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यूसीसी से मिलेगी महिलाओं को पूर्ण सुरक्षा: भूपेंद्र चौधरी ने शाह के बयान का किया स्वागत

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यूसीसी से मिलेगी महिलाओं को पूर्ण सुरक्षा: भूपेंद्र चौधरी ने शाह के बयान का किया स्वागत

सारांश

गृह मंत्री अमित शाह के 21 BJP-NDA राज्यों में 2029 से पहले UCC के ऐलान के बाद UP मंत्री भूपेंद्र चौधरी ने इसे महिला अधिकारों की ढाल बताया — भाजपा इस पुराने वादे को नई राजनीतिक भाषा में पेश कर रही है।

मुख्य बातें

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 2029 लोकसभा चुनाव से पहले BJP-NDA शासित 21 राज्यों में UCC लागू करने का ऐलान किया।
UP कैबिनेट मंत्री भूपेंद्र चौधरी ने 15 सितंबर 2026 को शाह के बयान का स्वागत करते हुए UCC को महिला सशक्तीकरण से जोड़ा।
भाजपा के 14 अप्रैल 2024 के संकल्प पत्र में UCC को संविधान के अनुच्छेद 44 के तहत लागू करने की प्रतिबद्धता शामिल थी।
चौधरी ने कहा — बिना UCC के महिलाओं को पूर्ण कानूनी सुरक्षा संभव नहीं।
विपक्ष ने UCC के क्रियान्वयन की समयसीमा और संवैधानिक जटिलताओं पर सवाल उठाए हैं।

उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री भूपेंद्र चौधरी ने 15 सितंबर 2026 को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के उस बयान का स्वागत किया, जिसमें शाह ने 2029 के लोकसभा चुनावों से पहले भारतीय जनता पार्टी (BJP) और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) शासित सभी 21 राज्यों में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने की बात कही थी। चौधरी ने कहा कि जब तक UCC लागू नहीं होती, महिलाओं को उनके अधिकारों की पूर्ण सुरक्षा और न्याय सुनिश्चित नहीं किया जा सकता।

मुख्य घटनाक्रम

कैबिनेट मंत्री भूपेंद्र चौधरी ने लखनऊ में मीडिया से बात करते हुए स्पष्ट किया कि भाजपा ने 14 अप्रैल 2024 को जारी अपने लोकसभा चुनाव संकल्प पत्र में समान नागरिक संहिता को प्रमुखता से शामिल किया था। उन्होंने कहा कि पार्टी ने संविधान के अनुच्छेद 44 के अनुरूप, राज्य के नीति निर्देशक तत्वों के तहत इसे लागू करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की थी।

चौधरी ने यह भी कहा कि गृह मंत्री अमित शाह का हालिया वक्तव्य सरकार की उसी मंशा और संकल्प को दर्शाता है, जिसकी चर्चा वर्षों से होती आई है।

महिलाओं के अधिकारों से जोड़ा मुद्दा

उत्तर प्रदेश कैबिनेट मंत्री ने UCC को महिला सशक्तीकरण और सामाजिक समानता की दिशा में अहम कदम बताया। उनके अनुसार, देश में व्यक्तिगत कानूनों की विविधता के कारण अलग-अलग धर्मों की महिलाओं को विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और गोद लेने जैसे मामलों में असमान अधिकार मिलते हैं। यह ऐसे समय में आया है जब महिला अधिकारों पर राष्ट्रीय विमर्श लगातार तेज हो रहा है।

चौधरी ने कहा कि केंद्र सरकार एक ऐसा आधुनिक और प्रभावी कानून लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है, जो सभी नागरिकों को समान सुरक्षा प्रदान करे।

मोदी की गारंटी का हवाला

भूपेंद्र चौधरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 'गारंटी' का उल्लेख करते हुए भरोसा जताया कि देश को उन पर पूरा विश्वास है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने जनता से जो वादे किए हैं, उन्हें पूरा करने का काम निरंतर जारी है और UCC भी उसी संकल्प का हिस्सा है।

