1 अगस्त 2026
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त्रिपुरा में ईडी की बड़ी कार्रवाई: IPL सट्टेबाजी गिरोह की ₹1.05 करोड़ की संपत्ति कुर्क, कुल वसूली ₹2.43 करोड़

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त्रिपुरा में ईडी की बड़ी कार्रवाई: IPL सट्टेबाजी गिरोह की ₹1.05 करोड़ की संपत्ति कुर्क, कुल वसूली ₹2.43 करोड़

सारांश

त्रिपुरा में IPL सट्टेबाजी गिरोह पर ईडी का शिकंजा कसता जा रहा है — दूसरी कुर्की में ₹1.05 करोड़ की संपत्ति जब्त, और दोनों आदेशों को मिलाकर कुल वसूली ₹2.43 करोड़ पहुँच गई है। ₹93 लाख नकद, 17 सट्टेबाजी नोटबुक और बेनामी बैंक खातों का यह जाल बताता है कि यह महज स्थानीय जुआ नहीं, बल्कि एक संगठित वित्तीय अपराध था।

मुख्य बातें

ईडी ने 1 अगस्त 2026 को त्रिपुरा के IPL सट्टेबाजी गिरोह की ₹1.05 करोड़ की संपत्ति अनंतिम रूप से कुर्क की।
कुर्क संपत्तियों में पश्चिम त्रिपुरा के नौ भूखंड , कोलकाता की एक संपत्ति और बैंक जमा राशि शामिल है।
यह इस मामले में दूसरा अंतरिम कुर्की आदेश है; पहला 16 मार्च 2026 को जारी हुआ था।
दोनों आदेशों को मिलाकर कुल कुर्क अपराध-आय ₹2.43 करोड़ हो गई है।
मामले की शुरुआत 11 मई 2023 को पुलिस तलाशी से हुई थी, जिसमें ₹93 लाख नकद और 17 सट्टेबाजी नोटबुक बरामद हुई थीं।
आरोपी प्रसेनजीत पॉल , लक्ष्मण पॉल और झूमा डे पॉल के विरुद्ध PMLA, 2002 के तहत जाँच जारी है।

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अगरतला उप क्षेत्रीय कार्यालय ने 1 अगस्त 2026 को त्रिपुरा में सक्रिय एक अवैध IPL/क्रिकेट सट्टेबाजी गिरोह की ₹1.05 करोड़ मूल्य की चल और अचल संपत्तियों को अनंतिम रूप से कुर्क किया है। कुर्क की गई संपत्तियों में नौ अचल संपत्तियाँ तथा आरोपी और उसकी पत्नी के नाम पर दर्ज बैंक खातों की जमा राशि शामिल है।

मामले की पृष्ठभूमि

ईडी ने यह जाँच त्रिपुरा पुलिस (अमताली पुलिस स्टेशन) द्वारा प्रसेनजीत पॉल और लक्ष्मण पॉल के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता, 1860 तथा त्रिपुरा जुआ अधिनियम, 1926 की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज एफआईआर के आधार पर धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के प्रावधानों के अंतर्गत शुरू की। यह एफआईआर 11 मई 2023 को प्रसेनजीत पॉल के आवासीय परिसर में की गई तलाशी के बाद दर्ज हुई थी।

उस तलाशी के दौरान पुलिस ने ₹93 लाख नकद, एक लैपटॉप, मोबाइल फोन, चार डेबिट कार्ड और सट्टेबाजी के लेन-देन की प्रविष्टियों वाली 17 नोटबुक बरामद की थीं।

गिरोह का संगठित ढाँचा

जाँच में सामने आया है कि प्रसेनजीत पॉल अपने मामा लक्ष्मण पॉल और अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर IPL व अन्य क्रिकेट मैचों पर अवैध सट्टेबाजी का एक संगठित नेटवर्क चला रहा था। आरोपों के अनुसार, लक्ष्मण पॉल ने न केवल इस अवैध गतिविधि में सहयोग किया, बल्कि प्रसेनजीत को गिरफ्तारी से बचाने में भी मदद की।

जाँच में यह भी उजागर हुआ कि लक्ष्मण पॉल ने अपनी पत्नी श्रीमती झूमा डे पॉल के नाम पर कई बैंक खाते संचालित किए और करोड़ों रुपए की नकद जमा राशि तथा अनेक अचल संपत्तियाँ अर्जित कीं, जिनके लिए कोई वैध आय स्रोत न तो घोषित किया गया था और न ही दस्तावेजी रूप से प्रमाणित किया गया था।

