10 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

शिउली पंचायत में TMC के 8 सदस्यों का इस्तीफा, बंगाल चुनाव नतीजों के बाद उत्तर 24 परगना में पार्टी कमज़ोर

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
शिउली पंचायत में TMC के 8 सदस्यों का इस्तीफा, बंगाल चुनाव नतीजों के बाद उत्तर 24 परगना में पार्टी कमज़ोर

सारांश

बंगाल में सत्ता गँवाने के बाद TMC की मुश्किलें थमने का नाम नहीं ले रहीं। शिउली ग्राम पंचायत के प्रधान समेत 8 सदस्यों के इस्तीफे और नैहाटी नगरपालिका चेयरमैन के पद छोड़ने से उत्तर 24 परगना में पार्टी की पकड़ और कमज़ोर हुई है — और इस्तीफों का यह सिलसिला अभी थमा नहीं है।

मुख्य बातें

शिउली ग्राम पंचायत के प्रधान अरुण कुमार घोष सहित TMC के 8 सदस्यों ने 21 जून 2026 को इस्तीफा दिया।
इस्तीफे की वजह — पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में TMC की हार और जनादेश का सम्मान।
नैहाटी नगरपालिका के चेयरमैन अशोक चटर्जी ने भी शनिवार रात ईमेल से इस्तीफा भेजा; इससे पहले उसी नगरपालिका के 2 पार्षद भी पद छोड़ चुके हैं।
मोहनपुर पंचायत और बैरकपुर नगरपालिका के बोर्ड भी पहले ही भंग हो चुके हैं।
मानसून से पहले उत्तर 24 परगना के कई इलाकों में नागरिक सेवाएँ लगभग ठप।
घोष ने संकेत दिया — आने वाले दिनों में TMC के और सदस्य भी इस्तीफा दे सकते हैं।

तृणमूल कांग्रेस (TMC) को उत्तर 24 परगना जिले में एक और बड़ा झटका लगा है — शिउली ग्राम पंचायत के प्रधान अरुण कुमार घोष सहित TMC के 8 सदस्यों ने रविवार, 21 जून 2026 को अपने पदों से इस्तीफा दे दिया। इस्तीफे का आधार हाल ही में संपन्न पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में TMC की सत्ता से विदाई को बताया गया है।

इस्तीफे की प्रक्रिया और पृष्ठभूमि

सभी 8 सदस्य बैरकपुर ब्लॉक-2 के बीडीओ कार्यालय पहुँचे और वहाँ अपना इस्तीफा औपचारिक रूप से सौंपा। शिउली ग्राम पंचायत में कुल 30 सीटें हैं, जिनमें से वर्तमान में 29 सदस्य कार्यरत थे — इनमें TMC के 24, भारतीय जनता पार्टी (BJP) के 3 और वाम मोर्चे के 2 सदस्य शामिल थे। प्रधान समेत 8 TMC सदस्यों के इस्तीफे के बाद पंचायत की राजनीतिक संरचना में बड़ा बदलाव आ गया है।

अरुण कुमार घोष का बयान

मीडिया से बात करते हुए पूर्व प्रधान अरुण कुमार घोष ने कहा, 'इस क्षेत्र के लोगों ने विधानसभा चुनाव में हमारे खिलाफ मतदान किया है। इसलिए जनता के फैसले का सम्मान करते हुए हमने स्वेच्छा से इस्तीफा देने का निर्णय लिया है।' उन्होंने यह भी संकेत दिया कि आने वाले दिनों में TMC के कुछ और सदस्य भी इस्तीफा दे सकते हैं।

नैहाटी नगरपालिका में भी इस्तीफे का सिलसिला

इसी क्रम में नैहाटी नगरपालिका के चेयरमैन अशोक चटर्जी ने शनिवार रात ईमेल के ज़रिए अपना इस्तीफा भेज दिया। यह नगरपालिका भी उत्तर 24 परगना जिले में स्थित है। इससे पहले इसी नगरपालिका के दो पार्षद भी अपना पद छोड़ चुके हैं। गौरतलब है कि कुछ दिन पहले मोहनपुर पंचायत और बैरकपुर नगरपालिका के बोर्ड भी भंग किए जा चुके हैं।

