23 जुलाई 2026
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विक्रमशिला सेतु पर BRO ने 20 दिन में बनाए 4 बेली ब्रिज, भागलपुर की कनेक्टिविटी बहाल

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विक्रमशिला सेतु पर BRO ने 20 दिन में बनाए 4 बेली ब्रिज, भागलपुर की कनेक्टिविटी बहाल

सारांश

3 मई को विक्रमशिला सेतु का स्पैन गिरने से भागलपुर की कनेक्टिविटी ठप हो गई थी। BRO ने 40-42°C की भीषण गर्मी में दिन-रात काम करते हुए मात्र 20 दिनों में चार बेली ब्रिज खड़े कर दिए — रक्षा मंत्रालय के निर्देश पर शुरू हुए इस मिशन को ब्रिगेडियर अमित सक्रे की अगुवाई में पूरा किया गया।

मुख्य बातें

BRO ने भागलपुर में विक्रमशिला सेतु पर मात्र 20 दिनों में 4 बेली ब्रिज बनाकर कनेक्टिविटी बहाल की।
3 मई 2026 को सेतु का एक स्पैन गिरा और तीन अन्य स्पैन विस्थापित हो गए थे।
6 मई को BRO की रेकी टीम तैनात हुई; 14 मई तक पूरी टास्क फोर्स भागलपुर पहुँची; 16 मई से निर्माण शुरू।
निर्माण के दौरान तापमान 40 से 42 डिग्री सेल्सियस के बीच था; टीम ने दिन-रात काम किया।
BRO चीफ प्रोजेक्ट ब्रिगेडियर अमित सक्रे ने रक्षा मंत्रालय, बिहार सरकार और जिला प्रशासन का आभार जताया।
विक्रमशिला सेतु के मुख्य ढाँचे की स्थायी मरम्मत अभी बाकी है।

बिहार के भागलपुर में विक्रमशिला सेतु पर 3 मई 2026 को एक स्पैन गिरने और तीन अन्य स्पैन के विस्थापित होने के बाद बाधित हुई आवाजाही को सीमा सड़क संगठन (BRO) ने मात्र 20 दिनों के भीतर चार बेली ब्रिज का निर्माण कर पुनः चालू कर दिया है। रक्षा मंत्रालय के निर्देश पर शुरू हुए इस अभियान को BRO ने 40 से 42 डिग्री सेल्सियस की भीषण गर्मी में दिन-रात काम करते हुए सफलतापूर्वक पूरा किया।

घटनाक्रम: कैसे गिरा पुल और कैसे मिली जिम्मेदारी

3 मई 2026 को विक्रमशिला सेतु का एक स्पैन अचानक गिर गया, जबकि तीन अन्य स्पैन अपनी जगह से विस्थापित हो गए। इससे भागलपुर और आसपास के क्षेत्रों की संपर्क व्यवस्था पूरी तरह ठप हो गई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए रक्षा मंत्रालय ने तत्काल संपर्क बहाली की जिम्मेदारी BRO को सौंपी।

BRO के चीफ प्रोजेक्ट ब्रिगेडियर अमित सक्रे ने बताया कि स्थिति की गंभीरता को भाँपते हुए 6 मई को ही रेकी और प्लानिंग टीम को भागलपुर में तैनात कर दिया गया। टीम ने पूरे ढाँचे का तकनीकी विश्लेषण किया और यह तय किया गया कि किस प्रकार का बेली ब्रिज यहाँ लॉन्च किया जाएगा।

मिशन का क्रियान्वयन: 14 मई से 6 जून तक

योजना तैयार होने के बाद संसाधनों का जुटान शुरू हुआ और 14 मई तक BRO की पूरी टास्क फोर्स भागलपुर पहुँच गई। 16 मई से पहले बेली ब्रिज का निर्माण कार्य विधिवत आरंभ हो गया। ब्रिगेडियर सक्रे के अनुसार, 40 से 42 डिग्री सेल्सियस तापमान की कड़ी गर्मी के बावजूद टास्क फोर्स ने बिना रुके दिन-रात काम किया और लगभग 20 दिनों के भीतर चारों बेली ब्रिज सफलतापूर्वक लॉन्च कर दिए गए।

यह ऐसे समय में आया है जब बिहार में मानसून-पूर्व की गर्मी चरम पर थी और भागलपुर क्षेत्र में नदी पार करने का यह प्रमुख मार्ग बंद होने से लाखों लोग प्रभावित थे। गौरतलब है कि विक्रमशिला सेतु गंगा नदी पर स्थित एक महत्वपूर्ण सड़क पुल है जो भागलपुर को बिहार के अन्य हिस्सों से जोड़ता है।

