विक्रमशिला सेतु मरम्मत: CM सम्राट चौधरी ने दिए निर्देश, 30 जून तक वाहन परिचालन का लक्ष्य
सारांश
मुख्य बातें
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने रविवार, 31 मई 2026 को भागलपुर पहुँचकर विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त हिस्से का स्थल निरीक्षण किया और अधिकारियों को सुरक्षा मानकों के अनुरूप मरम्मत एवं पुनर्स्थापन कार्य में तेज़ी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक पुल पर आवागमन सुचारू नहीं होता, तब तक निजी दोपहिया और चारपहिया वाहनों से पार्किंग शुल्क की वसूली पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी।
मुख्यमंत्री के प्रमुख निर्देश
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को साफ़ शब्दों में कहा कि विक्रमशिला सेतु का पुनर्स्थापन कार्य 30 नवंबर 2026 तक हर हाल में पूरा किया जाए और वाहनों का परिचालन बहाल किया जाए। पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि 30 जून 2026 तक पुल पर वाहनों का परिचालन सुनिश्चित हो जाएगा।
उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि पुल का निर्माण एजेंसी से पुनः अध्ययन कराया जाएगा ताकि एक मज़बूत सुपर स्ट्रक्चर विकसित किया जा सके। क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत का कार्य तेज़ गति से जारी है।
आम जनता पर असर
विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त होने से लाखों लोगों की दैनिक आवाजाही बाधित हो गई है। पुल बंद रहने के दौरान नाव सेवा ही एकमात्र विकल्प बनी हुई है, और मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद निजी वाहन चालकों से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। यह राहत उन हज़ारों यात्रियों के लिए महत्त्वपूर्ण है जो प्रतिदिन गंगा के दोनों किनारों के बीच आवाजाही करते हैं।
भागलपुर विकास योजनाओं का शिलान्यास
मुख्यमंत्री ने भागलपुर समाहरणालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम में ₹203 करोड़ की लागत से 84 विकासात्मक योजनाओं का रिमोट के माध्यम से शिलापट्ट अनावरण करते हुए उद्घाटन एवं शिलान्यास किया। इनमें 69 योजनाओं का उद्घाटन और 15 योजनाओं का शिलान्यास शामिल है।
इसके अतिरिक्त उन्होंने समीक्षा भवन में विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला-2026 की तैयारियों और अन्य विकास योजनाओं की समीक्षात्मक बैठक भी की।
विक्रमशिला विश्वविद्यालय पुनर्स्थापना
बैठक में विक्रमशिला विश्वविद्यालय की पुनर्स्थापना पर भी विशेष चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस विश्वविद्यालय का इतिहास अत्यंत गौरवशाली रहा है और इसे पुनर्जीवित करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को भूमि अधिग्रहण कार्य में तेज़ी लाने के निर्देश दिए।
आगे क्या होगा
सरकार की ओर से 30 जून 2026 की समयसीमा तय की गई है, जिसके भीतर पुल पर आंशिक या पूर्ण वाहन परिचालन बहाल होने की उम्मीद है। पूर्ण पुनर्स्थापन कार्य की अंतिम समयसीमा 30 नवंबर 2026 निर्धारित की गई है। तब तक नाव सेवा निःशुल्क जारी रहेगी।