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फरवरी में भारत की औद्योगिक वृद्धि दर 5.2 प्रतिशत पर पहुँची

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फरवरी में भारत की औद्योगिक वृद्धि दर 5.2 प्रतिशत पर पहुँची

सारांश

भारत की औद्योगिक वृद्धि दर में फरवरी में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है, जो 5.2 प्रतिशत तक पहुँच गई है। यह वृद्धि मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की विकास गतिविधियों के कारण हुई है, जो रोजगार के अवसर बढ़ाने में सहायक है। जानिए इस क्षेत्र में क्या हो रहा है!

मुख्य बातें

फरवरी में औद्योगिक वृद्धि दर 5.2 प्रतिशत हुई।
मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र में 6 प्रतिशत की वृद्धि हुई।
14 में से 23 उद्योग समूहों ने सकारात्मक वृद्धि दिखायी।
आधारभूत धातुओं, मोटर वाहनों और मशीनरी में वृद्धि हुई।
सरकारी निवेश से अवसंरचना क्षेत्र में 11.5 प्रतिशत की वृद्धि हुई।

नई दिल्ली, 30 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। भारत की औद्योगिक वृद्धि दर फरवरी माह में 5.2 प्रतिशत तक पहुँच गई है, जबकि जनवरी में यह 4.8 प्रतिशत थी। यह वृद्धि मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की गतिविधियों में तेज़ी के कारण हुई है। यह जानकारी सांख्यिकी मंत्रालय द्वारा सोमवार को साझा की गई।

मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र का आईआईपी में योगदान तीन-चौथाई है, और फरवरी में इसमें सालाना आधार पर 6 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई।

मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में तेज़ वृद्धि एक सकारात्मक संकेत है, क्योंकि यह क्षेत्र देश के इंजीनियरिंग संस्थानों और विश्वविद्यालयों से स्नातक करने वाले युवाओं को गुणवत्तापूर्ण रोजगार प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

फरवरी में, मैन्युफैक्चरिंग के 23 उद्योग समूहों में से 14 ने फरवरी 2025 की तुलना में सकारात्मक वृद्धि दर्शाई है।

इसमें प्रमुख योगदान देने वाले क्षेत्र हैं: बुनियादी धातुओं का निर्माण (जिसमें इस्पात उत्पाद शामिल हैं), मोटर वाहन, और मशीनरी एवं उपकरण (जिसमें ट्रैक्टर शामिल हैं)। इन तीनों क्षेत्रों में दोहरे अंकों की वृद्धि देखी गई।

खनन क्षेत्र में फरवरी में 3.1 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि बिजली उत्पादन में इस महीने में 2.3 प्रतिशत की वृद्धि हुई।

उपयोग-आधारित वर्गीकरण के आंकड़ों से यह पता चलता है कि मशीनरी सहित पूंजीगत वस्तुओं के उत्पादन में इस वर्ष फरवरी में 12.5 प्रतिशत की वृद्धि हुई। यह संकेत करता है कि अर्थव्यवस्था में वास्तविक निवेश हो रहा है, जो आगे चलकर रोजगार सृजन और आय में वृद्धि पर सकारात्मक प्रभाव डालता है।

फरवरी के दौरान, इलेक्ट्रॉनिक सामान, रेफ्रिजरेटर और टीवी जैसी उपभोक्ता वस्तुओं के उत्पादन में भी 7.3 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जो बढ़ती आय के बीच इन वस्तुओं की बढ़ती उपभोक्ता मांग को दर्शाता है।

सरकार द्वारा राजमार्गों, बंदरगाहों और रेलवे परियोजनाओं में किए गए बड़े निवेशों के कारण अवसंरचना और निर्माण सामग्री क्षेत्र में भी इस माह 11.5 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि दर्ज की गई। इन परियोजनाओं से बड़े पैमाने पर रोजगार सृजित होता है और समग्र आर्थिक विकास दर में वृद्धि होती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

विशेषकर युवा स्नातकों के लिए।
RashtraPress
16 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत की औद्योगिक वृद्धि दर क्या है?
भारत की औद्योगिक वृद्धि दर फरवरी में 5.2 प्रतिशत रही है।
इस वृद्धि का मुख्य कारण क्या है?
इस वृद्धि का मुख्य कारण मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की गतिविधियों में तेज़ी है।
मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की कितनी हिस्सेदारी है?
मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की हिस्सेदारी आईआईपी में तीन-चौथाई है।
इस वृद्धि के क्या सकारात्मक प्रभाव हैं?
यह वृद्धि रोजगार सृजन और आय में वृद्धि में सहायक होगी।
फरवरी में कौन से क्षेत्र में वृद्धि हुई है?
फरवरी में बुनियादी धातुओं, मोटर वाहनों और मशीनरी एवं उपकरण में वृद्धि हुई है।
राष्ट्र प्रेस
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