8 अगस्त 2026
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क्या पश्चिम बंगाल में चार विधानसभा क्षेत्रों की मतदाता सूची गायब है?

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क्या पश्चिम बंगाल में चार विधानसभा क्षेत्रों की मतदाता सूची गायब है?

सारांश

क्या आप जानते हैं कि पश्चिम बंगाल के चार विधानसभा क्षेत्रों की 2002 की मतदाता सूचियां गायब हैं? जानिए इस मुद्दे की गहराई और चुनाव आयोग की योजना के बारे में।

मुख्य बातें

चार विधानसभा क्षेत्रों की 2002 की एसआईआर मतदाता सूचियां गायब हैं।
चुनाव आयोग ने इस मामले में तेजी से कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।
2002 की एसआईआर मतदाता सूची के आधार पर एक और दौर की प्रक्रिया शुरू होगी।

कोलकाता, 4 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम बंगाल में दो जिलों के चार विधानसभा क्षेत्रों की 2002 की विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) मतदाता सूचियां उपलब्ध नहीं हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के एक अधिकारी ने सोमवार को इसकी पुष्टि की।

2002 की एसआईआर मतदाता सूचियां नई एसआईआर का आधार हैं, जिसकी प्रक्रिया पश्चिम बंगाल के पड़ोसी राज्य बिहार के मामले में पहले ही पूरी हो चुकी है।

जिन विधानसभा क्षेत्रों की 2002 एसआईआर मतदाता सूचियां गायब हैं, वे हैं बीरभूम जिले में मुरारई, रामपुरहाट एवं राजनगर और दक्षिण 24 परगना जिले में कुलपी।

हालांकि, कूचबिहार, जलपाईगुड़ी, दार्जिलिंग, उत्तर दिनाजपुर, दक्षिण दिनाजपुर, मालदा, नादिया, हावड़ा, हुगली, पश्चिम मिदनापुर और बांकुरा जिलों के सौ से अधिक विधानसभा क्षेत्रों की 2002 एसआईआर मतदाता सूचियां अब तक पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइट पर प्रकाशित की जा चुकी हैं।

अधिकारी के अनुसार, 23 साल पुरानी एसआईआर मतदाता सूची को संरक्षित किया जाना है।

उन्होंने कहा, "उन चार विधानसभा क्षेत्रों की 2002 की एसआईआर मतदाता सूची को खोजा जा रहा है। आयोग को उम्मीद है कि सूची जल्द ही उपलब्ध हो जाएगी। अगर सूची उपलब्ध नहीं होती है, तो विकल्प के तौर पर 2003 की मसौदा मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।"

जानकारी के मुताबिक, पश्चिम बंगाल में मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल के कार्यालय ने बीरभूम और दक्षिण 24 परगना के जिला मजिस्ट्रेटों को निर्देश दिया है कि वे 2002 की एसआईआर मतदाता सूचियों के गायब होने का जल्द से जल्द पता लगाएं। ये अधिकारी संबंधित जिले के जिला निर्वाचन अधिकारी भी हैं।

पश्चिम बंगाल में पिछली एसआईआर दो दशक पहले 2002 में आयोजित की गई थी। अधिकारी ने कहा कि चुनाव आयोग उस मतदाता सूची के आधार पर एसआईआर का एक और दौर आयोजित करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

एसआईआर की प्रक्रिया बिहार से शुरू हुई। बाद में चुनाव आयोग ने कहा कि यह प्रक्रिया न सिर्फ बिहार में, बल्कि अन्य राज्यों में भी लागू की जाएगी। आयोग ने 2002 की एसआईटी मतदाता सूची का प्रकाशन शुरू कर दिया है। यह सूची राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइट पर पहले ही प्रकाशित हो चुकी है।

अब तक चुनाव आयोग 11 जिलों के सौ से ज्‍यादा विधानसभा क्षेत्रों की मतदाता सूचियां प्रकाशित कर चुका है। चुनाव आयोग के सूत्रों के अनुसार, शेष जिलों के सभी विधानसभा क्षेत्रों की मतदाता सूचियां इसी सप्ताह प्रकाशित कर दी जाएंगी।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कौन से विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूचियां गायब हैं?
गायब विधानसभा क्षेत्र हैं मुरारई, रामपुरहाट, राजनगर (बीरभूम) और कुलपी (दक्षिण 24 परगना)।
मतदाता सूचियों की पुनरीक्षण प्रक्रिया कब हुई थी?
पश्चिम बंगाल में पिछली एसआईआर 2002 में आयोजित की गई थी।
चुनाव आयोग इस स्थिति में क्या कदम उठाएगा?
चुनाव आयोग ने कहा है कि अगर 2002 की सूची उपलब्ध नहीं होती है, तो 2003 की मसौदा सूची प्रकाशित की जाएगी।
राष्ट्र प्रेस
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