वीर सावरकर की 143वीं जयंती पर पोते रंजीत का कांग्रेस पर बड़ा आरोप, राजनीतिक स्वार्थ के लिए छवि धूमिल करने की कोशिश
सारांश
मुख्य बातें
विनायक दामोदर सावरकर की 143वीं जयंती के अवसर पर उनके पोते रंजीत सावरकर ने 28 मई 2025 को मुंबई में कहा कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) अपने राजनीतिक हितों की पूर्ति के लिए वीर सावरकर की छवि को बार-बार निशाना बनाती है। उन्होंने यह भी कहा कि ब्रिटिश शासन के दौरान सावरकर को जो यातनाएँ झेलनी पड़ीं, उस इतिहास को जानबूझकर तोड़-मरोड़कर प्रस्तुत किया जाता है।
सावरकर के हिंदुत्व की व्याख्या
रंजीत सावरकर के अनुसार, वीर सावरकर का हिंदुत्व किसी धार्मिक संकीर्णता या पूजा-पद्धति पर आधारित नहीं है। उन्होंने इसे एक राष्ट्रीय विचार बताते हुए कहा कि यह इस भावना पर टिका है कि कौन इस देश को अपनी मातृभूमि और पुण्यभूमि मानता है। उनके अनुसार जो लोग इस भावना को स्वीकार करते हैं, वे इस विचारधारा के दायरे में आते हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक दल हिंदुत्व को धार्मिक रंग देकर वोट बैंक की राजनीति करते हैं और यह सब केवल चुनावी लाभ के लिए किया जाता है।
जयंती पर विचारों के अनुसरण का आह्वान
रंजीत सावरकर ने कहा, 'आज वीर सावरकर की 143वीं जयंती है और इसे पूरे देश में मनाया जा रहा है, लेकिन हमारी इच्छा है कि यह जयंती केवल फूलों से ही न मनाई जाए। यह बहुत जरूरी है कि सावरकर के विचारों और कार्यों का अनुसरण किया जाए।' उन्होंने कहा कि आज के भारत में सावरकर के विचार विदेश नीति, युद्ध नीति और आर्थिक दृष्टिकोण में कहीं न कहीं प्रतिबिंबित होते हैं।
अवैध घुसपैठ पर गंभीर चिंता
रंजीत सावरकर ने कहा कि आज भारत के सामने सबसे बड़ी चुनौती अवैध घुसपैठ और उससे उत्पन्न जनसांख्यिकीय बदलाव की है। उनके अनुसार, बांग्लादेश से बड़ी संख्या में लोग भारत में आ रहे हैं, जो कई राज्यों में चुनावी नतीजों को प्रभावित कर सकता है — विशेषकर उन क्षेत्रों में जहाँ जीत-हार का अंतर बेहद कम होता है। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए खतरा बताया।
उन्होंने स्वीकार किया कि सरकारों के सामने तकनीकी और प्रशासनिक कठिनाइयाँ हैं — पुलिस बल की कमी और संसाधनों की सीमाएँ इस समस्या से निपटने में बाधा बनती हैं। इसीलिए उन्होंने एक विशेष टास्क फोर्स गठित करने की माँग की, जो विशेष रूप से ऐसे मामलों पर काम करे।
नागरिकता रजिस्टर और वोटर लिस्ट सुधार की माँग
रंजीत सावरकर ने कहा कि वोटर लिस्ट से अवैध नागरिकों के नाम हटाना एक शुरुआती कदम हो सकता है, लेकिन असली समाधान एक सुस्पष्ट नागरिकता रजिस्टर (Citizenship Register) बनाने में है। उनके अनुसार, चाहे कांग्रेस की सरकार हो या भारतीय जनता पार्टी (BJP) की, अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों को कानून के तहत पहचानकर देश से बाहर करना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने इसके लिए एक मजबूत कानूनी तंत्र बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
यह ऐसे समय में आया है जब सावरकर की विरासत को लेकर राष्ट्रीय राजनीति में बहस तेज है। रंजीत सावरकर ने कहा कि सोशल मीडिया के युग में जनता अब अधिक जागरूक है और जानकारी को पहले की तरह नियंत्रित करना संभव नहीं रहा। उन्होंने चेतावनी दी कि जो दल जनता को गुमराह करने की कोशिश करेंगे, उसका असर भविष्य के चुनावों पर अवश्य पड़ेगा।