त्रिपुरा में ईडी की बड़ी कार्रवाई: IPL सट्टेबाजी गिरोह की ₹1.05 करोड़ की संपत्ति कुर्क, कुल वसूली ₹2.43 करोड़
सारांश
मुख्य बातें
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अगरतला उप क्षेत्रीय कार्यालय ने 1 अगस्त 2026 को त्रिपुरा में सक्रिय एक अवैध IPL/क्रिकेट सट्टेबाजी गिरोह की ₹1.05 करोड़ मूल्य की चल और अचल संपत्तियों को अनंतिम रूप से कुर्क किया है। कुर्क की गई संपत्तियों में नौ अचल संपत्तियाँ तथा आरोपी और उसकी पत्नी के नाम पर दर्ज बैंक खातों की जमा राशि शामिल है।
मामले की पृष्ठभूमि
ईडी ने यह जाँच त्रिपुरा पुलिस (अमताली पुलिस स्टेशन) द्वारा प्रसेनजीत पॉल और लक्ष्मण पॉल के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता, 1860 तथा त्रिपुरा जुआ अधिनियम, 1926 की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज एफआईआर के आधार पर धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के प्रावधानों के अंतर्गत शुरू की। यह एफआईआर 11 मई 2023 को प्रसेनजीत पॉल के आवासीय परिसर में की गई तलाशी के बाद दर्ज हुई थी।
उस तलाशी के दौरान पुलिस ने ₹93 लाख नकद, एक लैपटॉप, मोबाइल फोन, चार डेबिट कार्ड और सट्टेबाजी के लेन-देन की प्रविष्टियों वाली 17 नोटबुक बरामद की थीं।
गिरोह का संगठित ढाँचा
जाँच में सामने आया है कि प्रसेनजीत पॉल अपने मामा लक्ष्मण पॉल और अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर IPL व अन्य क्रिकेट मैचों पर अवैध सट्टेबाजी का एक संगठित नेटवर्क चला रहा था। आरोपों के अनुसार, लक्ष्मण पॉल ने न केवल इस अवैध गतिविधि में सहयोग किया, बल्कि प्रसेनजीत को गिरफ्तारी से बचाने में भी मदद की।
जाँच में यह भी उजागर हुआ कि लक्ष्मण पॉल ने अपनी पत्नी श्रीमती झूमा डे पॉल के नाम पर कई बैंक खाते संचालित किए और करोड़ों रुपए की नकद जमा राशि तथा अनेक अचल संपत्तियाँ अर्जित कीं, जिनके लिए कोई वैध आय स्रोत न तो घोषित किया गया था और न ही दस्तावेजी रूप से प्रमाणित किया गया था।
कुर्क संपत्तियों का विवरण
वर्तमान आदेश के तहत कुर्क की गई संपत्तियों में पश्चिम त्रिपुरा में स्थित कृषि और आवासीय भूमि के नौ भूखंड तथा कोलकाता, पश्चिम बंगाल में स्थित एक संपत्ति शामिल है। इन्हें मुख्यतः नकद भुगतान के जरिये खरीदा गया था। इसके अतिरिक्त, लक्ष्मण पॉल और झूमा डे पॉल के नाम पर दर्ज बैंक खातों की जमा राशि भी कुर्क की गई है।
दूसरी कुर्की, कुल वसूली ₹2.43 करोड़
गौरतलब है कि यह इस मामले में ईडी द्वारा जारी दूसरा अंतरिम कुर्की आदेश है। इससे पहले 16 मार्च 2026 को पहला अंतरिम कुर्की आदेश जारी किया गया था, जिसमें प्रसेनजीत पॉल और उनकी माता के नाम पर मौजूद संपत्तियाँ कुर्क की गई थीं। दोनों आदेशों को मिलाकर इस मामले में कुर्क की गई अपराध की आय का कुल मूल्य — जिसमें नकद, अचल संपत्तियाँ और बैंक जमा राशि शामिल हैं — ₹2.43 करोड़ हो गया है।
आगे की जाँच जारी
ईडी के अनुसार इस मामले में आगे की जाँच अभी जारी है। यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब देशभर में IPL सट्टेबाजी नेटवर्क के विरुद्ध प्रवर्तन एजेंसियों की कार्रवाइयाँ तेज हुई हैं। आने वाले हफ्तों में इस गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों और संपत्तियों पर भी शिकंजा कसे जाने की संभावना है।