28 अगस्त 2026
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जाधवपुर यूनिवर्सिटी में देशविरोधी सोच के लिए कम्युनिस्ट और TMC दोनों जिम्मेदार: सीएम सुवेंदु अधिकारी

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जाधवपुर यूनिवर्सिटी में देशविरोधी सोच के लिए कम्युनिस्ट और TMC दोनों जिम्मेदार: सीएम सुवेंदु अधिकारी

सारांश

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने जाधवपुर यूनिवर्सिटी को देशविरोधी ताकतों से मुक्त कराने का संकल्प लिया — कम्युनिस्टों के 34 साल और TMC के शासन को इसकी जड़ बताते हुए। 'आजादी' के नारों, किशनजी समर्थकों और कैंपस में ड्रग्स — तीनों पर एक साथ निशाना।

मुख्य बातें

सीएम सुवेंदु अधिकारी ने 28 अगस्त को कोलकाता में रक्षा बंधन कार्यक्रम में जाधवपुर यूनिवर्सिटी में देशविरोधी सोच के लिए कम्युनिस्टों और TMC दोनों को जिम्मेदार ठहराया।
कार्यक्रम में कथित तौर पर 10,000 लोगों ने एकजुट होकर 'वंदे मातरम' गाया।
अधिकारी ने 'ऑपरेशन सिंदूर' का हवाला देते हुए 'कश्मीर मांगे आजादी' के नारे लगाने वालों को कड़ी चेतावनी दी।
जेयू की दीवारों पर 'रेड सैल्यूट किशनजी' लिखे जाने की निंदा करते हुए माओवादी नेता कोटेश्वर राव उर्फ किशनजी को संविधान-विरोधी बताया।
मुख्यमंत्री ने पूर्व छात्रों द्वारा हॉस्टल पर अवैध कब्जे और कैंपस में नशीले पदार्थों के सेवन को पूरी तरह बंद करने का संकल्प लिया।

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने शुक्रवार, 28 अगस्त को आरोप लगाया कि जाधवपुर यूनिवर्सिटी (जेयू) में देशविरोधी मानसिकता को पनपाने के लिए पहले कम्युनिस्ट शासन और बाद में तृणमूल कांग्रेस (TMC) दोनों बराबर के जिम्मेदार हैं। उन्होंने यह बयान कोलकाता में रक्षा बंधन के एक कार्यक्रम में दिया, जहाँ कथित तौर पर 10,000 लोगों ने एकजुट होकर 'वंदे मातरम' गाया।

मुख्यमंत्री का आरोप: दो शासनों की विरासत

अधिकारी ने कहा, 'सबसे पहले कम्युनिस्टों ने 34 साल तक पश्चिम बंगाल पर शासन किया और जेयू कैंपस में राष्ट्रवादी कार्यक्रम आयोजित करने के खिलाफ माहौल बनाया, जिससे कैंपस में देशविरोधी सोच पैदा हुई।' उन्होंने आगे कहा कि इसके बाद राज्य में एक ऐसी ताकत का शासन रहा जिसका एकमात्र एजेंडा उर्दू को पश्चिम बंगाल की दूसरी आधिकारिक भाषा बनाना था। मुख्यमंत्री के अनुसार, 'राज्य में देशविरोधी सोच पैदा करने के लिए दोनों ही जिम्मेदार हैं।'

'आजादी' के नारों पर तीखी प्रतिक्रिया

अधिकारी ने जेयू कैंपस में लगाए जाने वाले 'आजादी' के नारों पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, 'आप किस तरह की आजादी चाहते हैं? क्या आप यूनिवर्सिटी कैंपस में ड्रग्स लेने की आजादी चाहते हैं?' उन्होंने यह भी कहा कि जब भारतीय सशस्त्र बलों के जवान आतंकवादियों से लड़ते हुए शहीद होते हैं, तब ये समूह कोई विरोध मार्च नहीं निकालते, लेकिन 'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद यही समूह शांति मार्च निकालता है।

कश्मीर और ऑपरेशन सिंदूर पर कड़ी चेतावनी

'कश्मीर मांगे आजादी' के नारे लगाने वालों को मुख्यमंत्री ने स्पष्ट चेतावनी दी। उन्होंने कहा, 'यह न भूलें कि ऑपरेशन सिंदूर के जरिए भारतीय सशस्त्र बलों ने मसूद अजहर के लगभग पूरे परिवार को मार गिराया था। इसी तरह, हमारी सेनाएं बहुत जल्द पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर पर भी कब्जा कर लेंगी।'

