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संभलपुर में ₹10,000 की रिश्वत लेते पकड़ा गया SI, तालाब में कूदकर भागा — विजिलेंस कांस्टेबल ने तैरकर दबोचा

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संभलपुर में ₹10,000 की रिश्वत लेते पकड़ा गया SI, तालाब में कूदकर भागा — विजिलेंस कांस्टेबल ने तैरकर दबोचा

सारांश

संभलपुर में ₹10,000 की रिश्वत लेते पकड़े गए SI ने तालाब में छलांग लगाकर भागने की कोशिश की, लेकिन विजिलेंस कांस्टेबल ने तैरकर उसे दबोच लिया। विश्राम कक्ष से ₹1,55,700 नकद बरामद। ओडिशा विजिलेंस ने 2024 से अब तक 274 लोगों को गिरफ्तार किया है।

मुख्य बातें

सुजीत कुमार महंता , महुलपाली थाने के SI, को 4 नवंबर 2026 को ₹10,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा गया।
गिरफ्तारी से बचने के लिए महंता तालाब में कूदे; विजिलेंस कांस्टेबल ने तैरकर उन्हें पकड़ा।
आरोपी के विश्राम कक्ष से ₹1,55,700 नकद जब्त किए गए।
हाथों की केमिकल टेस्ट पॉजिटिव पाई गई, रिश्वत लेने की पुष्टि हुई।
मामला भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम, 2018 की धारा 7 के तहत दर्ज।
ओडिशा विजिलेंस ने जून 2024 से अब तक 232 ट्रैप मामले और 274 गिरफ्तारियाँ की हैं।

ओडिशा सतर्कता (विजिलेंस) विभाग ने बुधवार, 4 नवंबर 2026 को संभलपुर जिले के महुलपाली थाने में तैनात पुलिस सब-इंस्पेक्टर सुजीत कुमार महंता को ₹10,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी से बचने के लिए महंता पास के एक तालाब में कूद गया, लेकिन विजिलेंस टीम के एक कांस्टेबल ने भी तालाब में छलांग लगाई और तैरकर आरोपी को दबोच लिया।

कैसे बिछाया गया जाल

विजिलेंस विभाग के अनुसार, महंता एक व्यक्ति के विरुद्ध दर्ज मामले के जाँच अधिकारी (IO) भी थे। उन्होंने उस मामले के निपटारे के बदले ₹10,000 की रिश्वत माँगी थी। शिकायत मिलने के बाद विभाग ने ट्रैप ऑपरेशन की तैयारी की और महंता को शिकायतकर्ता से रकम स्वीकार करते हुए पकड़ा गया।

रिश्वत लेते ही महंता की नज़र विजिलेंस टीम पर पड़ गई और उसे अपने फँसने का एहसास हो गया। वह मौके से भागा और पास के एक तालाब में कूद गया। इस पर टीम के एक कांस्टेबल ने भी तालाब में छलांग लगाई और तैरकर महंता को पकड़ लिया।

रासायनिक जाँच और साक्ष्य

विजिलेंस अधिकारियों ने महंता के पास से रिश्वत की पूरी ₹10,000 की राशि बरामद कर जब्त की। गवाहों की उपस्थिति में हुई जाँच में आरोपी के हाथों की रासायनिक जाँच (केमिकल टेस्ट) भी पॉजिटिव पाई गई, जो रिश्वत की रकम को छूने और लेने की पुष्टि करती है।

छापेमारी में ₹1,55,700 नकद बरामद

ट्रैप कार्रवाई के बाद विजिलेंस विभाग ने तीन स्थानों पर एक साथ छापेमारी की — महुलपाली थाने के पास स्थित महंता का विश्राम कक्ष, राउरकेला के बंडामुंडा स्थित उनके पिता का सरकारी आवास, और उनका कार्यालय कक्ष।

विश्राम कक्ष की तलाशी में ₹1,55,700 नकद बरामद हुए, जिन्हें जब्त कर लिया गया। आरोपी को आगे की पूछताछ के लिए हिरासत में रखा गया है।

कानूनी कार्रवाई

इस मामले में 3 नवंबर 2026 को संभलपुर विजिलेंस थाने में भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम, 2018 की धारा 7 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।

ओडिशा विजिलेंस का व्यापक अभियान

गौरतलब है कि यह घटना ओडिशा विजिलेंस के व्यापक भ्रष्टाचार-विरोधी अभियान के बीच हुई है। 12 जून 2024 से 26 अक्टूबर 2026 के बीच विभाग ने 232 ट्रैप मामले दर्ज किए हैं और 274 लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें 31 क्लास-1 और 38 क्लास-2 अधिकारी शामिल हैं। इस अवधि में कुल ₹58.39 लाख की रिश्वत राशि बरामद की गई है।

यह ऐसे समय में आया है जब ओडिशा में सरकारी भ्रष्टाचार के विरुद्ध सार्वजनिक और प्रशासनिक दबाव दोनों बढ़ रहे हैं। महंता मामला विभाग की निगरानी क्षमता और साहस दोनों का उदाहरण बना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यानी शक्ति का सबसे खुला दुरुपयोग। ओडिशा विजिलेंस के आँकड़े — ढाई साल में 274 गिरफ्तारियाँ और ₹58.39 लाख बरामद — दर्शाते हैं कि ट्रैप ऑपरेशन की गति बढ़ी है, पर असली सवाल यह है कि क्या ये मामले अदालत में टिकते हैं और दोषसिद्धि तक पहुँचते हैं। विभाग की सक्रियता सराहनीय है, लेकिन बिना त्वरित न्यायिक परिणाम के, ट्रैप ऑपरेशन केवल प्रतीकात्मक बनकर रह जाते हैं।
RashtraPress
5 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सुजीत कुमार महंता को क्यों गिरफ्तार किया गया?
महंता को एक व्यक्ति के विरुद्ध दर्ज मामले के निपटारे के बदले ₹10,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा गया। वह उस मामले के जाँच अधिकारी भी थे, जो पद का स्पष्ट दुरुपयोग है।
तालाब वाली घटना क्या है?
विजिलेंस टीम को देखते ही महंता मौके से भागे और पास के एक तालाब में कूद गए। इस पर विजिलेंस टीम के एक कांस्टेबल ने भी तालाब में छलांग लगाई और तैरकर आरोपी को पकड़ लिया।
महंता के विरुद्ध क्या सबूत मिले हैं?
आरोपी के पास से ₹10,000 की रिश्वत राशि बरामद हुई और हाथों की केमिकल टेस्ट पॉजिटिव आई। विश्राम कक्ष की तलाशी में ₹1,55,700 नकद भी जब्त किए गए।
इस मामले में कौन सी धारा लागू हुई है?
संभलपुर विजिलेंस थाने में 3 नवंबर 2026 को भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम, 2018 की धारा 7 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
ओडिशा विजिलेंस के भ्रष्टाचार-विरोधी अभियान का रिकॉर्ड क्या है?
12 जून 2024 से 26 अक्टूबर 2026 के बीच ओडिशा विजिलेंस ने 232 ट्रैप मामले दर्ज किए और 274 लोगों को गिरफ्तार किया, जिनमें 31 क्लास-1 और 38 क्लास-2 अधिकारी शामिल हैं। इस दौरान कुल ₹58.39 लाख की रिश्वत राशि बरामद की गई।
राष्ट्र प्रेस
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