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उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने तिरुचनूर में पद्मावती अम्मावरी मंदिर में किए देवी दर्शन

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उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने तिरुचनूर में पद्मावती अम्मावरी मंदिर में किए देवी दर्शन

सारांश

उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने आंध्र प्रदेश के दो दिवसीय दौरे के अंतिम दिन तिरुचनूर के श्री पद्मावती अम्मावरी मंदिर में देवी दर्शन किए। दौरे में डॉ. एनटीआर यूनिवर्सिटी के रूबी जुबली समारोह को संबोधन और महर्षि वाल्मीकि जयंती पर संदेश भी शामिल रहा।

मुख्य बातें

उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन 26-27 अक्टूबर 2026 को आंध्र प्रदेश के दो दिवसीय दौरे पर रहे।
27 अक्टूबर को उन्होंने तिरुचनूर के श्री पद्मावती अम्मावरी मंदिर में देवी दर्शन और प्रार्थना की।
उपराष्ट्रपति कार्यालय ने आधिकारिक एक्स हैंडल पर मंदिर दर्शन की चार तस्वीरें साझा कीं।
26 अक्टूबर को उन्होंने डॉ.
एनटीआर यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज के रूबी जुबली समारोह में चिकित्सा अनुसंधान और नवाचार में अधिक निवेश का आह्वान किया।
उन्होंने महर्षि वाल्मीकि जयंती पर एक्स पोस्ट के ज़रिए रामायण को भारतीय सभ्यतागत मूल्यों की अमूल्य धरोहर बताया।

उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने 27 अक्टूबर 2026 को आंध्र प्रदेश के तिरुचनूर स्थित पवित्र श्री पद्मावती अम्मावरी मंदिर में देवी दर्शन किए। यह उनके आंध्र प्रदेश के दो दिवसीय दौरे का अंतिम दिन था, जो 26 अक्टूबर से शुरू हुआ था।

मंदिर दर्शन और आधिकारिक जानकारी

उपराष्ट्रपति कार्यालय के आधिकारिक एक्स (पूर्व में ट्विटर) हैंडल पर इस दौरे की जानकारी साझा की गई, जिसमें लिखा गया कि 'उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने मंगलवार को आंध्र प्रदेश के तिरुचनूर में पवित्र श्री पद्मावती अम्मावरी मंदिर का दौरा किया और प्रार्थना की।' पोस्ट के साथ चार तस्वीरें भी साझा की गईं, जिनमें वे देवी पद्मावती के दर्शन करते दिखे।

स्वास्थ्य सेवा और चिकित्सा अनुसंधान पर ज़ोर

दौरे के पहले दिन सोमवार, 26 अक्टूबर को उपराष्ट्रपति ने डॉ. एनटीआर यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज के रूबी जुबली समारोह को संबोधित किया। इस अवसर पर उन्होंने चिकित्सा अनुसंधान और नवाचार में अधिक निवेश का आह्वान किया और स्पष्ट किया कि तकनीक को मानवता की सेवा में होना चाहिए तथा स्वास्थ्य सेवा के केंद्र में करुणा होनी चाहिए।

उन्होंने चिकित्सकों से अनुरोध किया कि वे नशीले पदार्थों के दुरुपयोग के विरुद्ध संघर्ष में नेतृत्व की भूमिका निभाएँ और नशा-मुक्त समाज के निर्माण में सहयोग करें।

महर्षि वाल्मीकि जयंती पर संदेश

विजयवाड़ा पहुँचने से पूर्व उपराष्ट्रपति ने महर्षि वाल्मीकि जयंती के अवसर पर एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा था, 'आदिकवि महर्षि वाल्मीकि द्वारा रचित रामायण, भारतीय संस्कृति और सभ्यतागत मूल्यों की एक अमूल्य धरोहर है। इसमें निहित सत्य, कर्तव्य, त्याग, करुणा और धर्म के आदर्श आज भी मानवता का मार्गदर्शन करते हैं।' उन्होंने आगे कहा कि वाल्मीकि की शिक्षाएँ नागरिकों को नैतिक मूल्य अपनाने और एक सामंजस्यपूर्ण, संवेदनशील एवं सशक्त समाज बनाने के लिए प्रेरित करती रहेंगी।

