क्या अस्वस्थ शरीर और अशांत मन का समाधान उत्थित पद्मासन है?

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क्या अस्वस्थ शरीर और अशांत मन का समाधान उत्थित पद्मासन है?

सारांश

क्या आप जानते हैं कि उत्थित पद्मासन से आप न केवल अपने शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर बना सकते हैं, बल्कि अपने मानसिक स्वास्थ्य को भी सुधार सकते हैं? यह आसन आपको संतुलन और एकाग्रता में मदद करता है। जानें इसके लाभ और सही विधि।

Key Takeaways

  • उत्थित पद्मासन से शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य में सुधार होता है।
  • इससे संतुलन और एकाग्रता में वृद्धि होती है।
  • लंबे समय तक अभ्यास से शरीर में हल्कापन महसूस होता है।
  • यह आसन कोर मसल्स को मजबूत करता है।
  • सावधानी बरतने वाले व्यक्तियों को विशेषज्ञ से सलाह लेनी चाहिए।

नई दिल्ली, 30 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। स्वास्थ्य को ही धन माना जाता है और जब हम स्वस्थ रहेंगे, तब हमारा मन भी शांत रहेगा। लेकिन अगर स्वस्थ शरीर और शांत मन दोनों ही न हों? अस्वस्थ शरीर और अशांत मन हमारे पूरे दिन को प्रभावित कर सकते हैं। ऐसे में योग विशेषज्ञ रोजाना योगासन को अपने जीवन का हिस्सा बनाने की सलाह देते हैं। विशेषज्ञ उत्थित पद्मासन को एक उत्तम विकल्प मानते हैं।

उत्थित पद्मासन को दिनचर्या में शामिल करके हम कई स्वास्थ्य समस्याओं से छुटकारा पा सकते हैं। मोरारजी देसाई नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ योगा इसे अत्यंत लाभकारी आसन बताता है। यह आसन न केवल शारीरिक ताकत बढ़ाता है, बल्कि एकाग्रता और आत्मविश्वास में भी वृद्धि करता है।

इस आसन के अभ्यास से कई लाभ मिलते हैं। इसके लिए सही विधि का पालन आवश्यक है। सबसे पहले, एक शांत स्थान पर पद्मासन (कमल आसन) की मुद्रा में बैठें। दोनों हाथों को शरीर के बगल में जमीन पर मजबूती से रखें। सांस लेते हुए हाथों पर पूरा वजन डालें और कूल्हों समेत शरीर को धीरे-धीरे ऊपर उठाएं। इस दौरान गर्दन और सिर को सीधा रखें और नज़र को आगे की ओर रखें। जितना संभव हो, इस स्थिति में संतुलन बनाए रखें। इसके बाद, सांस छोड़ते हुए धीरे-धीरे शरीर को वापस जमीन पर लाएं।

उत्थित पद्मासन के अभ्यास से प्राथमिक लाभों में कलाइयों, कोहनियों, कंधों और बाजुओं की ताकत बढ़ती है। कोर मसल्स मजबूत होती हैं। रीढ़ की हड्डी लचीली और सीधी रहती है। संतुलन और एकाग्रता में सुधार होता है। नाभि केंद्र (मणिपुर चक्र) जागृत होता है, जो विशेष रूप से छात्रों के लिए महत्वपूर्ण है। लंबे समय तक अभ्यास से पूरे शरीर में हल्कापन और स्थिरता आती है।

हालांकि, यह आसन बेहद लाभदायक है, लेकिन कुछ व्यक्तियों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। यदि कलाई, कोहनी, या कंधे में चोट या दर्द हो, या कमर या रीढ़ की हड्डी में गंभीर समस्या हो, तो इस आसन का अभ्यास न करें। हाई ब्लड प्रेशर, हृदय रोग, प्रेग्नेंट महिलाओं, और हाल में पेट के ऑपरेशन वाले व्यक्तियों को योग प्रशिक्षक से परामर्श के बाद ही इस आसन का अभ्यास करना चाहिए।

Point of View

मैं यह मानता हूं कि योग और विशेषकर उत्थित पद्मासन के अभ्यास से न केवल शारीरिक स्वास्थ्य में सुधार होता है, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य भी बेहतर होता है। यह समय की मांग है कि हम अपनी दिनचर्या में योग को शामिल करें, जिससे हम एक संतुलित और स्वस्थ जीवन जी सकें।
NationPress
30/11/2025

Frequently Asked Questions

उत्थित पद्मासन करने का सही तरीका क्या है?
उत्थित पद्मासन में सबसे पहले एक शांत स्थान पर पद्मासन की मुद्रा में बैठें, फिर हाथों को जमीन पर रखें और धीरे-धीरे शरीर को ऊपर उठाएं।
क्या उत्थित पद्मासन से कोई नुकसान हो सकता है?
हां, यदि आपको कलाई, कोहनी, या रीढ़ की हड्डी में कोई समस्या है, तो इसे करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह लें।
उत्थित पद्मासन के फायदे क्या हैं?
यह आसन शारीरिक ताकत, संतुलन, और एकाग्रता में सुधार करता है और मानसिक स्वास्थ्य को भी बेहतर बनाता है।
क्या प्रेग्नेंट महिलाएं उत्थित पद्मासन कर सकती हैं?
प्रेग्नेंट महिलाओं को योग प्रशिक्षक से सलाह लेने के बाद ही इस आसन का अभ्यास करना चाहिए।
उत्थित पद्मासन करने का सही समय क्या है?
सुबह का समय योगाभ्यास के लिए सबसे अच्छा होता है, क्योंकि इसका प्रभाव अधिक होता है।
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