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तेलंगाना IAS अधिकारी अमॉय कुमार ईडी के सामने पेश, 42 एकड़ सरकारी जमीन घोटाले में पूछताछ

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तेलंगाना IAS अधिकारी अमॉय कुमार ईडी के सामने पेश, 42 एकड़ सरकारी जमीन घोटाले में पूछताछ

सारांश

तेलंगाना के IAS अधिकारी अमॉय कुमार सोमवार को हैदराबाद में ईडी के सामने पेश हुए — यह मामला नागरम गांव की 42 एकड़ सरकारी जमीन के कथित अवैध हस्तांतरण और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा है। ईडी पहले ही 45 कारें और ₹23 लाख नकद जब्त कर चुकी है; अक्टूबर 2024 के बाद यह दूसरी पूछताछ है।

मुख्य बातें

IAS अधिकारी अमॉय कुमार सोमवार, 25 मई को हैदराबाद में ईडी के सामने पेश हुए।
मामला रंगारेड्डी जिले के नागरम गांव में 42.33 एकड़ सरकारी/भूदान जमीन के कथित अवैध हस्तांतरण से जुड़ा है।
ईडी ने पिछले वर्ष अप्रैल में तलाशी के दौरान 45 कारें , ₹23 लाख नकद और 12,000 यूएई दिरहम जब्त किए।
अमॉय कुमार एफआईआर में आरोपी नहीं, लेकिन धरणी पोर्टल उपयोग और प्रतिबंधित संपत्ति पंजीकरण में भूमिका जांच के दायरे में।
यह अक्टूबर 2024 के बाद उनकी दूसरी ईडी पूछताछ है।

तेलंगाना के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अमॉय कुमार सोमवार, 25 मई को हैदराबाद स्थित प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के क्षेत्रीय कार्यालय में पेश हुए। यह पूछताछ रंगारेड्डी जिले के महेश्वरम मंडल के नागरम गांव में 42 एकड़ से अधिक सरकारी एवं भूदान भूमि के कथित अवैध हस्तांतरण से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में हुई। वर्तमान में पशुपालन और डेयरी विकास विभाग में तैनात अमॉय कुमार इससे पहले अक्टूबर 2024 में भी ईडी के समक्ष पेश हो चुके हैं।

मामले की पृष्ठभूमि

मार्च 2023 में दस्तगीर शरीफ ने अदालत में एक निजी शिकायत दायर की थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि कुछ व्यक्तियों ने कथित तौर पर राजस्व अधिकारियों की मिलीभगत से धोखाधड़ी के जरिए उत्तराधिकार अधिकार हासिल किए, राजस्व रिकॉर्ड में हेरफेर की और नागरम गांव में 42.33 एकड़ जमीन के लिए अवैध पासबुक जारी करवाई। अदालत के निर्देश पर पुलिस ने महेश्वरम पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की।

एफआईआर में मंडल राजस्व अधिकारी (एमआरओ) आरपी ज्योति, मुनव्वर खान, खादेरुन्निसा, के. श्रीधर रेड्डी सहित कई अन्य नामों को आरोपी के रूप में दर्ज किया गया। गौरतलब है कि अमॉय कुमार को एफआईआर में आरोपी के रूप में नामित नहीं किया गया, लेकिन धरणी पोर्टल के उपयोग और प्रतिबंधित श्रेणी की संपत्तियों के पंजीकरण में उनकी कथित भूमिका ईडी की जांच के दायरे में आई।

ईडी की जांच और जब्ती

ईडी ने धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के प्रावधानों के तहत जांच शुरू की। पिछले वर्ष अप्रैल में हैदराबाद में की गई तलाशी के दौरान एजेंसी ने कई विंटेज कारों समेत 45 कारें जब्त कीं। इसके अलावा आपत्तिजनक दस्तावेज, ₹23 लाख की भारतीय मुद्रा और 12,000 यूएई दिरहम भी बरामद किए गए।

यह तलाशी आरोपी खादेरुन्निसा, मुनव्वर खान, मोहम्मद लतीफ शरफान, मोहम्मद अख्तर शरफान और मोहम्मद शकूर के आवासों और फार्महाउसों पर की गई थी।

धोखाधड़ी का तरीका

ईडी की जांच में कथित तौर पर सामने आया कि खादेरुन्निसा ने नागरम गांव की सरकारी एवं भूदान भूमि पर झूठा दावा किया कि यह उसकी पुश्तैनी संपत्ति है। इसके बाद राजस्व रिकॉर्ड में धोखाधड़ी से बदलाव कर और कई बिचौलियों की मिलीभगत से यह जमीन अलग-अलग संस्थाओं को बेच दी गई।