दौरे का महत्व

यह दौरा ऐसे समय में आया जब आंध्र प्रदेश में धार्मिक पर्यटन और तिरुपति-तिरुचनूर क्षेत्र के प्रति राष्ट्रीय नेतृत्व की सक्रियता बढ़ रही है। श्री पद्मावती अम्मावरी मंदिर तिरुमला-तिरुपति देवस्थानम के प्रमुख तीर्थस्थलों में से एक है और देश भर के श्रद्धालुओं के लिए विशेष महत्व रखता है। आगे उपराष्ट्रपति के अन्य राज्यों के दौरों पर भी नजर रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन आलोचक पूछ सकते हैं कि ऐसे संबोधनों के बाद नीतिगत ठोस कदम कब उठाए जाते हैं। वाल्मीकि जयंती पर सांस्कृतिक संदेश और मंदिर दर्शन मिलकर उस व्यापक प्रवृत्ति को दर्शाते हैं जिसमें संवैधानिक पदों पर बैठे व्यक्ति सॉफ्ट डिप्लोमेसी और धार्मिक आउटरीच के माध्यम से क्षेत्रीय सरोकारों से जुड़ते हैं।
RashtraPress
27 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने तिरुचनूर में कौन-से मंदिर के दर्शन किए?
उन्होंने 27 अक्टूबर 2026 को तिरुचनूर स्थित श्री पद्मावती अम्मावरी मंदिर के दर्शन किए और प्रार्थना की। यह मंदिर तिरुमला-तिरुपति देवस्थानम के प्रमुख तीर्थस्थलों में से एक है।
उपराष्ट्रपति का आंध्र प्रदेश दौरा कितने दिनों का था और क्या-क्या किया?
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन 26 और 27 अक्टूबर 2026 को दो दिवसीय दौरे पर आंध्र प्रदेश में रहे। पहले दिन उन्होंने डॉ. एनटीआर यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज के रूबी जुबली समारोह को संबोधित किया और दूसरे दिन तिरुचनूर में पद्मावती मंदिर में देवी दर्शन किए।
डॉ. एनटीआर यूनिवर्सिटी के समारोह में उपराष्ट्रपति ने क्या कहा?
उपराष्ट्रपति ने कहा कि तकनीक को मानवता की सेवा में होना चाहिए और स्वास्थ्य सेवा के मूल में करुणा होनी चाहिए। उन्होंने चिकित्सा अनुसंधान और नवाचार में अधिक निवेश का आह्वान किया तथा डॉक्टरों से नशीले पदार्थों के दुरुपयोग के खिलाफ नेतृत्व करने का आग्रह किया।
उपराष्ट्रपति ने महर्षि वाल्मीकि जयंती पर क्या संदेश दिया?
उन्होंने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि आदिकवि महर्षि वाल्मीकि द्वारा रचित रामायण भारतीय संस्कृति और सभ्यतागत मूल्यों की अमूल्य धरोहर है। उन्होंने कहा कि इसमें निहित सत्य, कर्तव्य, त्याग, करुणा और धर्म के आदर्श आज भी मानवता का मार्गदर्शन करते हैं।
श्री पद्मावती अम्मावरी मंदिर तिरुचनूर का क्या महत्व है?
श्री पद्मावती अम्मावरी मंदिर तिरुचनूर, तिरुमला-तिरुपति देवस्थानम के प्रमुख तीर्थस्थलों में से एक है। यह देश भर के लाखों श्रद्धालुओं के लिए विशेष धार्मिक महत्व रखता है और तिरुपति तीर्थयात्रा का अभिन्न हिस्सा माना जाता है।
राष्ट्र प्रेस
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