तेलंगाना IAS अधिकारी अमॉय कुमार ईडी के सामने पेश, 42 एकड़ सरकारी जमीन घोटाले में पूछताछ
सारांश
मुख्य बातें
तेलंगाना के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अमॉय कुमार सोमवार, 25 मई को हैदराबाद स्थित प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के क्षेत्रीय कार्यालय में पेश हुए। यह पूछताछ रंगारेड्डी जिले के महेश्वरम मंडल के नागरम गांव में 42 एकड़ से अधिक सरकारी एवं भूदान भूमि के कथित अवैध हस्तांतरण से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में हुई। वर्तमान में पशुपालन और डेयरी विकास विभाग में तैनात अमॉय कुमार इससे पहले अक्टूबर 2024 में भी ईडी के समक्ष पेश हो चुके हैं।
मामले की पृष्ठभूमि
मार्च 2023 में दस्तगीर शरीफ ने अदालत में एक निजी शिकायत दायर की थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि कुछ व्यक्तियों ने कथित तौर पर राजस्व अधिकारियों की मिलीभगत से धोखाधड़ी के जरिए उत्तराधिकार अधिकार हासिल किए, राजस्व रिकॉर्ड में हेरफेर की और नागरम गांव में 42.33 एकड़ जमीन के लिए अवैध पासबुक जारी करवाई। अदालत के निर्देश पर पुलिस ने महेश्वरम पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की।
एफआईआर में मंडल राजस्व अधिकारी (एमआरओ) आरपी ज्योति, मुनव्वर खान, खादेरुन्निसा, के. श्रीधर रेड्डी सहित कई अन्य नामों को आरोपी के रूप में दर्ज किया गया। गौरतलब है कि अमॉय कुमार को एफआईआर में आरोपी के रूप में नामित नहीं किया गया, लेकिन धरणी पोर्टल के उपयोग और प्रतिबंधित श्रेणी की संपत्तियों के पंजीकरण में उनकी कथित भूमिका ईडी की जांच के दायरे में आई।
ईडी की जांच और जब्ती
ईडी ने धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के प्रावधानों के तहत जांच शुरू की। पिछले वर्ष अप्रैल में हैदराबाद में की गई तलाशी के दौरान एजेंसी ने कई विंटेज कारों समेत 45 कारें जब्त कीं। इसके अलावा आपत्तिजनक दस्तावेज, ₹23 लाख की भारतीय मुद्रा और 12,000 यूएई दिरहम भी बरामद किए गए।
यह तलाशी आरोपी खादेरुन्निसा, मुनव्वर खान, मोहम्मद लतीफ शरफान, मोहम्मद अख्तर शरफान और मोहम्मद शकूर के आवासों और फार्महाउसों पर की गई थी।
धोखाधड़ी का तरीका
ईडी की जांच में कथित तौर पर सामने आया कि खादेरुन्निसा ने नागरम गांव की सरकारी एवं भूदान भूमि पर झूठा दावा किया कि यह उसकी पुश्तैनी संपत्ति है। इसके बाद राजस्व रिकॉर्ड में धोखाधड़ी से बदलाव कर और कई बिचौलियों की मिलीभगत से यह जमीन अलग-अलग संस्थाओं को बेच दी गई।
जांच एजेंसी के अनुसार, इन बिचौलियों ने सरकारी अधिकारियों की कथित सांठगांठ से दस्तावेजों में हेराफेरी की, जिसके चलते उक्त भूमि को प्रतिबंधित सूची से हटाकर निजी पक्षों को बेच दिया गया।
अमॉय कुमार की भूमिका और पृष्ठभूमि
अमॉय कुमार ने इससे पहले रंगारेड्डी और मेडचल मलकाजगिरी जिलों में जिला कलेक्टर के रूप में कार्य किया है। ईडी की जांच उस कार्यकाल से संबंधित उनकी प्रशासनिक भूमिका की पड़ताल कर रही है। यह ऐसे समय में आया है जब तेलंगाना में भूमि अभिलेखों से जुड़े कई मामले न्यायिक और जांच एजेंसियों के सामने विचाराधीन हैं।
आगे की कार्रवाई
ईडी की जांच अभी जारी है और एजेंसी मनी लॉन्ड्रिंग के संभावित पहलुओं की गहन पड़ताल कर रही है। मामले में आगे और समन या गिरफ्तारी की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता, यह इस बात पर निर्भर करेगा कि पूछताछ में क्या सामने आता है।