जांच एजेंसी के अनुसार, इन बिचौलियों ने सरकारी अधिकारियों की कथित सांठगांठ से दस्तावेजों में हेराफेरी की, जिसके चलते उक्त भूमि को प्रतिबंधित सूची से हटाकर निजी पक्षों को बेच दिया गया।

अमॉय कुमार की भूमिका और पृष्ठभूमि

अमॉय कुमार ने इससे पहले रंगारेड्डी और मेडचल मलकाजगिरी जिलों में जिला कलेक्टर के रूप में कार्य किया है। ईडी की जांच उस कार्यकाल से संबंधित उनकी प्रशासनिक भूमिका की पड़ताल कर रही है। यह ऐसे समय में आया है जब तेलंगाना में भूमि अभिलेखों से जुड़े कई मामले न्यायिक और जांच एजेंसियों के सामने विचाराधीन हैं।

आगे की कार्रवाई

ईडी की जांच अभी जारी है और एजेंसी मनी लॉन्ड्रिंग के संभावित पहलुओं की गहन पड़ताल कर रही है। मामले में आगे और समन या गिरफ्तारी की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता, यह इस बात पर निर्भर करेगा कि पूछताछ में क्या सामने आता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी उनसे दूसरी बार पूछताछ हो रही है — यह संकेत देता है कि ईडी की जांच प्रशासनिक श्रृंखला के ऊपरी स्तर तक पहुँच रही है। सरकारी जमीन को 'पुश्तैनी संपत्ति' बताकर बेचने का यह कथित तरीका तेलंगाना में पहली बार सामने नहीं आया है, जो दर्शाता है कि राजस्व रिकॉर्ड में संस्थागत निगरानी अभी भी अपर्याप्त है।
RashtraPress
10 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अमॉय कुमार को ईडी ने क्यों बुलाया?
ईडी ने अमॉय कुमार को रंगारेड्डी जिले के नागरम गांव में 42 एकड़ सरकारी/भूदान जमीन के कथित अवैध हस्तांतरण से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पूछताछ के लिए बुलाया। हालांकि वे एफआईआर में नामित आरोपी नहीं हैं, लेकिन धरणी पोर्टल के उपयोग और प्रतिबंधित श्रेणी की संपत्तियों के पंजीकरण में उनकी कथित भूमिका जांच के दायरे में है।
नागरम जमीन घोटाले में क्या हुआ था?
आरोप है कि खादेरुन्निसा ने नागरम गांव की सरकारी भूमि पर पुश्तैनी संपत्ति का झूठा दावा किया, राजस्व रिकॉर्ड में धोखाधड़ी से बदलाव किए और बिचौलियों की मिलीभगत से 42.33 एकड़ जमीन को प्रतिबंधित सूची से हटाकर निजी पक्षों को बेच दिया। मार्च 2023 में दस्तगीर शरीफ की अदालती शिकायत पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज की थी।
ईडी ने इस मामले में अब तक क्या जब्त किया है?
ईडी ने अप्रैल 2024 में हैदराबाद में PMLA के तहत तलाशी के दौरान कई विंटेज कारों समेत 45 कारें, ₹23 लाख नकद भारतीय मुद्रा और 12,000 यूएई दिरहम जब्त किए। इसके साथ ही जमीन की धोखाधड़ी वाली खरीद-बिक्री से संबंधित आपत्तिजनक दस्तावेज भी बरामद किए गए।
अमॉय कुमार कौन हैं और उनका पिछला कार्यकाल क्या था?
अमॉय कुमार तेलंगाना कैडर के वरिष्ठ IAS अधिकारी हैं, जो वर्तमान में पशुपालन और डेयरी विकास विभाग में तैनात हैं। इससे पहले वे रंगारेड्डी और मेडचल मलकाजगिरी जिलों में जिला कलेक्टर के रूप में कार्य कर चुके हैं, और ईडी की जांच उसी कार्यकाल से जुड़े प्रशासनिक निर्णयों की पड़ताल कर रही है।
इस मामले में आगे क्या हो सकता है?
ईडी की जांच अभी जारी है और एजेंसी मनी लॉन्ड्रिंग के सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही है। पूछताछ के नतीजों के आधार पर आगे और समन जारी हो सकते हैं या गिरफ्तारी की कार्रवाई भी संभव है।
राष्ट्र प्रेस
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