24 जुलाई 2026
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सैंथिया नगरपालिका बोर्ड भंग: TMC के 14 पार्षदों के इस्तीफे से बीरभूम में राजनीतिक उथल-पुथल

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सैंथिया नगरपालिका बोर्ड भंग: TMC के 14 पार्षदों के इस्तीफे से बीरभूम में राजनीतिक उथल-पुथल

सारांश

पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में TMC के 14 पार्षदों के एक साथ इस्तीफे ने सैंथिया नगरपालिका बोर्ड भंग कर दिया — जिले की छह नगरपालिकाओं में यह पहली घटना है। अध्यक्ष ने खुद कहा कि 'वास्तविक TMC कौन सी है', यह समझ नहीं आया।

मुख्य बातें

सैंथिया नगरपालिका बोर्ड 8 जून 2026 को भंग हुआ, जब TMC के 14 पार्षदों ने एक साथ इस्तीफा दिया।
इस्तीफा देने वालों में नगरपालिका अध्यक्ष बिप्लब दत्ता और उपाध्यक्ष काजी कमाल हुसैन शामिल हैं।
27 फरवरी 2022 के चुनाव में TMC ने सभी 16 सीटें जीती थीं, जिनमें 13 पर निर्विरोध जीत हुई थी।
केवल 2 पार्षद — मानस सिंह (वार्ड 3) और माया साहा (वार्ड 9) — ने इस्तीफा नहीं दिया।
बीरभूम की अन्य 5 नगरपालिकाएँ — बोलपुर, सूरी, रामपुरहाट, दुबराजपुर, नलहाटी — अभी TMC के नियंत्रण में हैं।

पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले की सैंथिया नगरपालिका का बोर्ड सोमवार, 8 जून 2026 को भंग हो गया, जब तृणमूल कांग्रेस (TMC) के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष समेत 14 पार्षदों ने एक साथ अपने पदों से इस्तीफा दे दिया। बहुमत पार्षदों के सामूहिक त्यागपत्र के बाद नगरपालिका बोर्ड का अस्तित्व स्वतः समाप्त हो गया। यह बीरभूम जिले की छह नगरपालिकाओं में पहला अवसर है जब किसी नगरपालिका बोर्ड को इस प्रकार भंग होना पड़ा।

मुख्य घटनाक्रम

नगरपालिका अध्यक्ष बिप्लब दत्ता, उपाध्यक्ष काजी कमाल हुसैन और 12 अन्य पार्षदों ने अपने इस्तीफे सूरी उपमंडल प्रशासन के अधिकारी सुप्रतीक सिंह को सौंपे। सैंथिया नगरपालिका में कुल 16 पार्षद हैं, जिनमें से केवल वार्ड संख्या 3 के पार्षद मानस सिंह और वार्ड संख्या 9 की पार्षद माया साहा ने इस्तीफा नहीं दिया। बावजूद इसके, बहुमत के इस्तीफे के कारण बोर्ड भंग हो गया।

पार्षदों ने क्या कहा

इस्तीफे के बाद नगरपालिका अध्यक्ष बिप्लब दत्ता ने कहा कि वे तृणमूल कांग्रेस के चुनाव चिह्न पर जीतकर आए थे, लेकिन विधानसभा चुनावों में जनता ने पार्टी को नकार दिया है। उन्होंने कहा कि उन्हें यह समझ नहीं आ रहा कि 'वास्तविक तृणमूल कांग्रेस कौन सी है', इसलिए उन्होंने व्यक्तिगत निर्णय लेते हुए इस्तीफा दिया। उपाध्यक्ष काजी कमाल हुसैन ने स्वास्थ्य कारणों का हवाला दिया — उनका कहना है कि उनकी पत्नी पिछले 15 वर्षों से बिस्तर पर हैं और स्वयं उनकी भी तबीयत ठीक नहीं रहती। अन्य कई पार्षदों ने भी स्वास्थ्य संबंधी कारण बताए।

