मदरसों में 'वंदे मातरम' से खत्म होगा आतंकवाद: मंत्री नितेश राणे का बड़ा बयान
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र सरकार के मंत्री नितेश राणे ने 22 मई को मुंबई में मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि मदरसों में 'वंदे मातरम' और 'भारत माता की जय' अनिवार्य किए जाने से आतंकवाद की समस्या जड़ से खत्म हो जाएगी। उन्होंने पश्चिम बंगाल सरकार के इस फैसले का समर्थन करते हुए इसे पूरे देश में लागू करने की माँग की।
अतिक्रमण हटाओ अभियान पर सरकार का रुख
मुंबई में जारी अतिक्रमण हटाओ अभियान का बचाव करते हुए मंत्री राणे ने स्पष्ट किया कि सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार का अनधिकृत निर्माण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा, 'अगर आप सरकारी जमीन पर अवैध घर या मस्जिदें बनाएंगे तो हम उन्हें जड़ से उखाड़ फेंकेंगे। यह सरकार की जमीन है, किसी की निजी जागीर नहीं।'
बांद्रा का विशेष उदाहरण देते हुए राणे ने कहा कि यह अभियान केवल एक इलाके तक सीमित नहीं है, बल्कि शहर के कई अन्य हिस्सों में भी इसी तरह की कार्रवाई की जाएगी।
अवैध प्रवासियों पर कड़ा रुख
राणे ने कहा कि चुनाव प्रचार के दौरान ही सरकार ने जनता से वादा किया था कि बांग्लादेशी और रोहिंग्या अवैध प्रवासियों को राज्य में नहीं रहने दिया जाएगा। उनके शब्दों में, 'सभी अवैध बांग्लादेशी और रोहिंग्या अपना बोरिया-बिस्तर समेटकर यहाँ से चले जाएँ।' राणे ने इस कार्रवाई को सरकार द्वारा चुनावी वादे को पूरा करने की दिशा में उठाया गया कदम बताया।
राहुल गांधी पर तीखी प्रतिक्रिया
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर की गई टिप्पणी को लेकर राणे ने कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा, 'अगर कोई हमारे देश के प्रधानमंत्री के खिलाफ ऐसी अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल करता है, तो वह केवल पाकिस्तान का एजेंट ही हो सकता है।' राणे ने आगे कहा कि ऐसे लोगों को देश में रहने की अनुमति दी जाए या नहीं, इसका फैसला देश के नागरिक करेंगे।
मदरसों में 'वंदे मातरम' की माँग
पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा मदरसों में 'वंदे मातरम' अनिवार्य किए जाने के फैसले का समर्थन करते हुए राणे ने इसे राष्ट्रव्यापी नीति बनाने की माँग की। उन्होंने कहा, 'अगर मदरसों में 'भारत माता की जय' और 'वंदे मातरम' गाया जाएगा तो वहाँ से आतंकवाद खत्म हो जाएगा। यह नियम हर जगह लागू होना चाहिए।'
महाराष्ट्र के बंदरगाह विकास का विज़न
राणे ने महाराष्ट्र के आर्थिक भविष्य पर भी बात की। उन्होंने कहा कि बंदरगाहों के माध्यम से राज्य में बड़े पैमाने पर विकास होने वाला है और सरकार की जहाज बनाने, जहाज तोड़ने तथा मरम्मत की अपनी नीति है। उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के उस सपने का उल्लेख किया जिसमें महाराष्ट्र की अर्थव्यवस्था को ट्रिलियन-डॉलर स्तर पर ले जाने में बंदरगाह विभाग की अहम भूमिका होगी। आने वाले दिनों में यह देखना होगा कि राणे के इन बयानों पर विपक्ष और मुस्लिम संगठनों की क्या प्रतिक्रिया आती है।