24 सितंबर 2026
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एशियन गेम्स रोइंग: सतनाम-सलमान की डबल स्कल्स जोड़ी ने जीता ब्रॉन्ज, बलराज पंवार चौथे स्थान पर

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एशियन गेम्स रोइंग: सतनाम-सलमान की डबल स्कल्स जोड़ी ने जीता ब्रॉन्ज, बलराज पंवार चौथे स्थान पर

सारांश

गिफू में भारतीय रोइंग ने आधा जीता, आधा गँवाया। सतनाम सिंह और सलमान खान की जोड़ी ने डबल स्कल्स में 6:13.25 सेकंड के साथ ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया, जबकि बलराज पंवार एकल में आखिरी 500 मीटर में फिसलकर चौथे स्थान पर रह गए — पोडियम से बस एक कदम दूर।

मुख्य बातें

सतनाम सिंह और सलमान खान ने 24 सितंबर 2026 को पुरुषों की डबल स्कल्स में 6:13.25 सेकंड के साथ ब्रॉन्ज मेडल जीता।
गोल्ड चीन ( 6:09.77 सेकंड ), सिल्वर उज्बेकिस्तान ( 6:10.49 सेकंड ) ने जीता।
बलराज पंवार एकल स्कल्स फाइनल में 6:54.80 सेकंड के साथ चौथे स्थान पर रहे, पदक से चूके।
यह सतनाम सिंह का एशियन गेम्स में दूसरा पदक है — पहला 2023 हांगझोऊ में क्वाड्रपल स्कल्स में मिला था।
सलमान खान TOPS योजना के लाभार्थी हैं और उन्हें भारतीय सेना में नायब सूबेदार पद पर पदोन्नति मिली है।

नागरागावा इंटरनेशनल रेगाटा कोर्स, गिफू में 24 सितंबर 2026 को भारतीय रोवर्स सतनाम सिंह और सलमान खान ने पुरुषों की डबल स्कल्स स्पर्धा में 6:13.25 सेकंड का समय दर्ज कर ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया। वहीं, एकल स्कल्स फाइनल में बलराज पंवार 6:54.80 सेकंड के समय के साथ चौथे स्थान पर रहे और पदक जीतने का अवसर चूक गए।

डबल स्कल्स फाइनल: भारत ने कैसे जीता ब्रॉन्ज

डबल स्कल्स स्पर्धा में चीन के जुडी यी और यिदे नी ने 6:09.77 सेकंड के साथ गोल्ड मेडल जीता। उज्बेकिस्तान के पावेल सोरिन और मेखरोजबेक ममातकुलोव 6:10.49 सेकंड में दूसरे स्थान पर रहे और सिल्वर मेडल अपने नाम किया।

भारतीय जोड़ी ने रेस के दौरान उतार-चढ़ाव भरा प्रदर्शन किया। 1000 मीटर की दूरी पूरी होने पर वे उज्बेकिस्तान और चीन के पीछे तीसरे स्थान पर थे। इसके बाद 500 मीटर बाकी रहते वे दूसरे स्थान पर आ गए, लेकिन अंतिम चरण में उज्बेकिस्तान की जोड़ी ने उन्हें पछाड़ दिया और भारत तीसरे स्थान पर रेस समाप्त की।

सतनाम का दूसरा एशियन गेम्स पदक

यह सतनाम सिंह का एशियन गेम्स में दूसरा मेडल है। 2023 में हांगझोऊ एशियन गेम्स में वे पुरुषों की क्वाड्रपल स्कल्स क्रू का हिस्सा रहे थे और उस टीम ने भी ब्रॉन्ज मेडल जीता था। गौरतलब है कि यह उनकी निरंतरता और अनुभव दोनों को दर्शाता है।

सलमान खान की प्रेरणादायक यात्रा

उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले के रहने वाले सलमान खान को टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम (TOPS) में शामिल किया गया था, जहाँ उन्हें एलीट ट्रेनिंग और स्पोर्ट्स साइंस सपोर्ट मिली। इस सहयोग का परिणाम एशियन रोइंग कप पदक के रूप में सामने आया। इस उपलब्धि के बाद उन्हें भारतीय सेना में नायब सूबेदार के पद पर पदोन्नति भी दी गई।

यह ऐसे समय में आया है जब TOPS जैसी सरकारी योजनाओं के तहत प्रशिक्षित एथलीट अंतरराष्ट्रीय मंचों पर लगातार परिणाम दे रहे हैं। सलमान की कहानी ग्रामीण पृष्ठभूमि से उठकर एशियाई स्तर पर पदक जीतने की मिसाल है।

