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पश्चिम बंगाल में चुनाव से पहले अधिकारियों के तबादले का मुद्दा: केसी त्यागी की प्रतिक्रिया

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पश्चिम बंगाल में चुनाव से पहले अधिकारियों के तबादले का मुद्दा: केसी त्यागी की प्रतिक्रिया

सारांश

पूर्व राज्यसभा सांसद केसी त्यागी ने ममता बनर्जी के अधिकारियों के तबादले के आरोपों पर विस्तार से प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह कोई नई बात नहीं है, और चुनाव आयोग के पास निष्पक्ष चुनाव के लिए अधिकार है।

मुख्य बातें

पश्चिम बंगाल में चुनाव से पहले अधिकारियों के तबादले की प्रक्रिया जारी है।
केसी त्यागी ने इसे पहली बार नहीं बताया।
चुनाव आयोग को निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने का अधिकार है।
फिल्म 'धुरंधर 2' पर केसी त्यागी की चिंता खतरनाक प्रवृत्ति को दर्शाती है।

नई दिल्ली, 20 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। पूर्व राज्यसभा सांसद केसी त्यागी ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बयान पर तीखा जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि यह पहली बार नहीं है जब किसी राज्य में चुनाव से पहले अधिकारियों के तबादले हुए हैं।

नई दिल्ली में राष्ट्र प्रेस से बातचीत में केसी त्यागी ने कहा कि चुनाव आयोग ने हमेशा उन अधिकारियों के तबादले किए हैं जो पक्षपाती रवैया अपनाते हैं। यह कोई नई बात नहीं है। निष्पक्ष चुनाव के लिए आयोग को निर्णय लेने का पूरा अधिकार है।

फिल्म 'धुरंधर 2' में माफिया अतीक अहमद के आईएसआई से संबंध दिखाए जाने पर केसी त्यागी ने कहा कि यह एक खतरनाक प्रवृत्ति है और सरकार को इस पर कड़े कदम उठाने चाहिए।

एबीवीपी द्वारा जम्मू विश्वविद्यालय के राजनीति विज्ञान पाठ्यक्रम से मुहम्मद अली जिन्ना का नाम हटाने की मांग पर केसी त्यागी ने कहा कि यह एक सरकारी निर्णय है और हम इस पर हस्तक्षेप नहीं करना चाहते।

भारत की तटस्थ नीति पर कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी के बयान पर केसी त्यागी ने कहा कि तटस्थ राजनीति का मतलब गुटनिरपेक्षता है। यह विचार सबसे पहले भारत के प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू द्वारा प्रस्तुत किया गया था और हम इसी पर चलते हैं।

कांग्रेस सांसद शशि थरूर के बयान पर केसी त्यागी ने कहा कि वह भी उस कार्यक्रम में मौजूद थे जिसमें थरूर ने अपने विचार व्यक्त किए। संसद का उपयोग केवल चर्चा के लिए होना चाहिए, न कि हंगामे के लिए। मैं उनके विचारों का स्वागत करता हूं।

आपको बता दें कि ममता बनर्जी ने अधिकारियों के तबादले को लेकर भाजपा और चुनाव आयोग पर आरोप लगाया है कि चुनाव हारने के कारण भाजपा यह सब करवा रही है, जबकि आयोग ने कहा है कि निष्पक्ष चुनाव के लिए यह आवश्यक है।

बंगाल में दो चरणों में विधानसभा चुनाव होंगे। पहले चरण में 23 अप्रैल को 152 विधानसभा सीटों पर मतदान होगा, जबकि दूसरे चरण में 29 अप्रैल को 142 विधानसभा सीटों पर मतदान होगा और 4 मई को चुनाव के परिणाम घोषित किए जाएंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन आयोग के अधिकारों की पुष्टि भी करती है।
RashtraPress
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या पश्चिम बंगाल में अधिकारियों के तबादले की यह प्रक्रिया नई है?
नहीं, यह प्रक्रिया पहले भी होती रही है और इसे चुनाव आयोग द्वारा निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए किया जाता है।
केसी त्यागी ने ममता बनर्जी के बयान पर क्या प्रतिक्रिया दी?
केसी त्यागी ने कहा कि अधिकारियों के तबादले कोई नई बात नहीं है और यह चुनाव आयोग के अधिकार में है।
राष्ट्र प्रेस
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