गौरतलब है कि उत्तराखंड देश का पहला राज्य बन चुका है जिसने UCC लागू की है, और इसे भाजपा अपने राष्ट्रव्यापी एजेंडे के पायलट के रूप में देखती है।

राजनीतिक परिदृश्य और आगे की राह

अमित शाह के बयान के बाद से देशभर में UCC पर राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है। विपक्षी दल इसे संविधान की धर्मनिरपेक्ष भावना के विरुद्ध बता रहे हैं, जबकि भाजपा इसे महिला समानता और राष्ट्रीय एकता का प्रतीक मान रही है। आलोचकों का कहना है कि 21 राज्यों में UCC लागू करने की समयसीमा महत्वाकांक्षी है और इसके क्रियान्वयन में विधिक और सामाजिक जटिलताएँ आ सकती हैं। अब सभी की नज़रें केंद्र सरकार के अगले कदमों पर टिकी हैं, विशेष रूप से संसद में इससे जुड़े विधेयक की प्रगति पर।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो इस दावे की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करता है। 21 राज्यों में एकसाथ क्रियान्वयन में विधिक, प्रशासनिक और सामुदायिक स्तर पर जटिलताएँ हैं जिन पर सरकार की ओर से अभी तक कोई रोडमैप सार्वजनिक नहीं किया गया। मुख्यधारा की कवरेज राजनीतिक बयानबाज़ी तक सिमट जाती है — असली कसौटी यह होगी कि यह संहिता वास्तव में व्यक्तिगत कानूनों के असमान प्रभाव को खत्म करती है या नहीं।
RashtraPress
15 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

समान नागरिक संहिता (UCC) क्या है और यह क्यों चर्चा में है?
समान नागरिक संहिता एक ऐसा कानूनी ढाँचा है जो विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और गोद लेने जैसे व्यक्तिगत मामलों में सभी नागरिकों पर धर्म-निरपेक्ष रूप से एक समान कानून लागू करता है। यह चर्चा में है क्योंकि गृह मंत्री अमित शाह ने 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले BJP-NDA शासित 21 राज्यों में इसे लागू करने का ऐलान किया है।
भूपेंद्र चौधरी ने UCC पर क्या कहा?
उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री भूपेंद्र चौधरी ने 15 सितंबर 2026 को कहा कि जब तक UCC लागू नहीं होती, महिलाओं को उनके अधिकारों की पूर्ण सुरक्षा और न्याय सुनिश्चित नहीं किया जा सकता। उन्होंने इसे भाजपा के 14 अप्रैल 2024 के संकल्प पत्र से जोड़ते हुए पार्टी की प्रतिबद्धता दोहराई।
भाजपा के संकल्प पत्र में UCC का क्या उल्लेख था?
14 अप्रैल 2024 को जारी भाजपा के लोकसभा चुनाव संकल्प पत्र में UCC को संविधान के अनुच्छेद 44 के तहत राज्य के नीति निर्देशक तत्वों के अनुरूप लागू करने का वादा शामिल था। यह पहली बार नहीं था; UCC भाजपा के मूल तीन चुनावी मुद्दों में से एक रहा है।
क्या भारत में कहीं UCC पहले से लागू है?
उत्तराखंड पहला भारतीय राज्य है जिसने UCC लागू की है, जिसे भाजपा राष्ट्रव्यापी मॉडल के रूप में प्रस्तुत करती है। हालाँकि, आलोचकों का कहना है कि उत्तराखंड में इसके क्रियान्वयन के ठोस जमीनी नतीजे अभी तक सामने नहीं आए हैं।
विपक्ष UCC का विरोध क्यों कर रहा है?
विपक्षी दलों का कहना है कि UCC संविधान की धर्मनिरपेक्ष भावना और अल्पसंख्यक समुदायों की धार्मिक स्वतंत्रता के विरुद्ध है। आलोचकों ने यह भी कहा है कि 21 राज्यों में एकसाथ लागू करने की समयसीमा विधिक और सामाजिक दृष्टि से अत्यंत महत्वाकांक्षी है।
राष्ट्र प्रेस
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