बाइचुंग भूटिया बोले — एशिया को 8 स्पॉट मिले, फिर भी फीफा विश्व कप भारत की पहुँच से दूर
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय फुटबॉल के पूर्व कप्तान बाइचुंग भूटिया ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि फीफा विश्व कप 2026 में एशिया को मिले 8 सीधे क्वालिफिकेशन स्पॉट के बावजूद भारतीय फुटबॉल टीम इस कोटे में जगह बनाने से अभी भी काफी दूर है। 3 जुलाई को एक विशेष बातचीत में भूटिया ने कहा कि भारत को एशिया के शीर्ष देशों के बराबर पहुँचने के लिए असाधारण मेहनत और दीर्घकालिक सुधार की ज़रूरत है।
एशियाई फुटबॉल में बदलाव, भारत कहाँ खड़ा है
जी5 फीफा विश्व कप 2026 के मीडिया पैनल में विशेषज्ञ के रूप में शामिल भूटिया ने कहा कि इस टूर्नामेंट में एशिया का कोटा 4 से बढ़ाकर 8 टीमें किया जाना एक सकारात्मक संकेत है। उन्होंने कहा, जापान, दक्षिण कोरिया और उज़्बेकिस्तान जैसी टीमों का प्रदर्शन बेहद प्रभावशाली रहा — हर एशियाई टीम ने कम से कम एक गोल किया और कम से कम एक अंक हासिल किया।
भूटिया ने कहा, "भारत अभी भी उस 8 कोटे के अंदर क्वालीफाई करने के मामले में काफी दूर है। हमें उस स्तर तक पहुँचने के लिए बहुत मेहनत करनी होगी।" यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय फुटबॉल संघ अपनी विकास योजनाओं पर पुनर्विचार कर रहा है।
विश्व कप 2026 का विजेता कौन — भूटिया की राय
भूटिया ने फ्रांस, स्पेन, इंग्लैंड और अर्जेंटीना को इस टूर्नामेंट की सबसे मज़बूत टीमें बताया। उन्होंने कहा, "अगर मुझे किसी एक को चुनना हो, तो मुझे लगता है कि फ्रांस इस समय पसंदीदा है। उनके पास टीम का ओवरऑल संतुलन, गहराई और जिस तरह की बेंच स्ट्रेंथ है, वह उन्हें बाकियों से अलग करती है।"
गोल्डन बूट के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने किलियन एम्बाप्पे का नाम लिया और कहा कि वे इस पुरस्कार के प्रबल दावेदार हैं।
रोनाल्डो का भविष्य और पुर्तगाल की चुनौती
राउंड ऑफ 16 में पुर्तगाल और स्पेन के बीच होने वाले मुकाबले पर भूटिया ने कहा कि पुर्तगाल एक टीम के रूप में नहीं खेल रहा। "वहाँ बहुत सारे सुपरस्टार हैं, लेकिन वे एक इकाई के तौर पर प्रदर्शन नहीं कर पाए हैं। अगर यही हाल रहा, तो यह मैच क्रिस्टियानो रोनाल्डो का आखिरी विश्व कप मैच हो सकता है।"
वीएआर और ऑफसाइड कानून पर विशेषज्ञ राय
इस विश्व कप में वीएआर के ज़रिये कई मामूली ऑफसाइड फैसलों पर गोल रद्द होने की बहस पर भूटिया ने कहा कि वीएआर को बनाए रखना ज़रूरी है क्योंकि इसके बिना विवाद और अधिक होंगे। उन्होंने सुझाव दिया कि ऑफसाइड निर्धारण में खिलाड़ी के पूरे शरीर की बजाय उसके पैरों को आधार बनाया जाए, जिससे अटैकर्स को थोड़ा लाभ मिल सके।
गौरतलब है कि वीएआर तकनीक को लेकर वैश्विक फुटबॉल में बहस जारी है और फीफा भी इस पर समीक्षा कर रहा है। भूटिया की यह राय उस व्यापक चर्चा में एक अनुभवी खिलाड़ी का दृष्टिकोण जोड़ती है।