JNU और उस्मानिया का उदाहरण, JU की 'सफाई' का संकल्प

अधिकारी ने कहा कि जिस तरह नई दिल्ली में जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) और हैदराबाद में उस्मानिया यूनिवर्सिटी से देशविरोधी ताकतों को बाहर निकाला गया, उसी तरह जेयू से भी ऐसी ताकतों को निकाला जाएगा। उन्होंने जेयू की दीवारों पर 'रेड सैल्यूट किशनजी' लिखे जाने का भी उल्लेख किया और कहा कि माओवादी नेता कोटेश्वर राव उर्फ किशनजी भारतीय संविधान में विश्वास नहीं रखते थे।

दो ठोस कार्रवाइयों का वादा

मुख्यमंत्री ने दो स्पष्ट प्रतिबद्धताएँ जताईं — पहली, जेयू के पूर्व छात्र डिग्री मिलने के बाद हॉस्टल पर अवैध कब्जा नहीं रख सकेंगे; और दूसरी, कैंपस के भीतर नशीले पदार्थों का सेवन पूरी तरह बंद किया जाएगा। यह बयान ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (BJP) राज्य सरकार पर कैंपस राजनीति को लेकर लगातार दबाव बना रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसे केवल बयानबाजी मानना भूल होगी — यह BJP की उस रणनीति का हिस्सा है जिसके तहत विश्वविद्यालय परिसरों को सांस्कृतिक और वैचारिक अखाड़े के रूप में पेश किया जाता है। JNU और उस्मानिया का उदाहरण देना संकेत देता है कि जेयू में प्रशासनिक हस्तक्षेप की पटकथा पहले से तैयार है। हालाँकि, 'देशविरोधी' की परिभाषा और उसे लागू करने का अधिकार किसके पास हो — यह सवाल बेजवाब रहता है। कैंपस में ड्रग्स और अवैध हॉस्टल कब्जे जैसी वास्तविक समस्याओं को राष्ट्रवादी भाषण के साथ जोड़ना, असली प्रशासनिक विफलताओं को वैचारिक रंग देने का जोखिम उठाता है।
RashtraPress
28 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सुवेंदु अधिकारी ने जाधवपुर यूनिवर्सिटी के बारे में क्या कहा?
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने 28 अगस्त को कहा कि कम्युनिस्टों के 34 साल के शासन और उसके बाद TMC के कार्यकाल ने जाधवपुर यूनिवर्सिटी में देशविरोधी सोच को पनपने दिया। उन्होंने कैंपस से ड्रग्स और अवैध हॉस्टल कब्जे समाप्त करने का भी संकल्प लिया।
अधिकारी ने 'आजादी' के नारों पर क्या कहा?
अधिकारी ने जेयू कैंपस में लगाए जाने वाले 'आजादी' के नारों पर सवाल उठाते हुए पूछा कि क्या इसका मतलब कैंपस में ड्रग्स लेने की आजादी है। उन्होंने कहा कि ये समूह शहीद जवानों के लिए मार्च नहीं निकालते, लेकिन ऑपरेशन सिंदूर के बाद शांति मार्च निकालते हैं।
किशनजी कौन थे और उनका जेयू से क्या संबंध है?
कोटेश्वर राव उर्फ किशनजी एक माओवादी नेता थे जो मारे जा चुके हैं। अधिकारी ने कहा कि जेयू की दीवारों पर 'रेड सैल्यूट किशनजी' लिखा हुआ है और उन्होंने किशनजी को भारतीय संविधान में अविश्वास रखने वाला बताया।
मुख्यमंत्री ने जेयू में क्या बदलाव लाने का वादा किया?
अधिकारी ने दो स्पष्ट वादे किए — पहला, जेयू के पूर्व छात्र डिग्री मिलने के बाद हॉस्टल पर कब्जा नहीं रख सकेंगे; दूसरा, कैंपस के भीतर नशीले पदार्थों का सेवन पूरी तरह बंद किया जाएगा। उन्होंने JNU और उस्मानिया यूनिवर्सिटी के उदाहरण देते हुए जेयू को भी 'देशविरोधी ताकतों' से मुक्त कराने की बात कही।
यह बयान किस कार्यक्रम में दिया गया?
यह बयान कोलकाता में आयोजित रक्षा बंधन के एक कार्यक्रम में दिया गया, जहाँ कथित तौर पर 10,000 लोगों ने एकजुट होकर पूरा 'वंदे मातरम' गाया।
राष्ट्र प्रेस
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