कुर्क संपत्तियों का विवरण

वर्तमान आदेश के तहत कुर्क की गई संपत्तियों में पश्चिम त्रिपुरा में स्थित कृषि और आवासीय भूमि के नौ भूखंड तथा कोलकाता, पश्चिम बंगाल में स्थित एक संपत्ति शामिल है। इन्हें मुख्यतः नकद भुगतान के जरिये खरीदा गया था। इसके अतिरिक्त, लक्ष्मण पॉल और झूमा डे पॉल के नाम पर दर्ज बैंक खातों की जमा राशि भी कुर्क की गई है।

दूसरी कुर्की, कुल वसूली ₹2.43 करोड़

गौरतलब है कि यह इस मामले में ईडी द्वारा जारी दूसरा अंतरिम कुर्की आदेश है। इससे पहले 16 मार्च 2026 को पहला अंतरिम कुर्की आदेश जारी किया गया था, जिसमें प्रसेनजीत पॉल और उनकी माता के नाम पर मौजूद संपत्तियाँ कुर्क की गई थीं। दोनों आदेशों को मिलाकर इस मामले में कुर्क की गई अपराध की आय का कुल मूल्य — जिसमें नकद, अचल संपत्तियाँ और बैंक जमा राशि शामिल हैं — ₹2.43 करोड़ हो गया है।

आगे की जाँच जारी

ईडी के अनुसार इस मामले में आगे की जाँच अभी जारी है। यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब देशभर में IPL सट्टेबाजी नेटवर्क के विरुद्ध प्रवर्तन एजेंसियों की कार्रवाइयाँ तेज हुई हैं। आने वाले हफ्तों में इस गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों और संपत्तियों पर भी शिकंजा कसे जाने की संभावना है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

त्रिपुरा IPL सट्टेबाजी मामले में ईडी ने क्या कार्रवाई की?
ईडी के अगरतला उप क्षेत्रीय कार्यालय ने 1 अगस्त 2026 को ₹1.05 करोड़ मूल्य की चल और अचल संपत्तियाँ अनंतिम रूप से कुर्क कीं। यह इस मामले में दूसरा अंतरिम कुर्की आदेश है, और दोनों आदेशों को मिलाकर कुल कुर्क राशि ₹2.43 करोड़ हो गई है।
इस मामले में मुख्य आरोपी कौन हैं?
मुख्य आरोपी प्रसेनजीत पॉल हैं, जिन पर IPL और क्रिकेट मैचों पर अवैध सट्टेबाजी नेटवर्क चलाने का आरोप है। उनके मामा लक्ष्मण पॉल और लक्ष्मण की पत्नी झूमा डे पॉल पर भी अपराध की आय को बेनामी बैंक खातों और संपत्तियों में छुपाने के आरोप हैं।
यह जाँच कब और कैसे शुरू हुई?
जाँच की शुरुआत 11 मई 2023 को हुई, जब त्रिपुरा पुलिस ने प्रसेनजीत पॉल के घर पर छापा मारकर ₹93 लाख नकद, 17 सट्टेबाजी नोटबुक और अन्य सामग्री बरामद की। इसके बाद ईडी ने PMLA, 2002 के तहत धन शोधन की जाँच शुरू की।
कुर्क की गई संपत्तियाँ कहाँ स्थित हैं?
वर्तमान कुर्की आदेश के तहत पश्चिम त्रिपुरा में कृषि और आवासीय भूमि के नौ भूखंड तथा कोलकाता, पश्चिम बंगाल में एक संपत्ति कुर्क की गई है। इसके अलावा लक्ष्मण पॉल और झूमा डे पॉल के बैंक खातों में जमा राशि भी जब्त की गई है।
इस मामले में आगे क्या होगा?
ईडी के अनुसार आगे की जाँच अभी जारी है। अब तक दो अंतरिम कुर्की आदेश जारी हो चुके हैं और कुल ₹2.43 करोड़ की अपराध-आय कुर्क की जा चुकी है। आने वाले समय में गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों और संपत्तियों पर भी कार्रवाई की संभावना है।
राष्ट्र प्रेस
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