बलराज पंवार की एकल स्कल्स में निराशा

पुरुषों की एकल स्कल्स फाइनल में बलराज पंवार शुरू में चीन के झिवेई डेंग के पीछे सिल्वर मेडल की स्थिति में थे। हालाँकि उज्बेकिस्तान के शाखबोज खोलमुरजाएव ने अंतिम 500 मीटर में बलराज को पछाड़ दिया और वे चौथे स्थान पर खिसक गए।

एकल स्कल्स के परिणाम इस प्रकार रहे: चीन के झिवेई डेंग (6:38.98 सेकंड) ने गोल्ड, उज्बेकिस्तान के खोलमुरजाएव (6:41.83 सेकंड) ने सिल्वर और जापान के तात्सुया सकुरामा (6:46.78 सेकंड) ने ब्रॉन्ज मेडल जीता। बलराज 6:54.80 सेकंड के साथ चौथे स्थान पर रहे।

भारतीय रोइंग का बढ़ता कद

सतनाम-सलमान का यह पदक भारतीय रोइंग के लिए एशियाई स्तर पर बढ़ते प्रतिस्पर्धात्मक कद का प्रमाण है। बलराज की चौथे स्थान पर रही दावेदारी भी यह संकेत देती है कि भारतीय एकल रोवर्स पदक की दहलीज़ तक पहुँचने की क्षमता रखते हैं। आगामी ओलंपिक चक्र में इस प्रदर्शन का असर भारतीय रोइंग की रैंकिंग और चयन प्रक्रिया पर पड़ सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन बलराज पंवार का चौथा स्थान उस पुरानी पीड़ा को दोहराता है जो भारतीय खेलों में 'पदक की दहलीज़ पर' वाली कहानी बन चुकी है। TOPS योजना ने सलमान खान जैसे ग्रामीण प्रतिभाओं को तराशने में भूमिका निभाई है, लेकिन एकल स्पर्धाओं में चीन और उज्बेकिस्तान से पिछड़ना यह दर्शाता है कि व्यक्तिगत तकनीकी प्रशिक्षण में अभी लंबा रास्ता तय करना है। एशियन गेम्स 2026 भारतीय रोइंग के लिए एक मिश्रित तस्वीर पेश करता है — जोड़ी में ताकत, एकल में कमज़ोरी — और यह अंतर अगले ओलंपिक चक्र के लिए नीति-निर्माताओं के लिए गंभीर विचार का विषय होना चाहिए।
RashtraPress
24 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एशियन गेम्स 2026 में सतनाम सिंह और सलमान खान ने कौन-सा मेडल जीता?
सतनाम सिंह और सलमान खान ने गिफू में 24 सितंबर 2026 को पुरुषों की डबल स्कल्स स्पर्धा में 6:13.25 सेकंड के समय के साथ ब्रॉन्ज मेडल जीता। गोल्ड चीन और सिल्वर उज्बेकिस्तान को मिला।
बलराज पंवार एशियन गेम्स एकल स्कल्स में मेडल क्यों नहीं जीत पाए?
बलराज पंवार अंतिम 500 मीटर में सिल्वर की स्थिति में थे, लेकिन उज्बेकिस्तान के शाखबोज खोलमुरजाएव ने उन्हें पछाड़ दिया और वे 6:54.80 सेकंड के साथ चौथे स्थान पर रह गए। एकल स्कल्स में गोल्ड चीन के झिवेई डेंग को मिला।
सतनाम सिंह के कितने एशियन गेम्स मेडल हैं?
सतनाम सिंह के एशियन गेम्स में दो मेडल हैं। पहला 2023 हांगझोऊ एशियन गेम्स में पुरुषों की क्वाड्रपल स्कल्स टीम के साथ ब्रॉन्ज और दूसरा 2026 गिफू एशियन गेम्स में डबल स्कल्स में ब्रॉन्ज।
सलमान खान रोवर कौन हैं और TOPS से उन्हें क्या मिला?
सलमान खान उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले के रोवर हैं, जिन्हें टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम (TOPS) के अंतर्गत एलीट ट्रेनिंग और स्पोर्ट्स साइंस सपोर्ट मिली। इस समर्थन के बाद उन्होंने एशियन रोइंग कप में पदक जीता और भारतीय सेना में नायब सूबेदार पद पर पदोन्नति प्राप्त की।
एशियन गेम्स 2026 डबल स्कल्स का पूरा परिणाम क्या रहा?
पुरुषों की डबल स्कल्स में चीन के जुडी यी और यिदे नी ने 6:09.77 सेकंड में गोल्ड, उज्बेकिस्तान के पावेल सोरिन और मेखरोजबेक ममातकुलोव ने 6:10.49 सेकंड में सिल्वर, और भारत के सतनाम सिंह व सलमान खान ने 6:13.25 सेकंड में ब्रॉन्ज मेडल जीता।
राष्ट्र प्रेस
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