7 नवंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

क्या आरबीआई ने डिजिटल पेमेंट ट्रांजैक्शन के लिए ऑथेंटिकेशन मैकेनिज्म पर दिशानिर्देश जारी किए?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या आरबीआई ने डिजिटल पेमेंट ट्रांजैक्शन के लिए ऑथेंटिकेशन मैकेनिज्म पर दिशानिर्देश जारी किए?

सारांश

आरबीआई ने डिजिटल पेमेंट ट्रांजैक्शन के लिए नए ऑथेंटिकेशन मैकेनिज्म पर दिशानिर्देश जारी किए हैं। 1 अप्रैल, 2026 से लागू होने वाले इन दिशा-निर्देशों का उद्देश्य तकनीकी प्रगति का लाभ उठाना है। जानें इसके महत्व और प्रभाव के बारे में।

मुख्य बातें

आरबीआई ने डिजिटल पेमेंट के लिए नए ऑथेंटिकेशन मैकेनिज्म की घोषणा की है।
ये दिशानिर्देश 1 अप्रैल, 2026 से लागू होंगे।
सभी डिजिटल ट्रांजैक्शन के लिए दो ऑथेंटिकेशन फैक्टर अनिवार्य होंगे।

नई दिल्ली, २५ सितंबर (राष्ट्र प्रेस)। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) ने गुरुवार को डिजिटल पेमेंट ट्रांजैक्शन के लिए ऑथेंटिकेशन मैकेनिज्म के फ्रेमवर्क पर एक ड्राफ्ट गाइडलाइन जारी की है। यह नियम १ अप्रैल, २०२६ से प्रभावी होगा।

केंद्रीय बैंक ने कहा है कि आम जनता से प्राप्त फीडबैक को ध्यान में रखते हुए इन दिशानिर्देशों को अंतिम रूप दिया गया है। इनका उद्देश्य तकनीकी उन्नति का लाभ उठाकर ऑथेंटिकेशन के नए तरीके विकसित करना है।

हालांकि, इस फ्रेमवर्क में एसएमएस-बेस्ड ओटीपी को ऑथेंटिकेशन फैक्टर के रूप में समाप्त करने का उल्लेख नहीं किया गया है।

इसका एक और उद्देश्य यह है कि जारीकर्ता, मूल ट्रांजैक्शन के धोखाधड़ी जोखिम के आधार पर न्यूनतम दो-फैक्टर ऑथेंटिकेशन के अतिरिक्त जोखिम-आधारित जांचें लागू कर सकें और इंटरऑपरेबिलिटी एवं तकनीक तक खुली पहुंच को बढ़ावा दे सकें।

आरबीआई का कहना है कि भारत में सभी डिजिटल पेमेंट ट्रांजैक्शन को दो ऑथेंटिकेशन फैक्टर के नियम का पालन करना आवश्यक है।

हालांकि, ऑथेंटिकेशन के लिए कोई विशेष फैक्टर अनिवार्य नहीं था, लेकिन डिजिटल पेमेंट इकोसिस्टम ने मुख्य रूप से एसएमएस-बेस्ड वन टाइम पासवर्ड (ओटीपी) को अतिरिक्त फैक्टर के रूप में अपनाया है।

आरबीआई के अनुसार, "सभी डिजिटल पेमेंट ट्रांजैक्शन को कम से कम दो अलग-अलग ऑथेंटिकेशन फैक्टर से प्रमाणित किया जाएगा, जब तक कि छूट न दी गई हो।" जारीकर्ता अपनी पसंद के अनुसार इन दिशानिर्देशों के तहत अपने ग्राहकों को ऑथेंटिकेशन फैक्टर का विकल्प दे सकते हैं।

इसमें आगे कहा गया है, "यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कार्ड प्रेजेंट ट्रांजैक्शन को छोड़कर, सभी डिजिटल पेमेंट ट्रांजैक्शन के लिए, ऑथेंटिकेशन के कम से कम एक फैक्टर को डायनेमिक रूप से प्रमाणित किया जाए, यानी ट्रांजैक्शन के हिस्से के रूप में भेजे गए फैक्टर का प्रमाण उस ट्रांजैक्शन के लिए अद्वितीय हो।" ऑथेंटिकेशन का फैक्टर ऐसा होना चाहिए कि एक फैक्टर में गड़बड़ी दूसरे की विश्वसनीयता को प्रभावित न करे।

साथ ही, सिस्टम प्रोवाइडर और सिस्टम पार्टिसिपेंट ऑथेंटिकेशन या टोकनलाइजेशन सेवा प्रदान करेंगे, जो उस ऑपरेटिंग एनवायरनमेंट में काम करने वाले सभी एप्लिकेशन और टोकन रिक्वेस्ट करने वालों के लिए सभी यूज़ केस और चैनल या टोकन स्टोरेज मैकेनिज्म के लिए सुलभ होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

मेरा मानना है कि आरबीआई के नए दिशा-निर्देश डिजिटल पेमेंट के क्षेत्र में सुरक्षा को बढ़ावा देंगे। इस पहल के माध्यम से, धोखाधड़ी के मामलों को कम करने और उपभोक्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है।
RashtraPress
7 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आरबीआई के नए दिशानिर्देश कब लागू होंगे?
ये दिशानिर्देश 1 अप्रैल, 2026 से लागू होंगे।
डिजिटल पेमेंट ट्रांजैक्शन के लिए कितने ऑथेंटिकेशन फैक्टर आवश्यक हैं?
सभी डिजिटल पेमेंट ट्रांजैक्शन को कम से कम दो ऑथेंटिकेशन फैक्टर से प्रमाणित किया जाएगा।
क्या SMS आधारित OTP को ऑथेंटिकेशन फैक्टर के रूप में समाप्त किया गया है?
नहीं, इस फ्रेमवर्क में SMS आधारित OTP को ऑथेंटिकेशन फैक्टर के रूप में समाप्त करने का उल्लेख नहीं किया गया है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 महीने पहले
  2. 3 महीने पहले
  3. 6 महीने पहले
  4. 7 महीने पहले
  5. 7 महीने पहले
  6. 7 महीने पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले