ISI मॉड्यूल केस: ठाणे कोर्ट से हुजैफा को दिल्ली ले जाने की मंजूरी, 3 दिन का ट्रांजिट वारंट जारी
सारांश
मुख्य बातें
ठाणे की एक अदालत ने बुधवार को पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI और मुंबई अंडरवर्ल्ड मॉड्यूल से कथित जुड़ाव के आरोपी हुजैफा फारूक अहमद हाशमी (26) को दिल्ली ले जाने की अनुमति देते हुए तीन दिन का ट्रांजिट वारंट मंजूर कर लिया। आरोपी को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और महाराष्ट्र ATS की संयुक्त कार्रवाई में मुंबई से सटे मीरा-भायंदर इलाके से गिरफ्तार किया गया था।
अदालत में पेशी और कार्यवाही
हुजैफा को बुधवार को ठाणे कोर्ट में पेश किया गया, जहाँ न्यायाधीश ने आरोपी से पूछा कि क्या उसे अपनी गिरफ्तारी के कारण की जानकारी है। आरोपी ने जवाब दिया कि उसे इसकी जानकारी है।
सुनवाई के दौरान दिल्ली स्पेशल सेल और ATS की टीम ने अदालत के समक्ष आरोपी के चैट रिकॉर्ड और बैंकिंग ट्रांज़ैक्शन से जुड़े स्क्रीनशॉट पेश किए। जाँच एजेंसियों ने आगे की पूछताछ के लिए आरोपी को दिल्ली स्थित पटियाला हाउस कोर्ट में पेश करने की अनुमति माँगी।
ट्रांजिट वारंट और दिल्ली ले जाने की प्रक्रिया
अदालत के सवाल पर स्पेशल टीम ने बताया कि आरोपी को ट्रेन के माध्यम से दिल्ली ले जाया जाएगा, और इसी आधार पर तीन दिन के ट्रांजिट वारंट की माँग की गई। कोर्ट ने यह माँग स्वीकार करते हुए वारंट मंजूर कर दिया। अब हुजैफा को परसों पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया जाएगा, जहाँ मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू होगी।
पाकिस्तान कनेक्शन की जाँच
जाँच एजेंसियों के अनुसार, प्रारंभिक जाँच में सामने आया है कि हुजैफा पिछले एक महीने से कथित तौर पर पाकिस्तान में बैठे यावर खान के संपर्क में था। एजेंसियाँ दोनों के बीच हुई बातचीत, वित्तीय लेन-देन और संभावित नेटवर्क की पड़ताल कर रही हैं।
गिरफ्तारी की परिस्थितियाँ
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, हुजैफा अपनी गर्लफ्रेंड से मिलने मीरा-भायंदर आया हुआ था, तभी संयुक्त टीम ने उसे हिरासत में ले लिया। गिरफ्तारी के समय किसी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए इलाके में सुरक्षा व्यवस्था मज़बूत की गई थी। यह गिरफ्तारी ऐसे समय में हुई है जब सीमा-पार जासूसी नेटवर्क को लेकर सुरक्षा एजेंसियाँ देशभर में सक्रिय हैं।
आगे क्या
गिरफ्तारी के बाद सुरक्षा एजेंसियाँ अलर्ट मोड पर हैं और आरोपी के संपर्क में आए अन्य लोगों की भी जाँच की जा रही है। मामले की आगे की दिशा अदालत के निर्देशों और जाँच एजेंसियों की रिपोर्ट पर निर्भर करेगी।