राज्यभर में TMC के लिए बढ़ती चुनौतियाँ

राज्य में सरकार बदलने के बाद TMC एक के बाद एक स्थानीय निकायों पर अपना नियंत्रण खोती जा रही है। राज्यभर में विभिन्न नगर निगमों, नगरपालिकाओं और ग्राम पंचायतों में TMC के जनप्रतिनिधि अपने पदों से इस्तीफा दे रहे हैं। इसके चलते मानसून के आने से पहले कई स्थानों पर नागरिक सेवाएँ लगभग ठप पड़ गई हैं।

आम जनता पर असर

स्थानीय निकायों में नेतृत्व शून्यता के कारण उत्तर 24 परगना के कई इलाकों में बुनियादी नागरिक सेवाएँ प्रभावित हो रही हैं। मानसून से पहले जल निकासी, सफाई और सड़क मरम्मत जैसे ज़रूरी कार्य अधर में लटके हैं। यह स्थिति उन क्षेत्रों के निवासियों के लिए विशेष चिंता का विषय बन गई है जहाँ इस्तीफों की वजह से प्रशासनिक कामकाज रुक गया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो किसी भी राजनीतिक दल की जवाबदेही का असली पैमाना है।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शिउली ग्राम पंचायत में TMC के 8 सदस्यों ने इस्तीफा क्यों दिया?
पूर्व प्रधान अरुण कुमार घोष के अनुसार, पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में क्षेत्र की जनता ने TMC के खिलाफ मतदान किया, इसलिए जनादेश का सम्मान करते हुए सभी 8 सदस्यों ने स्वेच्छा से इस्तीफा देने का निर्णय लिया।
शिउली ग्राम पंचायत में अब राजनीतिक स्थिति क्या है?
पंचायत में कुल 30 सीटें हैं और 29 सदस्य थे — TMC के 24, BJP के 3 और वाम मोर्चे के 2। प्रधान समेत 8 TMC सदस्यों के इस्तीफे के बाद पंचायत में TMC की संख्या घटकर 16 रह गई है, जिससे राजनीतिक संतुलन बदल गया है।
नैहाटी नगरपालिका में क्या हुआ?
नैहाटी नगरपालिका के चेयरमैन अशोक चटर्जी ने शनिवार रात ईमेल के ज़रिए इस्तीफा भेजा। इससे पहले उसी नगरपालिका के दो पार्षद भी अपना पद छोड़ चुके थे। यह नगरपालिका भी उत्तर 24 परगना जिले में स्थित है।
बंगाल में TMC के इस्तीफों से आम जनता पर क्या असर पड़ रहा है?
स्थानीय निकायों में नेतृत्व शून्यता के कारण मानसून से पहले कई इलाकों में नागरिक सेवाएँ लगभग ठप हो गई हैं। जल निकासी, सफाई और सड़क मरम्मत जैसे ज़रूरी काम अधर में लटके हैं, जिससे उत्तर 24 परगना के निवासी सबसे ज़्यादा प्रभावित हो रहे हैं।
क्या उत्तर 24 परगना में और भी TMC नेता इस्तीफा दे सकते हैं?
अरुण कुमार घोष ने संकेत दिया है कि आने वाले दिनों में TMC के कुछ और सदस्य भी इस्तीफा दे सकते हैं। मोहनपुर पंचायत और बैरकपुर नगरपालिका के बोर्ड पहले ही भंग हो चुके हैं, और राज्यभर में इस्तीफों का सिलसिला जारी है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 2 महीने पहले
  6. 2 महीने पहले
  7. 2 महीने पहले
  8. 2 महीने पहले