विक्रमशिला सेतु पुनर्निर्माण: बीआरओ ने बिहार पुल निगम के 6 अधिकारियों को गुवाहाटी में किया सम्मानित
सारांश
मुख्य बातें
बॉर्डर रोड्स ऑर्गनाइजेशन (बीआरओ) ने 28 जून को गुवाहाटी स्थित अपने मुख्यालय में बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड (बीआरपीएनएनएल) के अधिकारियों को भागलपुर के विक्रमशिला सेतु के सफल जीर्णोद्धार में निभाई गई अहम भूमिका के लिए सम्मानित किया। यह पुल 4 मई को आंशिक रूप से ध्वस्त हो गया था, जिससे उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच संपर्क बुरी तरह बाधित हुआ था।
सम्मान समारोह का विवरण
बीआरपीएनएनएल के प्रबंध निदेशक जितेंद्र कुमार की अगुवाई में एक प्रतिनिधिमंडल ने गुवाहाटी में अतिरिक्त महानिदेशक सीमा सड़क (पूर्व) के मुख्यालय का दौरा किया। इस अवसर पर अतिरिक्त महानिदेशक जितेंद्र प्रसाद, वीएसएम ने इस रणनीतिक पुल को रिकॉर्ड समय में बहाल करने में योगदान देने वाले बीआरपीएनएनएल के 6 अधिकारियों को सम्मानित किया। सम्मानित होने वालों में प्रबंध निदेशक जितेंद्र कुमार और अधीक्षण अभियंता शशि भूषण सिंह प्रमुख रूप से शामिल थे।
पुल क्षति और बचाव अभियान की पृष्ठभूमि
4 मई को विक्रमशिला सेतु का एक हिस्सा गिरने से सीमांचल क्षेत्र में यातायात और संपर्क व्यवस्था ठप हो गई थी। बिहार सरकार के अनुरोध पर रक्षा मंत्रालय ने पुल की मरम्मत का दायित्व बीआरओ को सौंपा। महानिदेशक सीमा सड़क ने यह जिम्मेदारी अतिरिक्त महानिदेशक जितेंद्र प्रसाद को दी, जिन्होंने अधीक्षण अभियंता (सिविल) बिपिन कुमार चंद की देखरेख में एक विशेष इंजीनियरिंग दल गठित किया।
इंजीनियरिंग उपलब्धि: चार बेली ब्रिज से बहाली
मुख्य अभियंता (परियोजना) स्वास्तिक ब्रिगेडियर अमित साखरे की निगरानी में कार्यरत इस विशेष दल ने चार बेली ब्रिज स्थापित कर क्षतिग्रस्त संरचना को दुरुस्त किया। इस प्रयास के परिणामस्वरूप 7 जून को पुल यातायात के लिए पुनः खोल दिया गया। समारोह में बिपिन कुमार चंद ने अभियान के दौरान सामने आई इंजीनियरिंग चुनौतियों और कठिन परिस्थितियों में अपनाई गई नवीन तकनीकों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया।
बीआरपीएनएनएल की भूमिका
अधिकारियों के अनुसार, बीआरपीएनएनएल ने पूरे अभियान में लॉजिस्टिक सहायता प्रदान करने, तकनीकी समन्वय सुगम बनाने और स्थानीय प्रशासनिक आवश्यकताओं में सहयोग देने की महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसी सहयोग के चलते परियोजना रिकॉर्ड समय में पूरी हो सकी।
अंतर-एजेंसी सहयोग का संदेश
समारोह को संबोधित करते हुए जितेंद्र प्रसाद ने विक्रमशिला सेतु के जीर्णोद्धार को अंतर-एजेंसी समन्वय, इंजीनियरिंग उत्कृष्टता और सार्वजनिक सेवा के प्रति प्रतिबद्धता का एक अनुकरणीय उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि यह सफल अभियान बीआरओ और बिहार सरकार के बीच आवश्यक बुनियादी ढाँचे की बहाली और निर्बाध संपर्क सुनिश्चित करने की मज़बूत साझेदारी को रेखांकित करता है। आने वाले समय में इस तरह के अंतर-एजेंसी सहयोग के मॉडल को अन्य क्षेत्रों में भी अपनाए जाने की संभावना है।