21 अगस्त 2026
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स्वामी लक्ष्मणानंद सरस्वती जन्म शताब्दी: CM माझी ने न्याय का वादा किया, BJD पर लगाए गंभीर आरोप

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स्वामी लक्ष्मणानंद सरस्वती जन्म शताब्दी: CM माझी ने न्याय का वादा किया, BJD पर लगाए गंभीर आरोप

सारांश

स्वामी लक्ष्मणानंद सरस्वती की जन्म शताब्दी पर ओडिशा के CM माझी ने BJD पर जाँच फाइलें गायब करने का गंभीर आरोप लगाया और न्याय का वादा किया। साथ ही ₹13 करोड़ की विकास घोषणाएँ और मेडिकल कॉलेज का नामकरण — यह आयोजन राजनीतिक संदेश और श्रद्धांजलि दोनों था।

मुख्य बातें

ओडिशा CM मोहन चरण माझी ने 21 अगस्त को गुरजंग, अनुगोल में स्वामी लक्ष्मणानंद सरस्वती की जन्म शताब्दी समारोह को संबोधित किया।
माझी ने आरोप लगाया कि जस्टिस महापात्रा कमीशन और जस्टिस नायडू कमीशन की रिपोर्ट व फाइलें लोक सेवा भवन से गायब हुईं — यह दोषियों को बचाने की साजिश थी।
फूलबनी गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज का नाम बदलकर 'स्वामी लक्ष्मणानंद सरस्वती मेडिकल कॉलेज' किया जाएगा।
CMSA फंड से ₹13 करोड़ जलेश्वर आश्रम, स्कूल और कन्याश्रम के विकास हेतु मंजूर; ₹5 करोड़ 300 सीटों वाले छात्रा हॉस्टल के लिए।
गुरजंग को 'हेरिटेज विलेज' और गुरजंग पंचायत को 'मॉडल पंचायत' बनाने की घोषणा।
पूर्व केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान सहित ओडिशा विधानसभा अध्यक्ष भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे।

ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने 21 अगस्त 2026 को अनुगोल जिले के तालचेर स्थित गुरजंग में आयोजित स्वामी लक्ष्मणानंद सरस्वती की जन्म शताब्दी समारोह में पिछली बीजू जनता दल (BJD) सरकार पर तीखे आरोप लगाए। उन्होंने 2008 में विश्व हिंदू परिषद (VHP) के वरिष्ठ नेता स्वामीजी की हत्या के मामले में न्याय दिलाने का ओडिशा की साढ़े चार करोड़ जनता से पक्का भरोसा दिलाया।

मुख्य आरोप और राजनीतिक हमला

मुख्यमंत्री माझी ने आरोप लगाया कि स्वामीजी की हत्या की जाँच के लिए गठित जस्टिस महापात्रा कमीशन और जस्टिस नायडू कमीशन की रिपोर्ट और फाइलें लोक सेवा भवन से रहस्यमय तरीके से गायब हो गईं। उनके अनुसार, यह दोषियों को बचाने की एक सोची-समझी साजिश थी। उन्होंने पूर्ववर्ती BJD सरकार पर कथित विफलता, लापरवाही और तुष्टिकरण की राजनीति का सीधा आरोप लगाया।

स्वामीजी को श्रद्धांजलि और विरासत

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा, 'स्वामी लक्ष्मणानंद सरस्वती सिर्फ एक व्यक्ति नहीं थे, बल्कि एक महान आदर्श, एक दिव्य संस्था और सनातन धर्म के तेजस्वी मार्गदर्शक थे।' उन्होंने बताया कि स्वामीजी ने आधुनिक सुख-सुविधाओं का त्याग कर कंधमाल के दूरदराज जंगलों में आदिवासी समुदायों की सेवा में अपना जीवन समर्पित किया। माझी ने यह भी रेखांकित किया कि स्वामीजी द्वारा स्थापित चाकापाद और जलेस्पता आश्रम तथा कन्या गुरुकुल ने आदिवासी लड़कियों को संस्कृत शिक्षा और संस्कारों के माध्यम से सशक्त बनाया।

सरकार की घोषणाएँ और विकास परियोजनाएँ

समारोह में मुख्यमंत्री ने कई महत्वपूर्ण घोषणाएँ कीं। फूलबनी गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज का नाम बदलकर 'स्वामी लक्ष्मणानंद सरस्वती मेडिकल कॉलेज' करने की घोषणा की गई। इसके अलावा, मुख्यमंत्री विशेष सहायता (CMSA) फंड से ₹13 करोड़ जलेश्वर आश्रम, आश्रम स्कूल और कन्याश्रम के विकास व विरासत संरक्षण के लिए मंजूर किए गए।