राजनीतिक पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि 27 फरवरी 2022 को हुए नगरपालिका चुनाव में तृणमूल कांग्रेस ने सैंथिया की सभी 16 सीटों पर जीत दर्ज की थी, जिनमें 13 सीटों पर पार्टी उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए थे। इस कारण नगरपालिका में कोई विपक्षी प्रतिनिधित्व नहीं था। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में हाल के विधानसभा चुनावों के बाद तृणमूल कांग्रेस के भीतर असंतोष की खबरें सामने आ रही हैं।

भाजपा की प्रतिक्रिया

सैंथिया विधानसभा क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक कृष्णकांत साहा ने कहा कि मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे जनकल्याणकारी कार्यों से प्रभावित होकर लोग तृणमूल कांग्रेस छोड़ रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि भविष्य में इस पार्टी का अस्तित्व समाप्त हो जाएगा।

आगे की स्थिति

बीरभूम जिले की अन्य पाँच नगरपालिकाएँ — बोलपुर, सूरी, रामपुरहाट, दुबराजपुर और नलहाटी — अभी भी तृणमूल कांग्रेस के नियंत्रण में हैं। सैंथिया नगरपालिका बोर्ड के भंग होने के बाद प्रशासनिक व्यवस्था के संबंध में राज्य सरकार का अगला कदम महत्वपूर्ण होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

समझ नहीं आता', तो यह पार्टी की आंतरिक पहचान के संकट को उजागर करता है। 2022 में जिस पार्टी ने 16 में से 13 सीटें निर्विरोध जीती थीं, उसी के पार्षदों का सामूहिक इस्तीफा बताता है कि ज़मीनी स्तर पर विश्वास की डोर कितनी कमज़ोर हो चुकी है। बीरभूम की शेष पाँच नगरपालिकाओं पर इसका असर पड़ता है या नहीं, यह आने वाले हफ्तों में स्पष्ट होगा।
RashtraPress
24 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सैंथिया नगरपालिका बोर्ड क्यों भंग हुआ?
तृणमूल कांग्रेस के अध्यक्ष बिप्लब दत्ता, उपाध्यक्ष काजी कमाल हुसैन समेत 14 पार्षदों ने 8 जून 2026 को एक साथ इस्तीफा दे दिया, जिससे बहुमत समाप्त हो गया और बोर्ड भंग हो गया। पार्षदों ने विधानसभा चुनावों में जनता द्वारा TMC को नकारे जाने और स्वास्थ्य कारणों का हवाला दिया।
सैंथिया नगरपालिका में कुल कितने पार्षद हैं और किन्होंने इस्तीफा नहीं दिया?
सैंथिया नगरपालिका में कुल 16 पार्षद हैं। वार्ड संख्या 3 के पार्षद मानस सिंह और वार्ड संख्या 9 की पार्षद माया साहा ने इस्तीफा नहीं दिया, लेकिन बाकी 14 के इस्तीफे से बोर्ड भंग हो गया।
क्या बीरभूम की अन्य नगरपालिकाएँ भी प्रभावित हुई हैं?
नहीं, बीरभूम जिले की अन्य पाँच नगरपालिकाएँ — बोलपुर, सूरी, रामपुरहाट, दुबराजपुर और नलहाटी — अभी भी तृणमूल कांग्रेस के नियंत्रण में हैं। सैंथिया जिले में इस तरह बोर्ड भंग होने वाली पहली नगरपालिका बनी है।
2022 के चुनाव में सैंथिया नगरपालिका का क्या परिणाम रहा था?
27 फरवरी 2022 को हुए नगरपालिका चुनाव में तृणमूल कांग्रेस ने सभी 16 सीटें जीती थीं, जिनमें 13 पर उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए थे। नगरपालिका में कोई विपक्षी प्रतिनिधित्व नहीं था।
भाजपा ने इस घटनाक्रम पर क्या प्रतिक्रिया दी?
सैंथिया विधानसभा क्षेत्र के BJP विधायक कृष्णकांत साहा ने कहा कि मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व में जनकल्याणकारी कार्यों से प्रभावित होकर लोग TMC छोड़ रहे हैं और उन्होंने दावा किया कि भविष्य में पार्टी का अस्तित्व समाप्त हो जाएगा।
राष्ट्र प्रेस
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