऐसे लोगों में मृत्यु का जोखिम उन लोगों की तुलना में 50 प्रतिशत तक कम था जो बिल्कुल भी व्यायाम नहीं करते थे।

वैज्ञानिकों के अनुसार, कार्डियो हृदय और फेफड़ों को मज़बूत करता है तथा रक्त संचार को बेहतर बनाता है, जबकि स्ट्रेंथ ट्रेनिंग मांसपेशियों, हड्डियों और शरीर की समग्र ताकत को बनाए रखती है। दोनों मिलकर शरीर को एक प्रकार की 'संपूर्ण सुरक्षा' प्रदान करते हैं, जिससे उम्र बढ़ने के साथ उत्पन्न होने वाली कई जटिलताओं का खतरा घट सकता है।

अध्ययन की सीमाएँ

शोधकर्ताओं ने स्पष्ट किया है कि यह एक ऑब्जर्वेशनल अध्ययन है। प्रतिभागियों ने स्वयं अपनी व्यायाम संबंधी जानकारी दी थी, जिससे आँकड़ों में कुछ हद तक त्रुटि की संभावना बनी रहती है। यह अध्ययन सीधे तौर पर यह सिद्ध नहीं करता कि स्ट्रेंथ ट्रेनिंग ही दीर्घायु का कारण है, किंतु दोनों के बीच एक सशक्त सहसंबंध अवश्य स्थापित होता है।

आम जनता के लिए संदेश

विशेषज्ञों का मानना है कि इस अध्ययन के निष्कर्ष आम लोगों के लिए एक व्यावहारिक संदेश लेकर आते हैं — घंटों जिम में पसीना बहाना ज़रूरी नहीं। हफ्ते में डेढ़ से दो घंटे की नियमित स्ट्रेंथ ट्रेनिंग, यदि कार्डियो के साथ की जाए, तो दीर्घकालिक स्वास्थ्य लाभ की दृष्टि से पर्याप्त हो सकती है। यह शोध स्वास्थ्य नीति निर्माताओं और फिटनेस विशेषज्ञों के लिए भी एक महत्वपूर्ण संदर्भ बन सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

वहाँ यह शोध नीतिगत पुनर्विचार की माँग करता है। हालाँकि ऑब्जर्वेशनल पद्धति की सीमाएँ वास्तविक हैं — स्व-रिपोर्टेड डेटा में पक्षपात की संभावना रहती है — फिर भी 1.47 लाख प्रतिभागियों का आकार इस सहसंबंध को नज़रअंदाज़ करने की अनुमति नहीं देता। असली सवाल यह है कि क्या भारत के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और फिटनेस दिशानिर्देश इस साक्ष्य को आत्मसात करने के लिए तैयार हैं।
RashtraPress
27 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

स्ट्रेंथ ट्रेनिंग पर यह नई स्टडी क्या कहती है?
ब्रिटिश जर्नल ऑफ स्पोर्ट्स मेडिसिन में प्रकाशित इस स्टडी के अनुसार, स्ट्रेंथ ट्रेनिंग हर उम्र के व्यक्ति के लिए आवश्यक है और इसे कार्डियो के साथ मिलाने पर मृत्यु का जोखिम 50 प्रतिशत तक कम हो सकता है। यह निष्कर्ष 1.47 लाख लोगों के 30 वर्षों के स्वास्थ्य आँकड़ों पर आधारित है।
हफ्ते में कितनी स्ट्रेंथ ट्रेनिंग करनी चाहिए?
अध्ययन के अनुसार, हफ्ते में 90 से 120 मिनट यानी लगभग डेढ़ से दो घंटे की स्ट्रेंथ ट्रेनिंग सबसे अधिक फायदेमंद पाई गई। इससे अधिक ट्रेनिंग करने पर अतिरिक्त स्वास्थ्य लाभ उतना उल्लेखनीय नहीं रहता।
क्या स्ट्रेंथ ट्रेनिंग के लिए जिम जाना ज़रूरी है?
नहीं, अध्ययन में यह स्पष्ट नहीं किया गया कि ट्रेनिंग केवल जिम में ही होनी चाहिए। शोध का ज़ोर इस बात पर है कि नियमित रूप से मांसपेशियों को मज़बूत करने वाले व्यायाम किए जाएँ, चाहे वे घर पर हों या जिम में।
कार्डियो और स्ट्रेंथ ट्रेनिंग में से कौन बेहतर है?
अध्ययन के अनुसार दोनों का संयोजन सबसे प्रभावी है। कार्डियो हृदय और फेफड़ों को मज़बूत करता है, जबकि स्ट्रेंथ ट्रेनिंग मांसपेशियों और हड्डियों को। दोनों मिलकर शरीर को संपूर्ण सुरक्षा प्रदान करते हैं।
क्या इस स्टडी की कोई सीमा है?
हाँ, शोधकर्ताओं ने स्वयं स्वीकार किया है कि यह एक ऑब्जर्वेशनल स्टडी है जिसमें प्रतिभागियों ने स्व-रिपोर्टेड डेटा दिया था, इसलिए मामूली त्रुटि की संभावना है। यह अध्ययन स्ट्रेंथ ट्रेनिंग और दीर्घायु के बीच कारण-कार्य संबंध को पूरी तरह सिद्ध नहीं करता, लेकिन दोनों के बीच सशक्त सहसंबंध अवश्य दर्शाता है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 सप्ताह पहले
  2. 4 महीने पहले
  3. 4 महीने पहले
  4. 7 महीने पहले
  5. 8 महीने पहले
  6. 9 महीने पहले
  7. 11 महीने पहले
  8. 11 महीने पहले