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भागलपुर: विक्रमशिला सेतु पर बेली ब्रिज से छोटे वाहनों की आवाजाही शुरू, 35 दिन बाद मिली राहत

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भागलपुर: विक्रमशिला सेतु पर बेली ब्रिज से छोटे वाहनों की आवाजाही शुरू, 35 दिन बाद मिली राहत

सारांश

35 दिन की बाधा के बाद भागलपुर का विक्रमशिला सेतु फिर चालू हुआ — लेकिन अभी सिर्फ छोटे वाहनों के लिए। BRO की टीम ने रिकॉर्ड समय में बेली ब्रिज तैयार किया, जो केंद्र-राज्य समन्वय की मिसाल बना।

मुख्य बातें

7 जून 2026 को भागलपुर के विक्रमशिला सेतु पर बेली ब्रिज के ज़रिए छोटे वाहनों का परिचालन फिर शुरू हुआ।
3 मई की रात पुल का एक स्लैब गंगा नदी में गिरने के बाद से यातायात पूरी तरह ठप था।
बॉर्डर रोड ऑर्गेनाइजेशन (BRO) की टीम ने अत्यंत कम समय में बेली ब्रिज स्थापित किया।
पथ निर्माण मंत्री कुमार शैलेन्द्र और जिलाधिकारी डॉ.
नवल किशोर चौधरी ने मौके पर पहुँचकर परिचालन की अनुमति दी।
ट्रक, बस और हाईवा जैसे भारी वाहनों को अभी भी अनुमति नहीं; पुल की स्थायी मरम्मत जारी है।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने निजी दोपहिया व चारपहिया वाहनों से तब तक शुल्क न लेने का निर्देश दिया जब तक परिचालन पूरी तरह सुचारू न हो।

बिहार के भागलपुर में विक्रमशिला सेतु पर 7 जून 2026 (रविवार) को बेली ब्रिज के ज़रिए छोटे वाहनों का परिचालन फिर से शुरू हो गया। 3 मई की रात पुल का एक स्लैब गंगा नदी में गिर जाने के बाद से इस महत्वपूर्ण सेतु पर यातायात पूरी तरह ठप पड़ा था। शनिवार को जिला प्रशासन और विशेषज्ञों की निगरानी में किए गए सुरक्षा ट्रायल के सफल रहने के बाद रविवार को आधिकारिक रूप से परिचालन की अनुमति दी गई।

बेली ब्रिज का उद्घाटन और हरी झंडी

पथ निर्माण मंत्री कुमार शैलेन्द्र और जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने स्वयं मौके पर पहुँचकर स्थिति का जायज़ा लिया और परिचालन शुरू करने की अनुमति दी। उद्घाटन के अवसर पर कई वरिष्ठ अधिकारी और गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित रहे। फिलहाल ट्रक, बस और हाईवा जैसे भारी वाहनों को इस सेतु पर चलने की अनुमति नहीं दी गई है।

BRO की भूमिका और केंद्र का सहयोग

पथ निर्माण मंत्री कुमार शैलेन्द्र ने बताया कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के प्रयासों से रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की परिषद ने बॉर्डर रोड ऑर्गेनाइजेशन (BRO) की टीम को यहाँ बेली ब्रिज स्थापित करने के लिए भेजा। मंत्री ने इसके लिए रक्षा मंत्री को धन्यवाद दिया और कहा कि मुख्यमंत्री ने आम जनता से किया वादा पूरा किया। यह बेली ब्रिज अत्यंत कम समय में तैयार किया गया, जो त्वरित अवसंरचना निर्माण का उदाहरण है।

मुख्यमंत्री के निर्देश और राहत उपाय

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी हाल ही में विक्रमशिला सेतु का स्थल निरीक्षण कर चुके हैं। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अधिकारियों को सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए क्षतिग्रस्त भाग की मरम्मत और पुनर्स्थापन कार्य कराने के निर्देश दिए थे। साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जब तक विक्रमशिला सेतु पर आवागमन पूरी तरह सुचारू नहीं हो जाता, तब तक निजी दोपहिया और चारपहिया वाहनों से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा।

आम जनता पर असर

विक्रमशिला सेतु भागलपुर को गंगा के उत्तरी तट से जोड़ने वाला प्रमुख पुल है, जिसके बंद होने से हज़ारों लोगों को दैनिक आवागमन में भारी कठिनाई हो रही थी। बेली ब्रिज से परिचालन शुरू होने के बाद छोटे वाहनों के लिए यातायात बहाल हो गया है, जिससे स्थानीय निवासियों को तत्काल राहत मिली है। पुल की स्थायी मरम्मत का कार्य अभी जारी है और भारी वाहनों के परिचालन की अनुमति बाद में दिए जाने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि बिहार के पुराने पुल-बुनियादी ढाँचे की कमज़ोरी का संकेत है — यह ऐसे समय में आया जब राज्य में कई पुलों की दुर्दशा पर सवाल उठ रहे हैं। BRO की त्वरित तैनाती सराहनीय है, लेकिन बेली ब्रिज एक अस्थायी समाधान है, स्थायी नहीं। असली परीक्षा यह है कि क्षतिग्रस्त स्लैब की स्थायी मरम्मत कब और कितनी मज़बूती से होगी। भारी वाहनों पर प्रतिबंध जारी रहने से क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियाँ अभी भी आंशिक रूप से प्रभावित हैं, और इस पर ध्यान देना ज़रूरी है।
RashtraPress
22 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

विक्रमशिला सेतु पर बेली ब्रिज से परिचालन कब शुरू हुआ?
7 जून 2026 (रविवार) को विक्रमशिला सेतु पर बेली ब्रिज के ज़रिए छोटे वाहनों का परिचालन शुरू हुआ। इससे पहले शनिवार को सुरक्षा ट्रायल सफलतापूर्वक पूरा किया गया था।
विक्रमशिला सेतु पर यातायात क्यों बंद था?
3 मई 2026 की रात पुल का एक स्लैब गंगा नदी में गिर गया था, जिसके बाद सुरक्षा कारणों से सेतु पर सभी वाहनों का आवागमन पूरी तरह बंद कर दिया गया था।
बेली ब्रिज किसने तैयार किया और इसमें कितना समय लगा?
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की परिषद के निर्देश पर बॉर्डर रोड ऑर्गेनाइजेशन (BRO) की टीम ने बेली ब्रिज स्थापित किया। पथ निर्माण मंत्री कुमार शैलेन्द्र के अनुसार यह अत्यंत कम समय में तैयार किया गया।
क्या विक्रमशिला सेतु पर अभी भारी वाहन चल सकते हैं?
नहीं, फिलहाल ट्रक, बस और हाईवा जैसे भारी वाहनों को परिचालन की अनुमति नहीं दी गई है। केवल छोटे वाहनों को बेली ब्रिज से गुज़रने की अनुमति है।
विक्रमशिला सेतु पर टोल शुल्क के बारे में क्या निर्णय लिया गया है?
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने निर्देश दिया है कि जब तक विक्रमशिला सेतु पर आवागमन पूरी तरह सुचारू नहीं हो जाता, तब तक निजी दोपहिया और चारपहिया वाहनों से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा।
राष्ट्र प्रेस
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