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यूपी में लू का कहर: एटा के डॉक्टर ने बताया बचाव का तरीका, योगी सरकार ने सभी अस्पताल अलर्ट पर रखे

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यूपी में लू का कहर: एटा के डॉक्टर ने बताया बचाव का तरीका, योगी सरकार ने सभी अस्पताल अलर्ट पर रखे

सारांश

यूपी में लू का प्रकोप चरम पर है। एटा के डॉ. अमरदीप ने दोपहर में बाहर न निकलने, टोपी-चश्मा पहनने और तरल पदार्थ लेते रहने की सलाह दी है। योगी सरकार ने सभी अस्पतालों को अलर्ट मोड पर रखा है और हीटवेव पीड़ितों के लिए विशेष बेड आरक्षित किए हैं।

मुख्य बातें

एटा जिला अस्पताल के डॉ.
अमरदीप ने सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे के बीच बाहर न निकलने की सलाह दी।
बाहर जाना ज़रूरी हो तो टोपी, पतला कपड़ा और चश्मा पहनें; जूस, नींबू पानी, गन्ने का रस पियें।
शादी-भंडारे जैसे आयोजनों में बाहर रखे खाने से उल्टी-दस्त का खतरा — ताज़ा और ढका भोजन ही खाएँ।
योगी सरकार ने प्रदेश के सभी सरकारी अस्पतालों को अलर्ट मोड पर रखा, हीटवेव पीड़ितों के लिए बेड आरक्षित ।
अस्पतालों में दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता और ठंडे पानी की व्यवस्था सुनिश्चित की गई।

उत्तर प्रदेश में भीषण लू और गर्मी का प्रकोप जारी है, जिसके मद्देनज़र स्वास्थ्य विभाग ने आम नागरिकों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। एटा जिला अस्पताल के चिकित्सक डॉ. अमरदीप ने 25 मई 2026 को लोगों से अपील की कि वे दोपहर की कड़ी धूप में घर से बाहर निकलने से बचें और पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ लेते रहें। योगी सरकार ने प्रदेश के सभी अस्पतालों को अलर्ट मोड पर रखते हुए हीटवेव पीड़ितों के लिए विशेष बेड आरक्षित करने के निर्देश दिए हैं।

डॉक्टर की सलाह: क्या करें, क्या न करें

डॉ. अमरदीप ने स्पष्ट किया कि सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे के बीच बिना किसी अत्यावश्यक कारण के घर से बाहर निकलना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है। यदि बाहर जाना अनिवार्य हो, तो सिर पर पतला कपड़ा, टोपी और चश्मे का उपयोग अवश्य करें।

उन्होंने यह भी बताया कि शरीर में पानी की कमी होने पर रक्त संचार प्रभावित होता है, जिससे कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याएँ उत्पन्न हो सकती हैं। इससे बचने के लिए जूस, नींबू पानी, सादा पानी और गन्ने के रस जैसे तरल पदार्थों का नियमित सेवन करने की सलाह दी गई है।

बाहर रखे खाने से भी खतरा

डॉ. अमरदीप ने विशेष रूप से खुले में रखे भोजन को लेकर आगाह किया। उनके अनुसार, शादी-विवाह, भंडारे या अन्य सार्वजनिक आयोजनों में बाहर रखा भोजन तेज़ गर्मी में जल्दी खराब हो जाता है, ठीक उसी तरह जैसे फ्रिज से बाहर निकालते ही खाना बिगड़ने लगता है।

ऐसा दूषित भोजन खाने से उल्टी-दस्त जैसी गंभीर समस्याएँ हो सकती हैं, जो गर्मी में और भी खतरनाक साबित हो सकती हैं। उन्होंने लोगों से ताज़ा और ढका हुआ भोजन ही ग्रहण करने की अपील की।

सरकार की तैयारी और अस्पतालों में इंतज़ाम

योगी सरकार ने भीषण गर्मी की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए प्रदेश के सभी सरकारी अस्पतालों को अलर्ट मोड पर रखा है। हर अस्पताल में हीटवेव पीड़ितों के लिए बेड आरक्षित किए गए हैं ताकि लू से प्रभावित मरीज़ों को बिना देरी के उपचार मिल सके।

इसके अतिरिक्त, सभी अस्पतालों में दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की गई है और ठंडे पानी की व्यवस्था भी की गई है। मरीज़ों को तत्काल चिकित्सा सुविधा देने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए हैं।

सरकार की जनता से अपील

प्रदेश सरकार ने नागरिकों से आग्रह किया है कि वे अत्यंत आवश्यक होने पर ही धूप में बाहर निकलें, अन्यथा घर के भीतर रहकर खुद को सुरक्षित रखें। यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर भारत के कई राज्यों में पारा सामान्य से कई डिग्री ऊपर बना हुआ है और मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी राहत के कोई संकेत नहीं दिए हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी सार्वजनिक स्वास्थ्य तंत्र की प्रतिक्रिया अक्सर प्रतिक्रियात्मक रहती है न कि निवारक। योगी सरकार का अस्पताल-अलर्ट कदम स्वागत योग्य है, लेकिन असली परीक्षा यह है कि ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में जहाँ दिहाड़ी मज़दूर दोपहर की धूप में काम करने के लिए मजबूर हैं, वहाँ यह सलाह कितनी पहुँच पाती है। बेड आरक्षित करना उपचार है — रोकथाम के लिए स्कूल, पंचायत और कार्यस्थल स्तर पर जागरूकता अभियान की ज़रूरत है जो अभी तक पर्याप्त नहीं दिखती।
RashtraPress
9 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

यूपी में लू से बचाव के लिए क्या करना चाहिए?
डॉ. अमरदीप के अनुसार, सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे के बीच बाहर निकलने से बचें। यदि बाहर जाना ज़रूरी हो तो टोपी, पतला कपड़ा और चश्मा पहनें और जूस, नींबू पानी या गन्ने के रस जैसे तरल पदार्थ पीते रहें।
लू लगने पर कौन-से लक्षण दिखते हैं?
शरीर में पानी की कमी होने पर रक्त संचार प्रभावित होता है, जिससे चक्कर, सिरदर्द, अत्यधिक पसीना और कमज़ोरी जैसे लक्षण उभर सकते हैं। ऐसे लक्षण दिखने पर तुरंत ठंडी जगह पर जाएँ और नज़दीकी अस्पताल से संपर्क करें।
योगी सरकार ने हीटवेव के लिए क्या इंतज़ाम किए हैं?
सरकार ने प्रदेश के सभी सरकारी अस्पतालों को अलर्ट मोड पर रखा है और हीटवेव पीड़ितों के लिए विशेष बेड आरक्षित किए हैं। अस्पतालों में दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता और ठंडे पानी की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है।
गर्मी में बाहर का खाना खाना क्यों खतरनाक है?
तेज़ गर्मी में खुले में रखा भोजन जल्दी खराब हो जाता है। शादी, भंडारे या सार्वजनिक आयोजनों में ऐसा दूषित खाना खाने से उल्टी-दस्त जैसी गंभीर समस्याएँ हो सकती हैं, जो गर्मी में और भी खतरनाक साबित होती हैं।
किन लोगों को लू का सबसे अधिक खतरा है?
बुज़ुर्ग, छोटे बच्चे, बाहर काम करने वाले मज़दूर और पहले से बीमार लोग हीटवेव के प्रति सबसे अधिक संवेदनशील होते हैं। स्वास्थ्य विभाग ने इन वर्गों को विशेष सावधानी बरतने और दोपहर की धूप में बाहर न निकलने की सलाह दी है।
राष्ट्र प्रेस
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