अमरनाथ यात्रा 2026: जम्मू की सीमा पर टाली माता मंदिर में उमड़ी भीड़, जयकारों से गूंजा बॉर्डर
सारांश
मुख्य बातें
जम्मू-कश्मीर में चल रही अमरनाथ यात्रा के दौरान अंतरराष्ट्रीय सीमा के निकट स्थित टाली माता मंदिर में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा है। 29 जुलाई को मंदिर परिसर में दर्शनार्थियों की लंबी कतारें देखी गईं और पूरा सीमावर्ती क्षेत्र माता के जयकारों से गूंजता रहा। श्रद्धालुओं ने बताया कि बॉर्डर के इतने करीब होने के बावजूद यहाँ का माहौल पूरी तरह शांतिपूर्ण और सुरक्षित है।
मंदिर की विशेषता और स्थान
मंदिर के पुजारी के अनुसार, टाली माता मंदिर भारत-पाकिस्तान की जीरो लाइन पर स्थित है। उन्होंने बताया कि यहाँ देश के कोने-कोने से श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं और माता रानी सभी की मनोकामनाएँ पूरी करती हैं। उन्होंने कहा कि जब यहाँ जयकारे लगते हैं, तो उनकी गूंज पाकिस्तान के क्षेत्र तक पहुँचती है।
यह ऐसे समय में आया है जब अमरनाथ यात्रा पूरे जोश के साथ जारी है और जम्मू-कश्मीर में धार्मिक पर्यटन को नई गति मिल रही है।
श्रद्धालुओं के अनुभव
उत्तर प्रदेश के बदायूं निवासी नवीन शर्मा ने बताया कि वे प्रतिवर्ष यहाँ भंडारा आयोजित करने आते हैं। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय सीमा के निकट होने के बावजूद यहाँ के हालात पूरी तरह सामान्य हैं। शर्मा ने यह भी कहा कि सीमा पर गोलीबारी के दौरान भी इस मंदिर और आसपास के गाँवों को कभी कोई नुकसान नहीं पहुँचा।
फर्रुखाबाद के निवासी राजीव गुप्ता ने बताया कि वे मूलतः बाबा अमरनाथ के दर्शन के लिए जम्मू आए थे। वापसी के दौरान उन्हें टाली माता मंदिर के बारे में जानकारी मिली और वे यहाँ खिंचे चले आए। उन्होंने कहा कि यहाँ की मान्यता है कि दोनों देशों के बीच कितनी भी तनावपूर्ण स्थिति रही हो, इस मंदिर और समीपवर्ती गाँवों को कभी हानि नहीं हुई।
बरेली की एक महिला श्रद्धालु ने बताया कि वे अमरनाथ दर्शन के बाद जम्मू में रुकी थीं और चर्चा के दौरान इस मंदिर के बारे में सुनकर दर्शन के लिए आ गईं। उन्होंने कहा कि यह उनकी इस मंदिर की पहली यात्रा है।
आस्था और सांस्कृतिक महत्व
गौरतलब है कि टाली माता मंदिर सीमावर्ती क्षेत्र में आस्था का एक महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता है। श्रद्धालुओं की मान्यता है कि यहाँ सच्चे मन से माँगी गई हर मनोकामना पूरी होती है। यह मंदिर न केवल धार्मिक दृष्टि से, बल्कि राष्ट्रीय भावना के प्रतीक के रूप में भी महत्व रखता है — जहाँ देवी के जयकारे सीमा पार तक गूंजते हैं।
अमरनाथ यात्रा से जुड़ाव
इस वर्ष अमरनाथ यात्रा के दौरान जम्मू-कश्मीर के विभिन्न धार्मिक स्थलों पर भी श्रद्धालुओं की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि देखी जा रही है। टाली माता मंदिर इसी श्रृंखला में एक प्रमुख पड़ाव बनता जा रहा है, जहाँ देश के विभिन्न राज्यों — उत्तर प्रदेश, राजस्थान और अन्य प्रांतों — से श्रद्धालु पहुँच रहे हैं। आने वाले दिनों में यात्रा सीजन के चरम पर पहुँचने के साथ मंदिर में भीड़ और बढ़ने की संभावना है।