आम जनता पर असर

ब्रिगेडियर सक्रे ने उम्मीद जताई कि चार बेली ब्रिज के चालू होने से भागलपुर और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। पुल बंद रहने के दौरान स्थानीय लोगों को लंबे वैकल्पिक मार्गों का सहारा लेना पड़ रहा था, जिससे समय और ईंधन दोनों की बर्बादी हो रही थी। व्यापार और आपातकालीन सेवाएँ भी बुरी तरह प्रभावित थीं।

सहयोगी संस्थाओं का आभार

ब्रिगेडियर अमित सक्रे ने रक्षा मंत्रालय, बिहार सरकार, बिहार राज्य पुल निर्माण निगम, जिला प्रशासन और स्थानीय निवासियों का हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इन सभी के सहयोग के बिना इतने कम समय में यह उपलब्धि संभव नहीं होती। उन्होंने इसे BRO के लिए एक चुनौती के रूप में स्वीकार किए जाने और उसे सफलतापूर्वक पूरा करने का उदाहरण बताया।

आगे की राह

फिलहाल बेली ब्रिज के माध्यम से संपर्क बहाल कर दिया गया है, लेकिन विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त मुख्य ढाँचे की स्थायी मरम्मत अभी बाकी है। बिहार राज्य पुल निर्माण निगम के स्थायी पुनर्निर्माण की समयसीमा अभी सार्वजनिक नहीं की गई है। बेली ब्रिज अस्थायी संरचनाएँ होती हैं और दीर्घकालिक समाधान के लिए मुख्य पुल की बहाली अनिवार्य होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि विक्रमशिला सेतु जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय अवसंरचना पर स्पैन गिरने की नौबत आई क्यों। बेली ब्रिज अस्थायी समाधान हैं — भारी वाहनों और मानसून के दबाव में इनकी सीमाएँ स्पष्ट हैं। बिहार में पुल हादसों का यह कोई पहला मामला नहीं है; पिछले कुछ वर्षों में राज्य में कई पुल ढहे हैं, जो रखरखाव और निगरानी तंत्र की गहरी खामियों की ओर इशारा करते हैं। स्थायी पुनर्निर्माण की समयसीमा और जवाबदेही तय किए बिना केवल अस्थायी बहाली की तारीफ पर्याप्त नहीं है।
RashtraPress
23 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

विक्रमशिला सेतु पर क्या हुआ था?
3 मई 2026 को विक्रमशिला सेतु का एक स्पैन गिर गया और तीन अन्य स्पैन अपनी जगह से विस्थापित हो गए, जिससे भागलपुर और आसपास के क्षेत्रों की आवाजाही पूरी तरह बाधित हो गई।
BRO ने विक्रमशिला सेतु पर बेली ब्रिज कितने दिनों में बनाए?
BRO ने 16 मई से निर्माण शुरू करके मात्र 20 दिनों के भीतर चार बेली ब्रिज सफलतापूर्वक लॉन्च कर दिए। यह काम 40 से 42 डिग्री सेल्सियस की भीषण गर्मी में दिन-रात काम करते हुए पूरा किया गया।
विक्रमशिला सेतु की स्थायी मरम्मत कब होगी?
फिलहाल बेली ब्रिज के ज़रिए अस्थायी संपर्क बहाल किया गया है। मुख्य ढाँचे की स्थायी मरम्मत की जिम्मेदारी बिहार राज्य पुल निर्माण निगम की है, लेकिन अभी तक इसकी कोई आधिकारिक समयसीमा सार्वजनिक नहीं की गई है।
BRO को यह जिम्मेदारी किसने सौंपी?
रक्षा मंत्रालय ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तत्काल संपर्क बहाली की जिम्मेदारी BRO को सौंपी। BRO के चीफ प्रोजेक्ट ब्रिगेडियर अमित सक्रे की अगुवाई में यह मिशन पूरा किया गया।
विक्रमशिला सेतु का क्या महत्व है?
विक्रमशिला सेतु बिहार के भागलपुर में गंगा नदी पर स्थित एक प्रमुख सड़क पुल है, जो भागलपुर को राज्य के अन्य हिस्सों से जोड़ता है। इसके बंद होने से लाखों लोगों की दैनिक आवाजाही, व्यापार और आपातकालीन सेवाएँ बुरी तरह प्रभावित हुई थीं।
राष्ट्र प्रेस
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