इस राशि में से ₹5 करोड़ छात्राओं के लिए 300 सीटों वाले हॉस्टल निर्माण पर और ₹3 करोड़ हेरिटेज साइट के संरक्षण पर खर्च होंगे। साथ ही, पेयजल आपूर्ति के लिए एक मेगा रिवर लिफ्ट प्रोजेक्ट भी लागू किया जाएगा।

गुरजंग को 'हेरिटेज विलेज' बनाने का संकल्प

मुख्यमंत्री माझी ने घोषणा की कि स्वामीजी के पैतृक गाँव गुरजंग को 'हेरिटेज विलेज' के रूप में विकसित किया जाएगा और गुरजंग पंचायत को 'मॉडल पंचायत' का दर्जा दिया जाएगा। उन्होंने नई पीढ़ी से अपनी जड़ों, वेदों, संस्कृत, गौ-संरक्षण और सनातनी परंपराओं से पुनः जुड़ने और राष्ट्र-निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में उपस्थित प्रमुख हस्तियाँ

इस समारोह में ओडिशा विधानसभा की अध्यक्ष और पूर्व केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे और उन्होंने सभा को संबोधित किया। यह आयोजन ऐसे समय में हुआ है जब ओडिशा में 2008 की हत्या को लेकर न्यायिक प्रक्रिया और राजनीतिक विमर्श दोनों एक बार फिर केंद्र में आ गए हैं। राज्य सरकार के इन कदमों से स्पष्ट है कि मामले को अंजाम तक पहुँचाने की कोशिशें आने वाले समय में और तेज होंगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि जाँच आयोगों की कथित गुम फाइलों की स्वतंत्र फॉरेंसिक जाँच कब होगी। 2008 की हत्या के डेढ़ दशक बाद भी न्याय अधूरा है — यह तथ्य किसी एक सरकार की नहीं, बल्कि पूरी प्रणाली की विफलता को दर्शाता है। ₹13 करोड़ की विकास घोषणाएँ और नामकरण सम्मानजनक हैं, परंतु पीड़ित परिवार और समर्थकों के लिए न्यायिक परिणाम ही असली कसौटी होगी। बिना ठोस न्यायिक प्रगति के, ये घोषणाएँ चुनावी प्रतीकवाद तक सीमित रह सकती हैं।
RashtraPress
21 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

स्वामी लक्ष्मणानंद सरस्वती की हत्या कब और कहाँ हुई थी?
स्वामी लक्ष्मणानंद सरस्वती की हत्या 2008 में हुई थी। वे विश्व हिंदू परिषद (VHP) के वरिष्ठ नेता थे और ओडिशा के कंधमाल क्षेत्र में आदिवासी समुदायों के बीच सक्रिय थे।
CM माझी ने BJD पर क्या आरोप लगाए?
मुख्यमंत्री माझी ने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती BJD सरकार ने हत्या मामले की जाँच में कथित लापरवाही और तुष्टिकरण की नीति अपनाई। उन्होंने यह भी कहा कि जस्टिस महापात्रा कमीशन और जस्टिस नायडू कमीशन की रिपोर्ट व फाइलें लोक सेवा भवन से गायब हो गईं, जो दोषियों को बचाने की साजिश थी।
ओडिशा सरकार ने स्वामीजी की स्मृति में क्या घोषणाएँ कीं?
सरकार ने फूलबनी गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज का नाम 'स्वामी लक्ष्मणानंद सरस्वती मेडिकल कॉलेज' करने, CMSA फंड से ₹13 करोड़ आश्रम विकास हेतु मंजूर करने और गुरजंग को 'हेरिटेज विलेज' बनाने की घोषणा की।
₹13 करोड़ की राशि किन कार्यों पर खर्च होगी?
₹13 करोड़ में से ₹5 करोड़ छात्राओं के लिए 300 सीटों वाले हॉस्टल निर्माण पर और ₹3 करोड़ हेरिटेज साइट संरक्षण पर खर्च होंगे। शेष राशि जलेश्वर आश्रम, आश्रम स्कूल और कन्याश्रम के विकास पर लगाई जाएगी।
गुरजंग को 'हेरिटेज विलेज' क्यों बनाया जाएगा?
गुरजंग स्वामी लक्ष्मणानंद सरस्वती का पैतृक गाँव है। उनकी स्मृति और विरासत को सम्मान देने के लिए CM माझी ने इसे 'हेरिटेज विलेज' और गुरजंग पंचायत को 'मॉडल पंचायत' के रूप में विकसित करने की घोषणा की।
राष्ट्र प्रेस
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